Mount Fuji
संदर्भ:
जापान ने संभावित ज्वालामुखी आपदा की तैयारी के लिए माउंट फ़ूजी के विस्फोट का एआई आधारित सिमुलेशन जारी किया है। 1707 के बाद से शांत रहे इस सक्रिय ज्वालामुखी को लेकर, “वॉल्केनिक डिज़ास्टर प्रिपेयर्डनेस डे” पर अधिकारियों ने कंप्यूटर और एआई-जनित वीडियो प्रदर्शित किए, जिनमें टोक्यो पर संभावित भीषण विस्फोट के प्रभाव को दिखाया गया है।
माउंट फूजी (Mount Fuji):
- ऊंचाई– 3,776 मीटर, जापान का सबसे ऊँचा पर्वत।
- स्थान– होंशू द्वीप पर, यामानाशी और शिज़ुओका प्रान्त में, प्रशांत महासागर के तट के पास।
- टोक्यो से दूरी– लगभग 100 किमी (60 मील) पूर्व में।
- प्रकार– सक्रिय स्ट्रैटोवोल्केनो
- अंतिम विस्फोट– सन् 1707–1708 में।
- ज्वालामुखी क्षेत्र– फूजी वॉल्केनिक ज़ोन का हिस्सा।
- विशेष स्थान–
- विश्व में द्वीप पर स्थितसातवाँ सबसे ऊँचा पर्वत।
- एशिया का द्वीप पर स्थितदूसरा सबसे ऊँचा ज्वालामुखी।
- धार्मिक महत्व– जापान के “तीन पवित्र पर्वतों” (Three Holy Mountains) में से एक, अन्य दो हैं माउंट टेटे और माउंट हाकु।
- संरक्षण और मान्यता–
- 1936 में फ़ूजी-हाकोने-इज़ु नेशनल पार्क का मुख्य आकर्षण।
- 2013 में UNESCO World Heritage Site घोषित।
- भूगर्भीय आयु– अनुमानतः 6 मिलियन वर्ष पुराना, आधारशिला 65 मिलियन वर्ष तक पुरानी।
- प्राचीन पूर्वज पर्वत– कोमिताके (उत्तर ढलान पर) और अशिताका-यामा (दक्षिण-पूर्व में)।