India and United Kingdom Free Trade Agreement
India and United Kingdom Free Trade Agreement –
संदर्भ:
भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) 2025 में संपन्न हुआ है। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में लंदन में सम्पन्न हुआ। तीन वर्षों से अधिक चली वार्ता के बाद यह समझौता भारत-UK व्यापार संबंधों में एक नई ऊर्जा और गहराई लाने वाला कदम है।
समझौते की मुख्य बातें:
- यह समझौता भारत से ब्रिटेन को होने वाले 99% निर्यात पर टैरिफ (आयात शुल्क) में छूट प्रदान करता है।
- इससे भारतीय उत्पाद ब्रिटेन में सस्ते दरों पर प्रवेश कर सकेंगे, जिससे दोनों देशों के उपभोक्ताओं और व्यापारियों को लाभ होगा।
- ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, कार और वाइन जैसे उत्पादों की बिक्री पर टैरिफ को 15% से घटाकर 3% किया जाएगा।
- इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार प्रत्येक वर्ष 3 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ने की संभावना है।
FTA क्या होता है?
- FTA यानी Free Trade Agreement (मुक्त व्यापार समझौता) एक ऐसा समझौता होता है, जिसमें दो या अधिक देश आपसी व्यापार को आसान बनाने के लिए टैरिफ कम करते हैं या पूरी तरह समाप्त कर देते हैं।
- इसका उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं के सरल और सस्ते व्यापार को प्रोत्साहित करना होता है।
- इससे कंपनियों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलती है।
किन उत्पादों पर पड़ेगा सीधा प्रभाव?
- कारें: ब्रिटेन की लग्जरी कारें जैसे जगुआर और लैंड रोवर अब भारत में सस्ती हो सकती हैं।
- स्कॉच व्हिस्की और वाइन: इंग्लैंड से आयात होने वाली शराब और वाइन पर टैरिफ में कमी आएगी, जिससे कीमतें घटेंगी।
- फैशन और कपड़े: ब्रिटेन से आने वाले ब्रांडेड कपड़े, फैशन उत्पाद और होमवेयर पहले से किफायती होंगे।
- फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स: इंडस्ट्रियल मशीनरी, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर लागत घटेगी।
- रत्न और आभूषण: भारत के आभूषण और रत्न ब्रिटेन में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बिकेंगे, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
भारत को क्या लाभ मिलेगा?
- भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2023-24 में UK को 9 बिलियन डॉलर (1.12 लाख करोड़ रुपये) था, जिसे यह समझौता और गति देगा।
- इस डील से भारत को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
- भारत की डेवलप्ड मार्केट्स तक पहुंच, विशेष रूप से यूरोप और अमेरिका जैसे बाजारों में, और अधिक मज़बूत होगी।
- निर्यात वृद्धि के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की संभावना है।
बातचीत की पृष्ठभूमि:
- भारत और UK के बीच FTA को लेकर वार्ता 13 जनवरी 2022 को प्रारंभ हुई थी।
- लगभग 5 साल बाद, इस समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किए गए।
- 24 फरवरी 2024 को भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स ने वार्ता को दोबारा गति देने की घोषणा की थी।
भारत की FTA नीति:
- भारत ने 2014 के बाद से मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
- भारत अब यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ भी इसी तरह के समझौतों पर सक्रियता से बातचीत कर रहा है।
किन क्षेत्रों और लोगों को होगा सीधा लाभ?
- भारतीय किसान और व्यापारी: जो दाल, चावल, मसाले, मेवे आदि ब्रिटेन भेजते हैं।
- शराब, बीयर और खाद्य उत्पाद उद्योग: शराब पर पहले 150% टैक्स लगता था, अब यह काफी घटेगा।
- उपभोक्ता: दोनों देशों के लोग अब गाड़ियां, टेक्नोलॉजी, कपड़े और अन्य उपभोक्ता वस्तुएं पहले से सस्ते दामों में खरीद पाएंगे।
- रोजगार: बढ़ते व्यापार और निवेश के चलते दोनों देशों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।