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INS Ranvijay: परिचय, निर्माता, कमीशन एवं विशेषताएं

INS Ranvijay: परिचय, निर्माता, कमीशन एवं विशेषताएं 

INS Ranvijay

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय नौसेना का आईएनएस रणविजय (INS Ranvijay) अपनी वर्तमान तैनाती के हिस्से के रूप में ओमान के सलालाह बंदरगाह पहुंचा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ओमान समुद्री साझेदारी (India-Oman Maritime Relations) को नई मजबूती प्रदान करना है। 

INS Ranvijay के बारे में:

  • परिचय: आईएनएस रणविजय भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का निर्देशित मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत है।
    • ‘रणविजय’ शब्द का शाब्दिक अर्थ है “युद्ध में विजय प्राप्त करने वाला”। 
  • आदर्श वाक्य (Motto): इस युद्धपोत का आदर्श वाक्य ‘संग्रामे वैभवस्य’ (Sangrame Vaibhavasya) है, जिसका अर्थ है “युद्ध में गौरवशाली”। 
  • प्रकार: यह भारतीय नौसेना (Indian Navy) का एक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर (Guided Missile Destroyer) है।
    • यह राजपूत-श्रेणी (Rajput-class) के विध्वंसकों का पांचवां और अंतिम युद्धपोत है।
  • निर्माण: इस नौसेना जहाज (INS Ranvijay Navy Ship) का निर्माण तत्कालीन सोवियत संघ (अब यूक्रेन में स्थित) के निकोलेव में 61 कोमुनारा जहाज निर्माण संयंत्र (61 Kommunards Shipyard) द्वारा किया गया था।
    • इसे सोवियत संघ के ‘काशिन-क्लास मॉड’ (Kashin-class Mod) के विनिर्देशों के आधार पर भारत के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। 
  • कमिशन: आईएनएस रणविजय को 21 दिसंबर 1987 को तत्कालीन सोवियत संघ के पोटी (Poti) में भारतीय नौसेना में विधिवत शामिल (INS Ranvijay Commissioned) किया गया था।
  • वर्तमान स्थिति: यह युद्धपोत वर्तमान में विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान (Eastern Naval Command) के ‘सनराइज फ्लीट’ (Sunrise Fleet) की एक अग्रिम पंक्ति की इकाई के रूप में सक्रिय सेवा में है।
    • इसे भारतीय सेना की प्रसिद्ध डोगरा रेजिमेंट (Dogra Regiment) के साथ भी संबद्ध (Affiliated) किया गया है।
  • विशेषताएं:
    • विस्थापन (Displacement): इसका मानक विस्थापन लगभग 3,950 टन तथा पूर्ण भार के साथ विस्थापन 5,000 टन है।
    • आकार: इसकी कुल लंबाई 147 मीटर (482 फीट) और चौड़ाई (Beam) 16 मीटर है।
    • गति और प्रणोदन (Speed & Propulsion): यह युद्धपोत 4 शक्तिशाली एम-3ई गैस टरबाइन इंजनों (Gas Turbine Engines) द्वारा संचालित होता है, जो इसे 35 नॉट्स (लगभग 65 किमी/घंटा) की अधिकतम गति प्रदान करते हैं। 
    • हथियार और मिसाइल प्रणाली: आईएनएस रणविजय सतह, हवा और पानी के भीतर त्रिकोणीय खतरों से निपटने के लिए आधुनिक हथियारों (INS Ranvijay Weapons) से लैस है:
  • सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें: यह ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली को तैनात करने वाले भारतीय नौसेना के शुरुआती जहाजों में से एक है। इसके अतिरिक्त इसमें ‘स्टिक्स’ (Styx) एंटी-शिप मिसाइलें भी लगी हैं।
  • वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence): हवाई खतरों से सुरक्षा के लिए इसमें बराक (Barak-1) वर्टिकल लॉन्च मिसाइल सिस्टम और एस-125एम (S-125M) सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAM) शामिल हैं।
  • नेवल गन और क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS): मुख्य मारक क्षमता के लिए 76.2 मिमी की ओटो मेलारा नेवल गन और मिसाइल रोधी सुरक्षा के लिए दो एके-630एम (AK-630M) 30 मिमी गन तैनात हैं।
  • पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता (Anti-Submarine Warfare): पानी के नीचे दुश्मनों को नष्ट करने के लिए इसमें 533 मिमी के टॉरपीडो लॉन्चर और आरबीयू-6000 (RBU-6000) एंटी-सबमरीन रॉकेट मोर्टार लगे हैं।
  • विमानन क्षमता (Aviation): इस युद्धपोत पर पनडुब्बी रोधी अभियानों के संचालन के लिए एक कामोव-28 (Kamov-28) हेलीकॉप्टर स्थायी रूप से तैनात रहता है। 

रणनीतिक महत्व:

  • समुद्री कूटनीति (Naval Diplomacy): सलालाह में पोर्ट कॉल (Port Call) के दौरान आईएनएस रणविजय और ओमान के शाही नौसेना जहाज RNOV साध (RNOV Sadh) के बीच पेशेवर जुड़ाव देखा गया। इसके बाद दोनों नौसेनाओं ने समुद्र में पैसेज एक्सरसाइज (PASSEX) का संचालन किया, जो अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ावा देता है।
  • रणनीतिक अवस्थिति: ओमान की भौगोलिक स्थिति होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और अदन की खाड़ी जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री चोकपॉइंट्स (Chokepoints) के समीप है। आईएनएस रणविजय जैसी अग्रिम पंक्ति की इकाइयों की तैनाती समुद्री डकैती रोधी अभियानों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों (Sea Lanes of Communication) की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करती है।
  • ब्लू-वाटर क्षमता का प्रदर्शन: आधुनिक नेटवर्क प्रणालियों से लैस (Modern Networked Systems) यह मिसाइल विध्वंसक भारत की दूरगामी परिचालन क्षमता (Blue-water Deterrant Fleet) को प्रदर्शित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: INS रणविजय क्या है?

उत्तर: आईएनएस रणविजय (INS Ranvijay) भारतीय नौसेना का एक शक्तिशाली गाइडेड मिसाइल विध्वंसक (Guided Missile Destroyer) युद्धपोत है, जो राजपूत-श्रेणी के अंतर्गत आता है।

प्रश्न 2: INS रणविजय का निर्माण किसने किया है?

उत्तर: इसका निर्माण तत्कालीन सोवियत संघ के निकोलेव में स्थित 61 कोमुनारा जहाज निर्माण संयंत्र (61 Kommunards Shipyard) द्वारा किया गया था।

प्रश्न 3: INS रणविजय को कब कमीशन किया गया था?

उत्तर: इस युद्धपोत को 21 दिसंबर 1987 को भारतीय नौसेना में विधिवत शामिल (Commissioned) किया गया था।

प्रश्न 4: INS रणविजय की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

उत्तर: यह 5,000 टन विस्थापित क्षमता वाला पोत है, जो ब्रह्मोस और बराक मिसाइलों, टॉरपीडो, और कामोव-28 पनडुब्बी रोधी हेलीकॉप्टर से लैस है।

प्रश्न 5: INS रणविजय भारतीय नौसेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह भारत की संप्रभु समुद्री सीमाओं की रक्षा करने, हिंद महासागर में कूटनीतिक पहुंच बढ़ाने और ओमान जैसी मित्र नौसेनाओं के साथ द्विपक्षीय सहयोग सुदृढ़ करने में अग्रणी है।

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