कम्प्रेस्ड बायोगैस के लिए राष्ट्रीय एकीकृत योजना “GOBARdhan Scheme” को मिली मंजूरी
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये के कुल बजटीय परिव्यय के साथ कम्प्रेस्ड बायोगैस (Compressed Biogas – CBG) के विकास के लिए राष्ट्रीय एकीकृत योजना ‘गोबरधन’ (GOBARdhan Scheme) को मंजूरी दी।
गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) क्या हैं?
- परिचय: गोबरधन योजना भारत की एक पथप्रदर्शक राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना (National Circular Bioenergy Scheme) है. इसका मूल उद्देश्य कचरे से कंचन (Waste to Wealth) बनाना है.
- पूरा नाम: गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan – GOBARdhan).
- कार्य प्रणाली: इसके तहत पशुधन के गोबर, कृषि अवशेष (Crop Residue), चीनी मिल के अपशिष्ट (Press Mud) और नगर पालिकाओं के जैविक कचरे को बायोगैस और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) में बदला जाता है.
- कार्यान्वयन अवधि: यह एकीकृत योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक (10 वर्षों के लिए) देश भर में लागू की जाएगी.
- कुल बजट: केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के लिए ₹23,731 करोड़ का भारी वित्तीय निवेश स्वीकृत किया गया है.
- प्रशासनिक मंत्रालय: यह वृहद एकीकृत प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) द्वारा प्रशासित किया जा रहा है.
- सहयोग: यह योजना जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल और स्वच्छता विभाग), नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), और कृषि कल्याण मंत्रालय के पूर्ववर्ती प्रयासों को एक साझा मंच प्रदान करती है.
- घटक: बाजार की स्थिरता और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए इसे छह मुख्य स्तंभों (Six Pillars) पर डिजाइन किया गया है:
- सुनिश्चित खरीद (Assured Offtake): उत्पादित सीबीजी (CBG) को खरीदने की पूर्ण गारंटी प्रदान की जाएगी, जिसे ‘सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन’ (CGD) नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.
- प्रबंधित मूल्य निर्धारण (Administered Pricing Mechanism): दीर्घकालिक राजस्व निश्चितता के लिए ₹2,110 प्रति MMBTU का न्यूनतम स्थिर मूल्य निर्धारित किया गया है.
- पूंजीगत सहायता (Capital Assistance): ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए स्थापित क्षमता के आधार पर ₹2 करोड़ प्रति टन प्रतिदिन (TPD) तक की वित्तीय सब्सिडी दी जाएगी.
- पाइपलाइन अवसंरचना (Pipeline Infrastructure Support): बायोगैस संयंत्रों को मुख्य गैस ग्रिड और ट्रंक पाइपलाइनों से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.
- ऋण गारंटी समर्थन (Credit Guarantee Support): सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) द्वारा शुरू की जाने वाली परियोजनाओं के लिए संस्थागत ऋण जोखिम को कम करने हेतु ऋण गारंटी दी जाएगी.
- इकोसिस्टम चैलेंज फंड (CBG Ecosystem Challenge Fund): जिला स्तर पर फीडस्टॉक मैपिंग, तकनीकी विकास और जागरूकता अभियानों के संचालन के लिए एक विशेष फंड बनाया गया है.
- अनिवार्य सम्मिश्रण लक्ष्य: प्राकृतिक गैस का विपणन करने वाली सभी कंपनियों के लिए अनिवार्य सीबीजी खरीद लक्ष्य (CBG Obligation) तय किया गया है:
- वित्त वर्ष 2026-27: 3%
- वित्त वर्ष 2027-28: 4%
- वित्त वर्ष 2028-29 से: 5% अनिवार्य
योजना का महत्व:
- घरेलू उत्पादन में 10 गुना वृद्धि: इस रणनीतिक ढांचे का प्राथमिक लक्ष्य भारत में घरेलू सीबीजी उत्पादन को लगभग 10 गुना तक बढ़ाना है.
- ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): भारत वर्तमान में अपनी प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की जरूरतों के लिए आयात पर अत्यधिक निर्भर है. बायोगैस नीति (Biogas Policy) के सफल होने से विदेशी जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी.
- ग्रामीण समृद्धि और रोजगार: सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1.5 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करेगी.
- किसान और डेयरी संचालक अपने पशुधन के गोबर और कृषि अपशिष्ट को बेचकर अतिरिक्त आय (Farmers’ Income) अर्जित कर सकेंगे.
- टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन (Organic Waste Management): यह शहरों के जैविक कचरे और ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाने (Stubble Burning) जैसी पर्यावरणीय समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान प्रस्तुत करती है.
- पर्यावरण और हरित ईंधन (Green Fuel): कार्बन उत्सर्जन को कम करके यह भारत के ‘नेट-ज़ीरो 2070’ के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और सतत विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देने में मदद करेगी.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: गोबरधन योजना क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार की एक राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना (Gobardhan Mission) है, जो पशुधन के गोबर और जैविक कचरे को बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद में बदलती है.
प्रश्न 2: कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) क्या होती है?
उत्तर: जैविक कचरे के अवायवीय पाचन (Anaerobic Digestion) और शुद्धिकरण से बनने वाली गैस सीबीजी कहलाती है, जो रासायनिक रूप से प्राकृतिक गैस (CNG) के समान होती है.
प्रश्न 3: गोबरधन योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य घरेलू सीबीजी उत्पादन को 10 गुना बढ़ाना, जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता घटाना, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन करना और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देना है.
प्रश्न 4: इस योजना से किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
उत्तर: किसानों को कृषि अवशेषों और गोबर के बदले अतिरिक्त आय (Income Generation) मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और खेतों के लिए सस्ती जैविक खाद सुलभ होगी.
प्रश्न 5: गोबरधन योजना किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है?
उत्तर: इस व्यापक एकीकृत राष्ट्रीय योजना को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) द्वारा संचालित और कार्यान्वित किया जा रहा है.
