(Qudenga vaccine approved) क्यूडेंगा वैक्सीन को मंजूरी

संदर्भ:
हाल ही में भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) के अधीन विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) ने जापान की दवा कंपनी तकेदा (Takeda) द्वारा विकसित डेंगू वैक्सीन ‘Qdenga’ (TAK-003) को भारत में आयात और उपयोग के लिए मंजूरी दी है।
Qdenga (TAK-003) के प्रमुख बिंदु:
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- वैक्सीन का प्रकार: यह एक टेट्रावैलेंट (Tetravalent) लाइव-एटिन्यूएटेड (कमजोर किया हुआ जीवित वायरस) वैक्सीन है।
- कार्यप्रणाली: यह डेंगू वायरस के चारों सेरोटाइप (DENV-1, DENV-2, DENV-3, और DENV-4) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसमें DENV-2 स्ट्रेन को आनुवंशिक आधार (Backbone) के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
- पात्रता: भारत में इसे 4 से 60 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए अनुमोदित किया गया है।
- विशेषता: अन्य पिछली वैक्सीन (जैसे Dengvaxia) के विपरीत, Qdenga के लिए टीकाकरण से पहले डेंगू संक्रमण के परीक्षण (Pre-screening) की आवश्यकता नहीं होती है।
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महत्व: तकेदा ने हैदराबाद स्थित बायोलॉजिकल ई (Biological E) के साथ साझेदारी की है ताकि भारत में प्रति वर्ष 50 से 100 मिलियन खुराक का उत्पादन किया जा सके।
- प्रभावकारिता (Efficacy): यह गंभीर डेंगू और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में प्रभावी पाई गई है, हालांकि यह मुख्य रूप से बीमारी की गंभीरता को कम करती है।
- सीमाएं: यह DENV-2 के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है, लेकिन भारत में बढ़ रहे DENV-3 और DENV-4 सेरोटाइप के खिलाफ इसकी प्रभावकारिता कम देखी गई है। टीका के पूर्ण कोर्स की अनुमानित लागत के कारण, व्यापक पहुंच के लिए यह एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
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Qdenga के साथ-साथ, भारत की अपनी स्वदेशी वैक्सीन ‘DengiAll’ भी विकास के उन्नत चरणों में है। इसे ICMR और पैनसिया बायोटेक (Panacea Biotec) द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह एक एकल-खुराक (Single-dose) वैक्सीन होने की संभावना है, जो 2027 तक उपलब्ध हो सकती है। |
डेंगू क्या है?
- परिचय: डेंगू एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है, जो डेंगू वायरस (DENV) के कारण होता है। यह वायरस संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलता है।
- वायरस के प्रकार: डेंगू के चार अलग-अलग सेरोटाइप (DENV-1, 2, 3, 4) होते हैं। एक प्रकार से ठीक होने के बाद व्यक्ति को उसी प्रकार के लिए जीवनभर प्रतिरक्षा मिलती है, लेकिन दूसरे सेरोटाइप से दोबारा संक्रमण होने पर गंभीर डेंगू का खतरा बढ़ जाता है।
- लक्षण: अचानक तेज बुखार (104°F), तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द (हड्डी तोड़ बुखार), और त्वचा पर लाल चकत्ते इसके मुख्य लक्षण हैं।
- गंभीर स्थिति: लगभग 20 में से 1 व्यक्ति को गंभीर डेंगू हो सकता है, जिसमें मसूड़ों/नाक से खून आना, प्लेटलेट्स गिरना और ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियां शामिल हैं।
- निदान व उपचार: इसकी पहचान NS1 एंटीजन या IgM/IgG एंटीबॉडी रक्त परीक्षण से होती है। वर्तमान में कोई विशिष्ट एंटी-वायरल दवा नहीं है; मुख्य उपचार आराम करना, अधिक तरल पदार्थ लेना और दर्द कम करना है।
- बचाव: मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए ठहरे हुए पानी को हटाना और मच्छरदानी या रिपेलेंट्स का उपयोग करना ही सबसे प्रभावी उपाय है।