मशरूम की नई प्रजाति “Russula griseopurpurata” की खोज
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संदर्भ:
हाल ही में भारत में मशरूम की एक नई प्रजाति (New Mushroom Species) की खोज की गई है, जिसका नाम रसूला ग्रिसोपुरपुराटा (Russula Griseopurpurata) रखा गया। यह दुर्लभ कवक मेघालय के री-भोई जिले के जिरांग क्षेत्र में सखुआ (साल) के पेड़ के नीचे पाया गया।
रसूला ग्रिसोपुरपुराटा (Russula Griseopurpurata) के बारे में:
- खोज स्थल: इसका होलोटाइप (Holotype – नामकरण का संदर्भ नमूना) 22 जुलाई 2022 को मेघालय के री-भोई जिले के जिरांग क्षेत्र में समुद्र तल से 320 मीटर की ऊंचाई पर खोजा गया था। बाद में पश्चिम बंगाल और मेघालय से कुल तीन नमूने जांचे गए।
- खोजकर्ता: इस नई प्रजाति की खोज गौहाटी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं—डॉ. निरंजन रॉय, पिनाकी चट्टोपाध्याय, डॉ. अरुण कुमार दत्ता और प्रो. भवेन तांती द्वारा की गई है।
- प्रकाशन: इस मशरूम प्रजाति का वैज्ञानिक विवरण 5 अगस्त 2026 को कवक वर्गीकरण की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका ‘फाइटोटैक्सा’ (Phytotaxa) में प्रकाशित हुआ।
- वर्गीकरण:
- किंगडम (Kingdom): कवक (Fungi)
- वंश (Genus): रसूला (Russula) – इस वंश के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर लगभग 2,000 प्रजातियां शामिल हैं, जिनमें से 180 से अधिक भारत में प्रलेखित (Documented) हैं।
- उपखंड (Subsection): इसे Russula subsect. Cyanoxanthinae के तहत एक विशिष्ट टैक्सोनॉमिक इकाई माना गया है।
- नाम का आधार: ‘ग्रिसोपुरपुराटा’ (Griseopurpurata) नाम इसके विशिष्ट धूसर-बैंगनी (Greyish-purple) रंग को दर्शाता है।
- शारीरिक बनावट:
- टोपी (Pileus/Cap): इस मशरूम की टोपी मध्यम आकार की और धूसर-बैंगनी रंग की होती है, जो परिपक्व या पुरानी होने पर सतह पर दरारें (Cracks) प्रदर्शित करती है।
- गलफड़े (Gills/Lamellae): इसके गिल्स डंठल (Stalk/Stipe) के पास विशिष्ट रूप से शाखाओं में बंटे (Forkings) होते हैं।
- सूक्ष्म संरचना (Microscopic Traits): इसके बेसिडियोस्पोर्स (Spores) गोलाकार होते हैं और गिल्स के किनारों पर लंबे उपांग वाले सिस्टिडिया (Cystidia) पाए जाते हैं।
- खाद्यता (Edibility): रसूला वंश की कुछ प्रजातियां खाने योग्य होती हैं, लेकिन Russula griseopurpurata के मानव उपभोग के लिए सुरक्षित होने की पुष्टि नहीं की गई है।
- सहजीवी संबंध (Mycorrhizal Association): यह कवक सखुआ या साल के पेड़ (Shorea robusta) की जड़ों के साथ एक महत्वपूर्ण ‘एक्टोमाइकोराइज़ल’ (Ectomycorrhizal) सहजीवी संबंध बनाता है।
- कवक पेड़ को मिट्टी से खनिज और पानी अवशोषित करने में मदद करता है और बदले में प्रकाश संश्लेषण से बनी शर्करा प्राप्त करता है।
- पारिस्थितिकी भूमिका: यह वन पारिस्थितिकी तंत्र में पोषक चक्र (Nutrient Cycling) को बनाए रखने और पेड़ों के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत में मशरूम की विविधता (Mushroom Diversity in India):
- गुच्छी मशरूम (Morchella esculenta): जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के हिमालयी जंगलों में पाई जाने वाली अत्यधिक महंगी औषधीय कवक, जो जीआई टैग (GI Tag) के लिए भी चर्चा में रहती है।
- बायोलुमिनेसेंट मशरूम (Roridomyces phyllostachydis): मेघालय की बांस की झाड़ियों में पाए जाने वाले मशरूम जो रात में प्राकृतिक रूप से चमकते हैं।
- सफेद बटन मशरूम: यह भारत में सबसे अधिक खाया और उगाया जाने वाला मशरूम है। यह ठंडे मौसम में अच्छा उगता है।
- ऑयस्टर मशरूम (ढिगरी): इसे उगाना सबसे आसान है। यह सीप के आकार का होता है और विभिन्न रंगों में मिलता है।
- मिल्की मशरूम (दूधिया): यह गर्म और आर्द्र मौसम (30°C से अधिक तापमान) में अच्छी तरह उगता है। यह दक्षिण भारत में बहुत लोकप्रिय है।
- पैडी स्ट्रॉ मशरूम (धान का पैरा): इसे धान के पुआल पर उगाया जाता है। यह कम समय में और गर्म जलवायु में तैयार होता है।
- औषधीय मशरूम: गैनोडर्मा (रिशी) जैसी फंगस का उपयोग पारंपरिक और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Russula griseopurpurata क्या है?
उत्तर: यह भारत में खोजी गई मशरूम (कवक) की एक नई वैज्ञानिक प्रजाति है, जो रसूला (Russula) वंश से संबंधित है।
प्रश्न 2: Russula griseopurpurata की खोज कहां हुई?
उत्तर: इसकी खोज मेघालय के री-भोई जिले के जिरांग क्षेत्र में समुद्र तल से 320 मीटर की ऊंचाई पर की गई है।
प्रश्न 3: क्या Russula griseopurpurata भारत में पाई जाने वाली नई मशरूम प्रजाति है?
उत्तर: हाँ, यह विज्ञान के लिए पूर्णतः एक नई प्रजाति है, जिसे अब तक केवल मेघालय और पश्चिम बंगाल राज्यों से दर्ज किया गया है।
प्रश्न 4: Russula griseopurpurata की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर: इसकी प्रमुख विशेषताएं धूसर-बैंगनी टोपी, परिपक्व होने पर उसमें दरारें पड़ना और डंठल के पास गलफड़ों (Gills) का शाखाओं में बंटना है।
प्रश्न 5: Russula किस प्रकार का फंगस है?
उत्तर: यह एगारिक (Agaric) कवकों का एक विशाल वंश है, जो पेड़ों की जड़ों के साथ एक्टोमाइकोराइज़ल (सहजीवी) संबंध बनाने के लिए जाना जाता है।
प्रश्न 6: नई मशरूम प्रजातियों की खोज क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह देश के फंगल डेटाबेस (Fungal Taxonomy) को समृद्ध करती है, पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और भविष्य में औषधीय अनुप्रयोगों (Bio-prospecting) के रास्ते खोलती है।
