भारत की खुफिया एजेंसी Research and Analysis Wing – R&AW- परिचय, गठन, आवश्यकता, संरचना एवं योगदान
संदर्भ:
हाल ही में भारत की बाह्य खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (Research and Analysis Wing – R&AW) के प्रमुख पराग जैन ने द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ताओं और आतंकवाद विरोधी रणनीतियों को सुदृढ़ करने के लिए बांग्लादेश का महत्वपूर्ण और रणनीतिक आधिकारिक दौरा किया।
अनुसंधान और विश्लेषण विंग (R&AW) क्या है?
- परिचय: अनुसंधान और विश्लेषण विंग (R&AW) भारत की प्राथमिक बाह्य खुफिया एजेंसी (India’s External Intelligence Agency) है।
- इसका मुख्य कार्य विदेशी धरती से खुफिया जानकारी एकत्र करना, आतंकवाद का मुकाबला करना, भारत के रणनीतिक हितों की रक्षा करना तथा विदेशी नीति निर्माताओं को गुप्त इनपुट प्रदान करना है।
- स्थापना वर्ष: इसकी स्थापना 21 सितंबर 1968 को की गई थी।
- गठन की आवश्यकता: वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान खुफिया तंत्र की विफलता के बाद एक समर्पित बाह्य खुफिया एजेंसी की तत्काल आवश्यकता महसूस की गई।
- इससे पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ही आंतरिक और बाह्य दोनों खुफिया कार्यों को संभालता था।
- संस्थापक पिता: प्रख्यात खुफिया अधिकारी रमेश्वर नाथ काव (R.N. Kao) इसके पहले निदेशक बने, जिन्होंने इस एजेंसी को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया।
- विधिक स्थिति: R&AW एक संहिताबद्ध संसदीय अधिनियम (Statutory Act) के बजाय सीधे एक प्रशासनिक कार्यकारी आदेश के माध्यम से गठित संगठन है।
- यह सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act, 2005) के दायरे से बाहर (अनुसूची 2 के तहत अपवाद) है। यह सीधे भारत के प्रधानमंत्री के प्रति जवाबदेह है।
- प्रशासनिक नियंत्रण: यह सीधे मंत्रिमंडल सचिवालय (Cabinet Secretariat R&AW) के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्य करती है। तकनीकी रूप से, R&AW के प्रमुख को ‘सचिव (अनुसंधान)’ [Secretary (Research)] पदनामित किया जाता है।
- मुख्यालय: इसका केंद्रीय मुख्यालय लोधी रोड, नई दिल्ली (R&AW Headquarters) में स्थित है।
- प्रमुख (RAW Chief): वर्तमान में वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी पराग जैन इसके प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।
- संरचनात्मक घटक: इसके अंतर्गत कई विशिष्ट इकाइयाँ संचालित होती हैं:
- एविएशन रिसर्च सेंटर (ARC): हवाई रेकी और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी (ELINT) जुटाने के लिए।
- विशेष फ्रंटियर फोर्स (SFF): एक विशेष अर्धसैनिक बल जो मुख्य रूप से गुप्त और पर्वतीय ऑपरेशनों के लिए उत्तरदायी है।
- राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (NTRO): यह तकनीकी इंटेलिजेंस (TechInt) और साइबर सुरक्षा में सहयोग करता है।
- चयन एवं पात्रता (Recruitment): प्रारंभ में इसमें केवल भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और सैन्य बलों से अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर लिया जाता था।
- बाद में, एक समर्पित संवर्ग ‘रिसर्च एंड एनालिसिस सर्विस’ (RAS) का गठन किया गया, जो सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से चयनित अधिकारियों को सीधे शामिल होने का अवसर देता है।
- इसके अतिरिक्त, भाषा और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों की सीधी पार्श्व भर्ती (Lateral Entry) भी की जाती है।
कार्य और प्रमुख शक्तियां:
- रणनीतिक खुफिया जानकारी एकत्र करना: भारत की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले पड़ोसी देशों और वैश्विक महाशक्तियों के सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रमों की गुप्त रूप से निगरानी करना।
