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पश्चिमी घाट में नई शील्डटेल प्रजाति राइनोफिस सिरुवानिएन्सिस की खोज (New shieldtail species Rhinophis siruvaniensis discovered in the Western Ghats) | UPSC

New shieldtail species Rhinophis siruvaniensis discovered in the Western Ghats

New shieldtail species Rhinophis siruvaniensis discovered in the Western Ghats

संदर्भ:

हाल ही में वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट के सिरुवानी हिल्स (केरल–तमिलनाडु सीमा) में एक नई शील्डटेल प्रजाति — राइनोफिस सिरुवानिएन्सिस की खोज की है। यह खोज इवोल्यूशनरी सिस्टमैटिक्स (2025) में प्रकाशित अध्ययन पर आधारित है, जो भारत के एंडेमिक सर्प विविधता और बायोडायवर्सिटी संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नई प्रजाति राइनोफिस सिरुवानिएन्सिस:

  • सिरुवानी शील्डटेल सांप (राइनोफिस सिरुवानिएन्सिस) भारत के पश्चिमी घाटों में पाई जाने वाली एक नई खोजी गई, विषरहित, बिल खोदने वाली प्रजाति है। 

  • इस सांप का शरीर लंबा और बेलनाकार होता है, जिसकी लंबाई लगभग एक फुट तक होती है, इसका सिर छोटा होता है और इसकी थूथन नुकीली होती है जो खोदने के लिए अनुकूलित होती है।
  • इसकी ऊपरी सतह चमकदार, गहरे भूरे-काले रंग की होती है। निचली सतह मलाईदार सफेद रंग की होती है जिस पर बड़े-बड़े, गहरे भूरे-काले धब्बे होते हैं, जो इसे अन्य प्रजातियों से अलग करने वाली एक प्रमुख विशेषता है।
  • इसकी पूंछ का सिरा एक अनोखी, गुंबदनुमा ढाल जैसी संरचना से बना होता है। माना जाता है कि यह कठोर पूंछ सिर की तरह दिखती है, जो एक रक्षात्मक अनुकूलन (सेफेलिक मिमिक्री) है।
  • ये केंचुओं और अन्य मिट्टी में रहने वाले अकशेरुकी जीवों को अपना आहार बनाते है।
  • इनके शरीर के मध्य भाग में 17 पृष्ठीय शल्क पंक्तियाँ, 202-205 उदर शल्क और 4-8 जोड़ी उपपुच्छीय शल्क शामिल हैं। 
  • यह प्रजाति पहली बार 2015 में केरल के जेल्लीपारा (पलक्कड़) जिले में मिली। स्थानीय पर्यटक गाइड बेसिल पी. दास ने इसका चित्र प्राकृतिकविद डेविड वी. राजू व बाद में शील्डटेल मानचित्रण परियोजना (SMP) को भेजा। दस वर्ष बाद यही नमूने नई प्रजाति सिद्ध हुए। 
  • पश्चिमी घाट एक युनेस्को विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल और वैश्विक हॉटस्पॉट है, जहां शील्डटेल जैसे विशिष्ट व भूमिगत जीवों की बड़ी विविधता पाई जाती है।

शील्डटेल (Uropeltidae) सर्प समूह:

  • शील्डटेल सर्प मुख्यतः भारत और श्रीलंका में पाए जाते हैं। कुल 73 प्रजातियों में से राइनोफिस वंश की 26 प्रजातियाँ ज्ञात हैं, जिनमें 6 भारत में पाई जाती हैं। उनकी डिस्क-आकार की पूँछ के कारण इन्हें यह नाम दिया गया है।
  • ये सर्प भूमिगत, धीमी गति वाले व अत्यधिक विशेषीकृत (specialised) शरीर रचना वाले होते हैं, जिसके कारण ये पर्यावरण परिवर्तन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं।
  • 2018 के अध्ययन के अनुसार, शील्डटेल सर्पों की विशेष खोपड़ी संरचना, सीमित भोजन स्रोत व संकीर्ण आवास, जलवायु परिवर्तन के कारण ये अत्यधिक खतरे में हैं।
  • भूमिगत जीवनशैली के कारण इनकी प्रजनन, व्यवहारिक पैटर्न और मौसमी गतिविधियाँ पूरी तरह ज्ञात नहीं हैं, जिससे इनका IUCN आकलन भी कठिन है।

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