Nasha Mukt Yuva Campaign का शुभारंभ, जानिए अभियान के मायने और घटक विस्तार से
संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ (Nasha Mukt Yuva Campaign) का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया। यह अभियान मादक पदार्थों के खिलाफ एक व्यापक जन आंदोलन है।
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ (Nasha Mukt Yuva Campaign) के बारे में:
- परिचय: यह अभियान देश की युवा पीढ़ी को मादक द्रव्यों के सेवन (Substance Abuse) के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक एकीकृत मंच है।
- इस पहल का मुख्य नारा “जेनज़ अगेंस्ट एडिक्शन” (GenZ Against Addiction) रखा गया है, जो सीधे देश की सबसे युवा और सक्रिय आबादी को संबोधित करता है।
- शुरुआत (Launch Date): इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन 2 अगस्त 2026 को किया गया।
- इस पहल की शुरुआत पिछले वर्ष पवित्र नगरी काशी (वाराणसी) में एक प्रायोगिक परियोजना (Pilot Project) के रूप में रखी गई थी।
- काशी घोषणा (Kashi Declaration): काशी में आयोजित विचार-विमर्श और 100 सप्ताह की कार्य योजना के आधार पर इसके लिए‘काशी घोषणा’ तैयार की गई।
- पृष्ठभूमि: 15 अगस्त 2020 को लाल किले से प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) के बाद अब विकसित भारत संकल्प (Viksit Bharat Sankalp) के विजन के साथ इसे अत्यधिक व्यापक बनाया गया है।
- नोडल मंत्रालय: यह अभियान मुख्य रूप से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
- इसके साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय भी सहयोगी के रूप में कार्यरत हैं।
- कार्यान्वयन प्लेटफॉर्म: इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) पोर्टल द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो एकल खिड़की मंच (Single Window Platform) के रूप में काम करता है। वर्तमान में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से 2.23 करोड़ से अधिक युवा जुड़े हुए हैं।
- घटक:
- 100 सप्ताह की कार्य योजना (100-Week Action Plan): मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध अगले 100 हफ़्तों तक निरंतर देशव्यापी जन भागीदारी (Jan Bhagidari) कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- साप्ताहिक गतिविधियां (100 स्ट्रांग संडे): आगामी 100 हफ़्तों तक प्रत्येक रविवार को देश भर में विशेष जागरूकता अभियान (Youth Awareness Campaign) चलाए जाएंगे। इन गतिविधियों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- खेलों का आयोजन और वाकाथॉन (Walkathons)
- ध्यान (Meditation) और आध्यात्मिक सत्र
- नुक्कड़ नाटक (Nukkad Nataks) और सांस्कृतिक कार्यक्रम
- कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक चर्चा मंच (Discussion Forums)
- व्यापक पहुंच (Scale of Participation): इसके उद्घाटन सत्र में ही देश के 28,000 से अधिक स्थानों से 1 करोड़ से अधिक युवाओं, 26 राज्यों के राज्यपालों और 11 मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया।
- साझा गठबंधन (Common Platform): इसे मजबूत करने के लिए 125 से अधिक प्रमुख आध्यात्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और औद्योगिक संघों को एक साझा मंच पर लाया गया है।
भारत के लिए इसका महत्व:
- डेमोग्राफिक डिविडेंड (Demographic Dividend) की सुरक्षा: AIIMS के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (NDDTC) के सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में लगभग 3.1 करोड़ लोग कैनबिस (गांजा/भांग) और 2.26 करोड़ लोग ओपियोड्स (अफीम/हेरोइन) का उपयोग करते हैं. इस अभियान के माध्यम से अब तक 11.20 करोड़ से अधिक युवाओं तक सीधी पहुंच बनाई गई है ताकि उन्हें नशे की लत से बचाकर कार्यबल (Workforce) का हिस्सा बनाया जा सके.
