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G20 शिखर सम्मेलन 2025 में भारत के प्रस्ताव (India proposals at the G20 Summit 2025) | UPSC

India proposals at the G20 Summit 2025

India proposals at the G20 Summit 2025

संदर्भ:

हाल ही में, दक्षिणी अफ्रीका के जोहांसबर्ग में 22-23 नवंबर 2025 को G20 शिखर सम्मेलन 2025 आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में भारत ने वैश्विक आर्थिक शासन, तकनीकी सहयोग और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इस सम्मेलन में भारत ने उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के मानव-केंद्रित उपयोग तथा टैलेंट मोबिलिटी संबंधी नए ढाँचों के माध्यम से बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। 

भारत की G20 पहलें:

भारत ने शिखर सम्मेलन 2025 में समान रूप से लाभकारी, सुरक्षित और मानव-केन्द्रित तकनीकी विश्व के निर्माण की दिशा में कई नवीन पहलें प्रस्तुत कीं।

  • ACITI त्रिपक्षीय ढाँचा: ACITI (Australia–Canada–India Technology & Innovation Partnership) भारत की 2025 की प्रमुख कूटनीतिक उपलब्धियों में से एक है। यह ढाँचा निम्न क्षेत्रों पर केंद्रित है: स्वच्छ ऊर्जा तकनीक, क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई-चेन, AI मॉडल और ओपन-सोर्स आधारित नवाचार।

  • परम्परागत ज्ञान का वैश्विक भंडार: भारत ने G20 देशों से वैश्विक परम्परागत ज्ञान भंडार बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे चिकित्सा, कृषि, और जलवायु अनुकूलन में वैश्विक अनुसंधान सक्षम होगा।

  •  G20–Africa Skills Multiplier: भारत ने अफ्रीका के युवाओं के कौशल-विकास के लिए India-Africa सहयोग को वैश्विक मॉडल बनाने का सुझाव दिया। भारत ने सुझाव दिया कि “Jobs of Today” से “Capabilities of Tomorrow” की ओर तेज़ी से बढ़ने की आवश्यकता है और इसके लिए एक Global Framework for Talent Mobility तैयार किया जाना चाहिए।

  • Global Healthcare Response Team: भारत ने महामारी और स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक वैश्विक हेल्थकयर रेस्पॉन्स टीम बनाने का प्रस्ताव दिया। भारत की CoWIN मॉडल और टेलीमेडिसिन ढांचे को सीख के रूप में प्रस्तुत किया गया।

  • AI गवर्नेंस: G20 शिखर सम्मेलन में भारत ने AI को “Global Good” बनाने की अवधारणा प्रस्तुत की। प्रधानमंत्री ने निम्न सिद्धांतों पर आधारित एक वैश्विक AI Compact की मांग की: पारदर्शिता, मानव-निगरानी (Human Oversight), Safety-by-Design, Misuse का नियंत्रण और निष्पक्षता एवं समावेशन। 

  • क्रिटिकल मिनरल्स नीति (Critical Minerals Policy): भारत ने G20 सत्र में क्रिटिकल मिनरल्स को 21वीं सदी की ऊर्जा सुरक्षा का आधार बताया। भारत की रणनीति के मुख्य घटक: National Critical Mineral Mission (NCMM) का विस्तार, 30 महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान (लिथियम, कोबाल्ट, REEs आदि), वैश्विक सप्लाई चेन को विविध बनाना, Circularity Initiative के माध्यम से रीसाइक्लिंग और अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर।

G20 क्या है?

  • G20 विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसका गठन 1999 में वैश्विक वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था। 
  • G20 में 19 देश, यूरोपीय संघ (EU), और अफ्रीकी संघ (AU) शामिल हैं। 
  • भारत ने 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक G20 की अध्यक्षता संभाली थी। 
  • यह समूह वैश्विक GDP का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75%, और विश्व जनसंख्या का 60% प्रतिनिधित्व करता है।
  • G20 की बैठकों में वैश्विक आर्थिक एवं विकासात्मक मुद्दे, जलवायु परिवर्तन, व्यापार, तकनीकी सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषय प्राथमिकता में रहते हैं।

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