- आतंकवाद विरोधी अभियान (Counter-Terrorism Operations): भारत के खिलाफ काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेटवर्कों, उनके वित्तपोषण (Funding) स्रोतों और सुरक्षित ठिकानों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना।
- साइबर और तकनीकी खुफिया (Cyber Intelligence): क्रिटिकल राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे पर होने वाले विदेशी साइबर हमलों को विफल करना तथा विदेशी संचार नेटवर्कों से आवश्यक सिग्नल्स इंटेलिजेंस (SIGINT) एकत्र करना।
- प्रसार विरोधी (Counter-Proliferation): भारत के पड़ोस में सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) और परमाणु प्रणालियों के अवैध प्रसार और गुप्त आपूर्ति श्रृंखलाओं पर कड़ी नजर रखना।
- मनोवैज्ञानिक युद्ध और प्रभाव (Psychological Warfare): राष्ट्रीय हितों के पक्ष में वैश्विक जनमत बनाने और राष्ट्र-विरोधी तत्वों को कमजोर करने के लिए रणनीतिक गुप्त सूचना अभियानों को संचालित करना।
प्रमुख ऐतिहासिक ऑपरेशनों में योगदान:
- बांग्लादेश का निर्माण (1971): R&AW ने पूर्वी पाकिस्तान के स्वतंत्रता सेनानियों (मुक्ति वाहिनी) को गुप्त सैन्य प्रशिक्षण और खुफिया सहायता प्रदान की, जिससे 1971 के युद्ध में भारत को ऐतिहासिक विजय प्राप्त हुई।
- सिक्किम का विलय (1975): R&AW ने सिक्किम में लोकतंत्र समर्थक ताकतों को मजबूत करने और चीन के हस्तक्षेप को विफल करने के लिए जमीन तैयार की, जिसके परिणामस्वरूप अंततः सिक्किम का भारत संघ में पूर्ण शांतिपूर्ण विलय हुआ।
- ऑपरेशन मेघदूत (1984): सियाचिन ग्लेशियर पर पाकिस्तान के कब्जे की गुप्त योजना का पहले ही पता लगाकर R&AW ने भारतीय सेना को रणनीतिक इनपुट दिए, जिससे भारत ने ‘ऑपरेशन मेघदूत’ के तहत पूरे सियाचिन ग्लेशियर पर नियंत्रण स्थापित किया।
- परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा (पोखरण-II, 1998): वर्ष 1998 में भारत के गुप्त परमाणु परीक्षणों के दौरान अमेरिकी उपग्रहों और पश्चिमी खुफिया एजेंसियों को चकमा देकर मिशन की गोपनीयता बनाए रखने में R&AW ने अभूतपूर्व भूमिका निभाई थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Research and Analysis Wing (R&AW) क्या है?
उत्तर: यह भारत की प्राथमिक बाह्य खुफिया एजेंसी (India’s External Intelligence Agency) है, जो विदेशी धरती पर गुप्त सूचनाएं एकत्र करने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का कार्य करती है।
प्रश्न 2: R&AW की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: चीन और पाकिस्तान के युद्धों के बाद भारत के बाह्य खुफिया तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से 21 सितंबर 1968 को इसकी स्थापना की गई थी।
प्रश्न 3: R&AW का मुख्यालय कहां है?
उत्तर: R&AW का केंद्रीय प्रशासनिक मुख्यालय नई दिल्ली के लोधी रोड परिसर में स्थित है।
प्रश्न 4: R&AW का मुख्य काम क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य काम अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करना, विदेशी रणनीतिक खुफिया जानकारी जुटाना, साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना और नीति निर्माताओं को गुप्त इनपुट देना है।
प्रश्न 5: R&AW किसके अधीन काम करती है?
उत्तर: यह भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय (Cabinet Secretariat) के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत सीधे भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को रिपोर्ट करती है।
प्रश्न 6: R&AW और IB में क्या अंतर है?
उत्तर: R&AW मुख्य रूप से भारत की सीमाओं के बाहर (Foreign Intelligence) खुफिया गतिविधियों के लिए जिम्मेदार है, जबकि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भारत के भीतर आंतरिक सुरक्षा और काउंटर-इंटेलिजेंस का कार्य संभालता है।
