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Iran Election 2024:– जानिए कौन बना ईरान का नया राष्ट्रपति और कैसे होता है चुनाव?

President of Iran

Iran Election 2024: Iranian voters chose Masoud Pezeshkian, a reformist as their new president.

क्या है चर्चा का विषय:– 

  • बीते 5 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुए दूसरे चरण की वोटिंग में ईरान के लोगों ने मसूद पजशकियान (Masoud Pezeshkian) को 9 वें राष्ट्रपति के रूप में चुना है।
  • मसूद ने ईरान के कट्टरपंथी नेता सईद जलीली को 30 लाख वोटो से हराया है।
  • ईरान में पहले चरण की वोटिंग 28 मई को हुई थी। इसमें कोई भी उम्मीदवार 50% वोट हासिल नहीं कर पाया था, जो चुनाव जीतने के लिए जरूरी है।
  • मसूद पजशकियान मुस्लिम देश में हिजाब के विरोधी और महिलाओं की आजादी की बात करने वाले नेता है।
  • आपको बता दें कि ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की 19 मई को हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत के बाद देश में राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा की गई थी।

आगे की चर्चा में हम ईरान के नए राष्ट्रपति (President of Iran) मसूद पजशकियान के बारे में विस्तृत रूप से जानेंगे लेकिन सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि आखिर ईरान में राष्ट्रपति का चुनाव किस प्रकार होता है।

 

कैसे होता हैं राष्ट्रपति का चुनाव:–

  • ईरान में प्रत्येक चार वर्ष पर राष्ट्रपति चुनाव होते हैं।
  • गार्डियन काउंसिल सर्वोच्च नेता और छह इस्लामी स्कॉलर्स की ओर से नियुक्त छह वरिष्ठ मौलवियों और छह वकील (ईरान की न्यायिक प्रणाली के प्रमुख द्वारा प्रस्तावित और संसद द्वारा मतदान किए गए) का एक पैनल है जो ईरान में चुनावी प्रक्रिया पर निगरानी रखती है l
  • यह पैनल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने वाले इच्छुक उम्मीदवारों की वैचारिक और तकनीकी स्तर पर योग्यता की जांच करता है।
  • इस जांच प्रक्रिया में कई मानकों का ख़ास ध्यान दिया जाता है, इसमें शिक्षा का स्तर, इस्लाम के प्रति प्रतिबद्धता, संविधान और इस्लामी गणतंत्र के मूल्य शामिल हैं।
  • इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद चुनाव लड़ने की चाहत रखने वाले कई इच्छुक उम्मीदवारों में से मात्र कुछ उम्मीदवारों को ही राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की इजाजत मिलती है।
  • ईरान में भी 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी ईरानी नागरिक वोट देने का अधिकार रखते हैं।
  • ईरान में एक चरण का चुनाव होता है अगर उस चरण में किसी भी उम्मीदवार को 50% वोट नहीं मिलता है तो फिर दूसरे चरण का चुनाव पहले चरण में सबसे अधिक मत पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच कराया जाता है।
  • सभी वोटो की मैनुअल काउंटिंग होती है। इसीलिए परिणाम आने में दो से तीन दिन का समय लगता है।
  • इसके बाद जीत हासिल करने वाले नेता को सर्वोच्च नेता के हस्ताक्षर के बाद राष्ट्रपति नियुक्त किया जाता है।

राष्ट्रपति का कार्य:–

  • ईरान का राष्ट्रपति लोगों द्वारा चुना गया सर्वोच्च अधिकारी होता है।
  • राष्ट्रपति आदेशों को लागू करता है, और ईरान के सर्वोच्च नेता को जवाब देता है।
  • ईरान की बुनियादी राजनीतिक व्यवस्था में सबसे ऊंचा स्थान सर्वोच्च नेता का है। इसके बाद राष्ट्रपति और उनका कैबिनेट आता है। फिर संसद और उसके बाद न्यायपालिका का स्थान है।
  • सर्वोच्च नेता के निर्देशन में राष्ट्रपति आंतरिक और बाह्य अर्थात विदेशी मामलों में सभी प्रकार के निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • राष्ट्रपति पद की शक्तियों में सर्वोच्च नेता की स्वीकृति के साथ विदेशी देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ संधियों और अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर करना सर्वोच्च नेता के आदेशानुसार राष्ट्रीय योजना, बजट और राज्य के रोजगार मामलों का प्रशासन करना शामिल है।

 

सर्वोच्च नेता की शक्तियां:–

  • सर्वोच्च नेता (suprime leader) इस्लामी गणराज्य ईरान का सर्वोच्च पद होता है।
  • गार्डियन काउंसिल जो ईरान में चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखती है उसका बागडोर भी सुप्रीम लीडर के हाथ में ही होता है।
  • सुप्रीम लीडर ईरान में 88 सदस्यों वाले विशेषज्ञों की सभा का भी प्रमुख होता है।
  • राष्ट्रपति की नियुक्ति भी सर्वोच्च नेता के हस्ताक्षर से होती है।
  • ईरान में सर्वोच्च नेता ही कमांडर इन चीफ़ होता है और सेना सर्वोच्च नेता को ही रिपोर्ट करती है।
  • वर्तमान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई हैं।

 

कौन है ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पजशकियान:

  • ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पजशकियान पूर्व राष्ट्रपति हसन रूहानी के अत्यंत करीबी माने जाते हैं।
  • वह पेशे से एक डॉक्टर थे और कुरान पढ़ाते थे। मसूद ईरान इराक की जंग में भी काफी सक्रिय थे उन्होंने इराक के तानाशाह द्वारा ईरान पर किए गए हमले में घायलों का इलाज भी किया है।
  • मसूद पजशकियान मुस्लिम देश में हिजाब के विरोधी और महिलाओं की आजादी की बात करने वाले नेता है।
  • महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान में हो रहे हिजाब विरोध में मसूद ने कहा था कि,”यह हमारी गलती है। हम अपनी धार्मिक मान्यताओं को ताकत के जरिए थोपना चाहते हैं। यह सांइटिफिक तौर पर मुमकिन नहीं है।”
  • मसूद ने ईरान के कट्टरपंथी नेता सईद जलीली को 30 लाख वोटो से हरा कर ईरान के 9वे राष्ट्रपति बन चुके है।

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