Apni Pathshala

डार्क ऑक्सीजन (Dark oxygen) | Ankit Avasthi Sir

Dark oxygen

Dark oxygen

संदर्भ:

हाल ही में, वैज्ञानिकों ने प्रशांत महासागर के तल पर Clarion-Clipperton Zone (CCZ) में, लगभग 4,000 मीटर (13,000 फीट) की गहराई पर “डार्क ऑक्सीजन” (Dark Oxygen) का पता लगाया है। यह खोज Nature Geoscience जर्नल में प्रकाशित हुई है, जो जीव विज्ञान और पृथ्वी विज्ञान के पारंपरिक ज्ञान को चुनौती देती है।

डार्क ऑक्सीजन क्या हैं?

‘डार्क ऑक्सीजन’ वह ऑक्सीजन है जो समुद्र की गहराइयों में, बिना किसी सूर्य के प्रकाश के उत्पन्न होती है। यह

पारंपरिक प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के विपरीत एक अजैविक रासायनिक प्रक्रिया है। चूँकि यह

समुद्र के उस क्षेत्र (Abyssal Plain) में बनती है जहाँ सूर्य की किरणें कभी नहीं पहुँचतीं, इसलिए इसे ‘डार्क’

(अंधेरी) ऑक्सीजन का नाम दिया गया है।

निर्माण की प्रक्रिया:

  • वैज्ञानिकों ने पाया कि इसका निर्माण ‘सीवाटर इलेक्ट्रोलिसिस’ के माध्यम से होता है।
  • पॉलीमेटैलिक नोड्यूल्स (Polymetallic Nodules): समुद्र तल पर आलू के आकार के खनिज पत्थर बिखरे होते हैं, जिनमें कोबाल्ट, निकल, तांबा और मैंगनीज प्रचुर मात्रा में होते हैं।
  • जियो-बैटरी सिद्धांत: ये नोड्यूल्स आपस में मिलकर एक ‘प्राकृतिक बैटरी’ की तरह काम करते हैं। शोधकर्ताओं ने इनके बीच 1.5 वोल्ट तक का विद्युत विभवांतर (Electric Potential) मापा है।
  • जल विभाजन: जिस तरह एक प्रयोगशाला में बैटरी के माध्यम से पानी से ऑक्सीजन और हाइड्रोजन अलग की जाती है, ठीक वैसे ही ये नोड्यूल्स समुद्री पानी को विभाजित कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं।

प्रमुख विशेषताएं:

  • अजैविक उत्पत्ति: इसे बनाने के लिए पौधों, शैवाल या किसी जीवित जीव की आवश्यकता नहीं होती।
  • स्थायी उत्पादन: यह प्रक्रिया चौबीसों घंटे (24/7) चलती है, क्योंकि यह प्रकाश पर निर्भर नहीं है।
  • उच्च दबाव और निम्न तापमान: यह अत्यधिक उच्च दबाव (High Pressure) वाले क्षेत्रों में घटित होती है जहाँ तापमान शून्य के करीब होता है।

वैज्ञानिक महत्व:

  • गहरे समुद्र का जीवन: समुद्र की गहराइयों में रहने वाले जीवों के लिए यह ऑक्सीजन का प्राथमिक स्रोत हो सकती है। इससे पहले माना जाता था कि वहाँ ऑक्सीजन केवल समुद्री धाराओं द्वारा ऊपरी सतह से पहुँचती है।
  • खनन बनाम संरक्षण: वर्तमान में वैश्विक स्तर पर ‘क्लेरियन-क्लिपरटन ज़ोन’ में खनिजों के खनन की होड़ मची है। यह खोज चेतावनी देती है कि इन नोड्यूल्स को हटाने से गहरे समुद्र का “ऑक्सीजन जनरेटर” बंद हो सकता है।
  • जीवन की उत्पत्ति के सिद्धांत: यह खोज दर्शाती है कि पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत के लिए प्रकाश संश्लेषण से पहले भी ऑक्सीजन उपलब्ध रही होगी।
  • परग्रही जीवन यह अन्य ग्रहों (जैसे बृहस्पति का चंद्रमा यूरोपा) पर बिना सूर्य के प्रकाश के जीवन की संभावनाओं की पुष्टि करती है।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top