Khelo India Mission announced by the government

संदर्भ:
हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 के दौरान एक नई पहल ‘खेलो इंडिया मिशन’ (Khelo India Mission) की घोषणा की है। जिसमें अगले 10 वर्षों के लिए भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने का एक व्यापक ‘रोडमैप’ तैयार किया गया है।
खेलो इंडिया मिशन:
- मिशन का मुख्य उद्देश्य:
- सरकार का प्राथमिक लक्ष्य भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति (Global Sporting Powerhouse) बनाना है।
- यह 10 साल का एक मिशन-मोड प्रोजेक्ट है जो 2036 के ओलंपिक और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (अहमदाबाद) की मेजबानी की भारत की महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप है।
- वित्त मंत्री ने जोर दिया कि खेल क्षेत्र केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार, कौशल विकास और करियर के बड़े अवसर प्रदान करता है।
- मिशन के 5 मुख्य स्तंभ:
- एकीकृत प्रतिभा विकास: जमीनी स्तर (Foundational), मध्यम (Intermediate) और विशिष्ट (Elite) स्तरों पर प्रशिक्षण केंद्रों का एक जाल तैयार करना।
- कोच और सहायक स्टाफ का विकास: कोचों, फिजियोथेरेपिस्टों और खेल मनोवैज्ञानिकों के प्रशिक्षण के लिए एक व्यवस्थित ढांचा बनाना।
- खेल विज्ञान और तकनीक का एकीकरण: प्रदर्शन सुधारने के लिए डेटा एनालिटिक्स, बायोमैकेनिक्स और आधुनिक तकनीक का उपयोग।
- लीग और प्रतियोगिताएं: खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक नियमित लीग का आयोजन।
- बुनियादी ढांचे का आधुनिकिकरण: प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए विश्व स्तरीय स्टेडियम और अकादमियों का निर्माण।
- बजटीय आवंटन और आर्थिक प्रोत्साहन:
- कुल खेल बजट: खेल मंत्रालय का बजट 15.3% बढ़ाकर ₹4,479.88 करोड़ कर दिया गया है।
- खेलो इंडिया के लिए फंड: इस मिशन के लिए ₹1,000 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि है।
- स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग: खेल उपकरणों के निर्माण और अनुसंधान (R&D) के लिए ₹500 करोड़ की एक समर्पित पहल शुरू की गई है।
अन्य पहले:
- मेक इन इंडिया के साथ जुड़ाव: ‘समर्थ पहल’ और खेल उपकरणों के स्वदेशी निर्माण पर जोर ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देता है।
- कोचों के लिए TOPS (Target Olympic Podium Scheme): पुलेला गोपीचंद की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स की सिफारिश पर, कोचों को भी एथलीटों की तरह वित्तीय और पेशेवर सहायता दी जाएगी।
- खेलो इंडिया प्रोग्राम: 2017 में लॉन्च किया गया ‘खेलो इंडिया प्रोग्राम’ मुख्य रूप से जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान और प्रतियोगिताओं (यूथ गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स आदि) पर केंद्रित है।
