स्वदेशी गोताखोरी सहायता पोत “Nipun” भारतीय नौसेना को सौंपा गया
संदर्भ:
हाल ही में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard Limited – HSL) ने विशाखापत्तनम में दूसरा स्वदेशी गोताखोरी सहायता पोत (Diving Support Vessel – DSV) ‘निपुण (Nipun)’ भारतीय नौसेना (Indian Navy) को सौंपा.
स्वदेशी गोताखोरी सहायता पोत ‘निपुण (Diving Support Vessel Nipun) के बारे में:
- परिचय: ‘निपुण’ गहरे समुद्र में परिचालन करने वाला अत्यधिक विशिष्ट और उन्नत सैन्य पोत (Specialised Naval Ship) है.
- संस्कृत में ‘निपुण’ शब्द का अर्थ ‘किसी विशेष विधा या अनुशासन में कुशल, सक्षम और पारंगत’ होता है.
- यह पोत गहरे समुद्र में जटिल गोताखोरी, खोज और बचाव अभियानों (Search-and-Rescue Missions) को अंजाम देने में पूरी तरह सक्षम है.
- यह अपनी श्रेणी का दूसरा जहाज है, जबकि इसका पहला सिस्टर शिप ‘आईएनएस निस्तार’ (INS Nistar) है.
- निर्माता: इसका डिजाइन और निर्माण विशाखापत्तनम में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) द्वारा किया गया है।
- विशेषताएं:
- आकार और विस्थापन (Dimensions & Displacement): इस विशाल पोत की कुल लंबाई 118 मीटर है और इसका कुल विस्थापन 8,560 टन से अधिक है.
- डिजाइन मानक: इसे भारतीय पोत पंजीकरण (Indian Register of Shipping – IRS) के वर्गीकरण नियमों के पूर्णतः अनुरूप स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है.
- सहनशक्ति (Operational Endurance): यह बिना किसी पुनः आपूर्ति (Replenishment) के लगातार 60 दिनों तक समुद्र में तैनात रहकर काम कर सकता है. इसमें भारी हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए एक फ्लाइट डेक (Flight Deck) भी मौजूद है.
- क्षमताएं:
- डीप-सी सेचुरेशन गोताखोरी (Deep-Sea Saturation Diving): यह पोत अत्याधुनिक गोताखोरी प्रणालियों से लैस है, जो नौसैनिक गोताखोरों को 300 मीटर तक की अत्यधिक गहराई पर लंबे समय तक सुरक्षित रूप से काम करने की सुविधा प्रदान करती है.
- डीएसआरवी के लिए मदर शिप (Mother Ship for DSRV): यह पोत भारतीय नौसेना के डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल (Deep Submergence Rescue Vehicle – DSRV) के लिए मुख्य प्राथमिक प्लेटफॉर्म या ‘मदर शिप’ के रूप में कार्य करेगा.
- सबमरीन आपातकाल (Submarine Emergencies) के दौरान फंसे हुए कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने में इसकी भूमिका निर्णायक होगी.
- रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (Remotely Operated Vehicles – ROVs): निपुण में उन्नत सबसी आरओवी (ROVs) लगाए गए हैं. ये पानी के भीतर गोताखोरों की रीयल-टाइम निगरानी करने, मलबे का पता लगाने और गहरे महासागरों में बचाव अभियानों (Salvage Operations) को आसान बनाने में सहायता करते हैं.
- डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम (Dynamic Positioning Systems): समुद्र की तेज लहरों और हवा के थपेड़ों के बीच भी यह प्रणाली पोत को पानी के भीतर एक ही निश्चित स्थान पर पूरी सटीकता से स्थिर बनाए रखती है, जो गहरे पानी के ऑपरेशन्स के लिए अनिवार्य है.
- स्वदेशीकरण: यह पोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Aatmanirbhar Bharat) के सपने को साकार करता है. इसमें 75% से 80% तक स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content) का उपयोग किया गया है.
