Indian Navy first training squadron arrives at Phuket Deep Sea Port Thailand
संदर्भ:
भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (INS तिर, INS शार्दुल, INS सुजाता और ICGS पोत सारथी) के साथ, 25 जनवरी 2026 को थाईलैंड के फुकेत डीप सी पोर्ट पर पहुंचा। यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत समुद्री संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (First Training Squadron – 1TS):
- परिचय: भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) नौसेना के भविष्य के अधिकारियों को तैयार करने वाली आधारशिला है। इसका मुख्यालय कोच्चि (केरल) में स्थित है और यह दक्षिणी नौसेना कमान (SNC) के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।
- उद्देश्य: इसका प्राथमिक कार्य भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और मित्र देशों के कैडेटों को समुद्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
- संरचना: वर्तमान में इसमें INS तीर (Tir), INS सुजाता (Sujata), INS शार्दुल (Shardul), और ICGS सारथी (Sarathi) जैसे आधुनिक और विशेष प्रशिक्षण पोत शामिल हैं। इसमें प्रसिद्ध नौकायन प्रशिक्षण पोत (Sail Training Ships) INS तरंगिनी और INS सुदर्शिनी भी शामिल हैं।
- प्रशिक्षण मॉड्यूल: कैडेटों को समुद्री यात्रा, नेविगेशन, अस्त्र-शस्त्र संचालन, संचार, और मशीनरी के रख-रखाव में दक्ष बनाया जाता है।
- रणनीतिक महत्व (LRTD): यह स्क्वाड्रन प्रतिवर्ष लॉन्ग रेंज ट्रेनिंग डिप्लॉयमेंट (LRTD) के तहत विदेशी बंदरगाहों (जैसे फुकेत, पोर्ट क्लैंग) का दौरा करता है। यह भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘सागर’ (SAGAR) नीति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- सांस्कृतिक कूटनीति: यह स्क्वाड्रन विदेशी धरती पर भारत के ‘एम्बेसेडर’ के रूप में कार्य करता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सैन्य संबंधों और सॉफ्ट पावर को मजबूती मिलती है।
- सहयोग: यह स्क्वाड्रन मित्र देशों के साथ PASSEX (Passage Exercise) और संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित कर अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ाता है।
प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) के पोत:
- INS तीर (Tir – A86): 13 मई 1986 को कमीशन, यह भारत का पहला विशेष रूप से निर्मित प्रशिक्षण पोत है, जो 1TS के ‘सीनियर शिप’ के रूप में सभी अभियानों का नेतृत्व करता है।
- INS सुजाता (Sujata – P56): 3 नवंबर 1993 को कमीशन, यह स्वदेश निर्मित सुकन्या श्रेणी का गश्ती पोत है, जो लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण मिशनों के लिए आदर्श माना जाता है।
- INS शार्दुल (Shardul – L16): 4 जनवरी 2007 को कमीशन, यह एक अत्याधुनिक ‘लेंडिंग शिप टैंक’ (LST) है, जो कैडेटों को उभयचर युद्ध का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है।
- ICGS सारथी (Sarathi – 31): 9 सितंबर 2016 को कमीशन, यह गोवा शिपयार्ड द्वारा निर्मित ‘समर्थ श्रेणी’ का ऑफशोर पेट्रोल वेसल है, जो प्रदूषण नियंत्रण के प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जाता है।
- INS तरंगिनी (Tarangini – A75): 11 नवंबर 1997 को कमीशन, यह भारतीय नौसेना का पहला नौकायन प्रशिक्षण पोत है।
- INS सुदर्शिनी (Sudarshini – A77): 27 जनवरी 2012 को कमीशन, यह एक तीन मस्तूलों वाला स्वदेशी नौकायन पोत है, जिसे कैडेटों में पारंपरिक नाविक कौशल विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