- आर्थिक बोझ (Economic Burden) में कमी: स्वास्थ्य अध्ययनों के अनुसार, केवल शराब के सेवन से होने वाली बीमारियों और सड़क दुर्घटनाओं के कारण भारत को स्वास्थ्य प्रणाली पर ₹3,127 बिलियन ($48.11 बिलियन) का भारी-भरकम आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है. यदि इसमें सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा, एमडीएमए आदि) को जोड़ दिया जाए तो यह नुकसान और बड़ा हो जाता है. यह अभियान युवाओं को व्यसन से दूर रख कर इस अनुत्पादक वित्तीय नुकसान को जीडीपी (GDP) के सकारात्मक योगदान में बदलता है.
- आंतरिक सुरक्षा: सीमावर्ती राज्यों (जैसे पंजाब, मणिपुर और जम्मू-कश्मीर) में नशा एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है. इस अभियान के समानांतर सरकार की सख्त ‘सप्लाई कंट्रोल’ नीति के कारण हाल ही में हजारों करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं और तस्करों की गिरफ्तारी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है.
डेटा और सांख्यिकीय तुलना:
| मुख्य संकेतक / आयाम | समस्या का पैमाना (चुनौती) | अभियान की पहुंच और रणनीतिक महत्व |
| लक्षित आबादी (Youth Reach) | युवाओं में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नशे का प्रसार लगभग 32.8% है. | इस अभियान ने अब तक देश के 11.20 करोड़ से अधिक युवाओं को सीधे जागरूक किया है. |
| महिलाओं की सुरक्षा व भागीदारी | नशे के कारण परिवारों का टूटना और घरेलू हिंसा में वृद्धि. | जमीनी स्तर पर 7.92 करोड़ से अधिक महिलाओं को अभियान से जोड़ा गया है. |
| सामुदायिक दृष्टिकोण (Approach) | पहले यह केवल 272 संवेदनशील जिलों तक सीमित था. | अब यह 28,000 से अधिक केंद्रों पर 1 करोड़ से अधिक युवाओं के ऑनलाइन संकल्प के साथ देशव्यापी हो चुका है. |
| संस्थानों का सहयोग | ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों की भारी कमी थी. | देश के 17 लाख शैक्षणिक संस्थान और 10,000+ मास्टर वालंटियर्स सक्रिय रूप से जुड़े हैं. |
| संस्थागत उपचार (Treatment) | भारत में लगभग 60 लाख लोगों को तत्काल ड्रग ट्रीटमेंट की आवश्यकता है. | सरकार ने 730+ मुफ्त एकीकृत पुनर्वास केंद्र (IRCAs) और नशामुक्ति हेल्पलाइन (14446) स्थापित की है. |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार द्वारा युवाओं को मादक पदार्थों के व्यसन से बचाने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी ऊर्जा का उपयोग करने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रीय जन आंदोलन है।
प्रश्न 2: इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में मादक द्रव्यों के सेवन को रोकना (Drug Abuse Prevention), जन भागीदारी बढ़ाना और देश को नशामुक्त बनाना है।
प्रश्न 3: यह अभियान किस मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है?
उत्तर: यह अभियान मुख्य रूप से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) द्वारा ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
प्रश्न 4: युवाओं को इसमें कैसे जोड़ा जाएगा?
उत्तर: युवाओं को ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) पोर्टल, स्कूलों, कॉलेजों, युवा क्लबों, एनजीओ और सोशल मीडिया गतिविधियों के माध्यम से डिजिटल और भौतिक रूप से जोड़ा जाएगा।
प्रश्न 5: नशा मुक्ति के लिए कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे?
उत्तर: इसके तहत 100 हफ़्तों तक प्रत्येक रविवार को खेल आयोजन, वाकाथॉन, ध्यान सत्र, नुक्कड़ नाटक और कला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
प्रश्न 6: क्या स्कूल और कॉलेज भी इस अभियान का हिस्सा होंगे?
उत्तर: हाँ, देश भर के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय इस अभियान का मुख्य केंद्र होंगे, जहाँ प्रोफेसरों से पाठ्यक्रम में इसके खतरों पर चर्चा शामिल करने का आग्रह किया गया है।
प्रश्न 7: अभियान कब शुरू किया गया?
उत्तर: इस ऐतिहासिक और व्यापक अभियान का राष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अगस्त 2026 को किया गया।