- पोत के निर्माण में प्रयुक्त विशेष युद्धपोत-ग्रेड स्टील का निर्माण पूरी तरह से स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) द्वारा किया गया है.
- इसके अलावा, इसके विनिर्माण चक्र में देश के लगभग 120 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे घरेलू रक्षा विनिर्माण (Defence Manufacturing) को भारी प्रोत्साहन मिला है.
महत्व:
- हिंद महासागर क्षेत्र में संप्रभुता (Sovereignty in the IOR): हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्द्धा और विदेशी पनडुब्बियों की आवाजाही के बीच, निपुण भारत की पानी के नीचे की रणनीतिक निगरानी और पनडुब्बी विरोधी परिचालन क्षमता को मजबूत करता है.
- विदेशी निर्भरता की समाप्ति: पूर्व में भारत को सबमरीन दुर्घटनाओं या गहरे समुद्र में जटिल खोज अभियानों के लिए विदेशी आपातकालीन सहायता प्रणालियों पर निर्भर रहना पड़ता था. निपुण और निस्तार के बेड़े में शामिल होने से भारत इस क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन गया है.
- ब्लू वॉटर नेवी के रूप में विकास: गहरे समुद्र में दीर्घकालिक परिचालन क्षमता (Long-Endurance) के कारण यह पोत भारतीय नौसेना को एक पारंपरिक तटीय बल से आगे बढ़ाकर सुदूर महासागरों में शक्ति प्रदर्शन करने वाली ‘ब्लू वॉटर नेवी’ (Blue Water Navy) के रूप में स्थापित करने में मदद करता है.
- मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR): सैन्य अभियानों के अतिरिक्त, समुद्री चक्रवातों या दुर्घटनाओं के समय यह वाणिज्यिक जहाजों के मलबे को हटाने, खोज अभियान चलाने और चिकित्सा आपातकाल प्रदान करने के लिए एक बहुउद्देशीय संकटमोचक की भूमिका निभाएगा.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: स्वदेशी गोताखोरी सहायता पोत ‘निपुण’ क्या है?
उत्तर: यह हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा निर्मित भारत का दूसरा अत्याधुनिक स्वदेशी गोताखोरी सहायता पोत (DSV) है, जो गहरे समुद्र के सैन्य ऑपरेशन्स के लिए डिज़ाइन किया गया है.
प्रश्न 2: निपुण पोत का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य नौसेना के गहरे समुद्र में गोताखोरी ऑपरेशन्स को संचालित करना, पानी के भीतर आपातकालीन खोज करना और पनडुब्बी बचाव कार्यों में सहायता प्रदान करना है.
प्रश्न 3: इसे किस संस्था ने विकसित किया है?
उत्तर: इस विशिष्ट रणनीतिक पोत का डिजाइन और निर्माण विशाखापत्तनम स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा किया गया है.
प्रश्न 4: भारतीय नौसेना के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह गहरे समुद्र में सबमरीन दुर्घटनाओं के समय त्वरित और स्वतंत्र रूप से बचाव अभियान चलाने की क्षमता देता है, जिससे विदेशी देशों पर भारत की निर्भरता समाप्त होती है.
प्रश्न 5: यह किन प्रकार के अभियानों में उपयोग होगा?
उत्तर: इसका उपयोग मुख्य रूप से गहरे समुद्र में सेचुरेशन डाइविंग (Saturation Diving), सबमरीन कर्मियों के आपातकालीन रेस्क्यू (DSRV ऑपरेशन्स) और पानी के नीचे डूबी वस्तुओं को निकालने (Salvage Missions) में होगा.
प्रश्न 6: क्या यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित है?
उत्तर: हाँ, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत निर्मित इस पोत में 75% से 80% तक स्वदेशी सामग्री (SAIL के विशेष स्टील सहित) का उपयोग किया गया है.
