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New Frog Species Mizoram 2026- मिजोरम में मेंढक की दो नई प्रजातियों की हुई खोज, डट्टाफ्राइनस फावंगपुई और इंगेराना आइजोल रखा गया नाम

New Frog Species Mizoram 2026- मिजोरम में मेंढक की दो नई प्रजातियों की हुई खोज, डट्टाफ्राइनस फावंगपुई और इंगेराना आइजोल रखा गया नाम

New Frog Species Mizoram 2026

Image Credit: Hub News

संदर्भ:

हाल ही में भारत के मिजोरम राज्य में उभयचरों की दो नई प्रजातियों डट्टाफ्राइनस फावंगपुई (Duttaphrynus phawngpui) और इंगेराना आइजोल (Ingerana aizawl) की खोज की गई। ये दोनों प्रजातियां वैज्ञानिक जगत New Frog Species Mizoram 2026 के लिए पूर्णतः नई हैं। 

New Frog Species Mizoram 2026 हाइलाइट्स 

  • प्रकाशन: इन दोनों प्रजातियों का वैज्ञानिक विवरण क्रमशः 13 सितंबर और 14 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं ‘टैप्रोबानिका’ (Taprobanica) और ‘जूटैक्सा’ (Zootaxa) में प्रकाशित किया गया।
  • अनुसंधानकर्ता: इस खोज (Mizoram New Frog Discovery) को मिजोरम विश्वविद्यालय (Mizoram University) के प्राणीशास्त्र विभाग के प्रमुख प्रो. एच.टी. लालरेम्संगा, डॉ. एम. वबेइरीरुलाई, अमित कुमार, और इंडोनेशिया की राष्ट्रीय अनुसंधान और नवाचार एजेंसी (BRIN) के वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम ने किया।
  • खोज स्थल और नामकरण का कारण (Type Localities & Naming):
    • डट्टाफ्राइनस फावंगपुई: यह एक पहाड़ी टॉड (Montane Toad) है, जिसे मिजोरम के लाँगत्लाई जिले में स्थित फावंगपुई राष्ट्रीय उद्यान (Phawngpui National Park) में 2,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर खोजा गया। इसका नाम मिजोरम की सबसे ऊंची चोटी ‘फावंगपुई’ (ब्लू माउंटेन) के नाम पर रखा गया है।
    • इंगेराना आइजोल: यह मेंढक मिजोरम विश्वविद्यालय परिसर के भीतर स्थित ह्रातडौंग झरने (Hratdawng Stream) के पास खोजा गया। इसका नामकरण मिजोरम की राजधानी ‘आइजोल’ (Aizawl) के संदर्भ में किया गया है। 

वैज्ञानिक वर्गीकरण एवं शारीरिक विशेषताएं (Scientific Classification & Morphological Traits)

  • 1. डट्टाफ्राइनस फावंगपुई (Duttaphrynus phawngpui 2026)
    • वर्गीकरण (Taxonomy): यह बुफ़ोनिडी (Bufonidae) परिवार के अंतर्गत डट्टाफ्राइनस (Duttaphrynus) जीनस से संबंधित एक टॉड (Toad) है।
    • शारीरिक बनावट: यह मध्यम आकार का उभयचर है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 56 मिलीमीटर तक होती है।
    • त्वचा और रंग: इसकी त्वचा का रंग पीला-भूरा से लेकर मिट्टी जैसा भूरा (Yellowish-brown to Earthy-brown) होता है, जिस पर अनियमित गहरे धब्बे (Dark Blotches) पाए जाते हैं।
    • विशिष्ट पहचान: इसकी पीठ पर एक स्पष्ट पीली धारी (Pale Stripe) और पैरों पर क्रॉसबार होते हैं। अपने नजदीकी रिश्तेदारों (जैसे D. stuarti और D. chandai) के विपरीत, इसमें कपाल की हड्डियाँ (Bony Ridges) और कान का पर्दा (Tympanum/Eardrum) बाहरी रूप से स्पष्ट दिखाई नहीं देते.
    • आवास (Habitat): यह मुख्य रूप से बांस के पैच वाले आर्द्र और झाड़ियों से भरे उच्च पर्वतीय जंगलों (Humid Shrub-dominated Montane Forests) की सूखी पत्तियों के मलबे पर पाया जाता है। 
  • 2. इंगेराना आइजोल (Ingerana aizawl 2026)
    • वर्गीकरण: यह डिक्रोग्लोसिडी (Dicroglossidae) परिवार के अंतर्गत इंगेराना (Ingerana) जीनस का एक मेंढक (Trickle Frog) है।
    • छिपी हुई खोज (Hiding in Plain Sight): यह प्रजाति पिछले दो दशकों से विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद थी, लेकिन वैज्ञानिक इसे भूलवश व्यापक रूप से पाई जाने वाली उत्तरी ट्रिकल फ्रॉग प्रजाति (Ingerana borealis) समझ रहे थे। गहन डीएनए (DNA) मैपिंग के बाद इसे नई प्रजाति माना गया।
    • शारीरिक बनावट: यह आकार में बेहद छोटा होता है। वयस्क मादाओं की अधिकतम लंबाई केवल 26 मिलीमीटर तक दर्ज की गई है।
    • त्वचा और रंग: इसकी पीठ का हिस्सा अत्यधिक खुरदरा और झुर्रीदार (Bumpy and Wrinkled Back) होता है। इसका रंग गहरा भूरा से लाल-भूरा होता है।
    • विशिष्ट पहचान: इसमें एक स्पष्ट रूप से उभरा हुआ डोम के आकार का कान का पर्दा (Domed Eardrum) और पैर की उंगलियों पर छोटे पैड (Small Toe Pads) होते हैं। आनुवंशिक विश्लेषण (Mitochondrial 16S rRNA) से पता चला है कि यह अपनी निकटतम मेघालय की प्रजाति (Ingerana occidens) से 4.8% से 6.6% तक भिन्न है।
  • संरक्षण स्थिति (Conservation Implications): चूंकि ये मेंढक पहले ‘कम चिंताजनक’ (Least Concern) श्रेणी वाले मेंढकों में गिने जाते थे, अब अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा इनकी सीमित भौगोलिक आबादी के आधार पर नए सिरे से स्वतंत्र संरक्षण स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: मिजोरम में 2026 में खोजी गई मेंढक की दो नई प्रजातियाँ कौन सी हैं?

उत्तर: मिजोरम में खोजी गई दो नई प्रजातियां डट्टाफ्राइनस फावंगपुई (Duttaphrynus phawngpui) (एक पहाड़ी टॉड) और इंगेराना आइजोल (Ingerana aizawl) (एक छोटा ट्रिकल मेंढक) हैं। 

प्रश्न 2: Duttaphrynus phawngpui को कहां और कैसे खोजा गया?

उत्तर: इसे फावंगपुई राष्ट्रीय उद्यान (Phawngpui National Park) में 2,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर विस्तृत रूपात्मक (Morphological) और डीएनए (DNA) अध्ययनों के माध्यम से खोजा गया है. 

प्रश्न 3: Ingerana aizawl ko Mizoram में कहां खोजी गई?

उत्तर: यह दुर्लभ प्रजाति आइजोल में स्थित मिजोरम विश्वविद्यालय (Mizoram University) परिसर के भीतर एक प्राकृतिक झरने (Hratdawng Stream) के पास खोजी गई है. 

प्रश्न 4: New Frog Species India की discovery में Mizoram University के researchers की क्या भूमिका रही?

उत्तर: विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग के प्रो. एच.टी. लालरेम्संगा के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने 2025-2026 के फील्ड सर्वेक्षणों के दौरान इन नमूनों को एकत्रित और विश्लेषित किया.

प्रश्न 5: डट्टाफ्राइनस फावंगपुई मिजोरम की अन्य मेंढक प्रजातियों से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर: यह पीला-भूरा टॉड आकार में 56 मिमी तक बड़ा होता है और अपने समकक्षों के विपरीत, इसके सिर पर कोई हड्डीदार उभार (Bony Ridges) या बाहरी कान का पर्दा नहीं होता है.

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