Sarvottam Jeevan Raksha Padak- परिचय, शुरुआत, पात्रता, महत्वपूर्ण व्यक्तित्व
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड के सिल्क्यारा सुरंग बचाव अभियान (Silkyara Tunnel Rescue Operation) में अदम्य साहस का परिचय देने वाले 12 रैट माइनिंग (चूहा खनन) कर्मचारियों को प्रतिष्ठित सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक (Sarvottam Jeevan Raksha Padak) से सम्मानित किया।
सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक (Sarvottam Jeevan Raksha Padak) के बारे में:
- परिचय: यह एक नागरिक पुरस्कार है जो किसी व्यक्ति की जान बचाने के मानवीय स्वभाव वाले सराहनीय और वीरतापूर्ण कार्यों के लिए दिया जाता है। भारत के नागरिक जीवनरक्षक पुरस्कारों (Life Saving Medal India) के अंतर्गत यह सम्मान अत्यंत गरिमामय स्थान रखता है।
- श्रेणी: यह भारत सरकार द्वारा प्रदत्त नागरिक जीवनरक्षक पुरस्कारों की ‘जीवन रक्षा पदक श्रृंखला’ (Jeevan Raksha Padak Series of Awards) का सर्वोच्च श्रेणी का पदक है।
- मूल मानदंड: यह विशेष रूप से तब प्रदान किया जाता है जब कोई रक्षक अपने जीवन को अत्यधिक संकटपूर्ण और जानलेवा खतरे (Very Great Danger) की स्थितियों में डालकर दूसरों की रक्षा करता है।
- स्थापना: इस पुरस्कार की स्थापना 30 सितंबर 1961 को भारत सरकार द्वारा की गई थी।
- प्रारंभ में इसे ‘जीवन रक्षा पदक, प्रथम श्रेणी’ (Jeevan Raksha Padak, Class I) कहा जाता था। वर्ष 1967 में इसका पुनर्गठन कर नाम बदलकर ‘सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक’ कर दिया गया।
- इसे अब तीन-स्तरीय संरचना में बदल दिया गया: सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक (टियर 1), उत्तम जीवन रक्षा पदक (टियर 2), और जीवन रक्षा पदक (टियर 3)
- मंत्रालय: यह पुरस्कार भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs – MHA) के प्रशासनिक नियंत्रण और नीतिगत दिशानिर्देशों के तहत संचालित होता है।
- पात्रता मानदंड:
- सार्वभौमिकता: यह राष्ट्रीय पुरस्कार (National Awards) जीवन के सभी क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों (सभी नागरिकों) के लिए खुला है, चाहे उनका लिंग या व्यवसाय कुछ भी हो।
- विशेष बल पात्रता: सशस्त्र बलों (Armed Forces), केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPFs) और पुलिस कर्मियों को यह तभी दिया जाता है, जब उन्होंने अपने नियमित आधिकारिक कर्तव्य (Line of Duty) से बाहर जाकर मानवीय जीवन की रक्षा की हो।
- मरणोपरांत सम्मान: यह पदक मरणोपरांत (Posthumously) भी प्रदान किया जा सकता है।
- चयन प्रक्रिया:
- नामांकन: प्रतिवर्ष राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों और केंद्रीय मंत्रालयों से इसके लिए ऑनलाइन नामांकन (Online Nominations) आमंत्रित किए जाते हैं।
- समय सीमा: वीरतापूर्ण कार्य किए जाने की तिथि से दो कैलेंडर वर्षों के भीतर ही नामांकन पर विचार किया जाता है।
- उच्च स्तरीय समिति: गृह मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय ‘पुरस्कार समिति’ (Awards Committee) इन प्रस्तावों की स्क्रूटनी करती है।
- अंतिम संस्तुति: समिति की सिफारिशों को प्रधानमंत्री के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति (President of India) के पास भेजा जाता है, जिनके अनुमोदन के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा होती है।
- पुरस्कार: विजेताओं को सम्मान स्वरूप निम्नलिखित प्रदान की जाती हैं:
- प्रमाण पत्र: केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा हस्ताक्षरित एक आधिकारिक प्रशस्ति पत्र।
- लघु पदक (Miniature Medal): औपचारिक परिधानों पर पहनने के लिए एक छोटा पूरक मेडल।
- यह पदक गोलाकार होता है जो मुख्य रूप से सोने (या सोने की परत वाले कांस्य) से निर्मित होता है।
- इसके मुख्य हिस्से पर एक खुला हुआ हाथ (Open Hand) अंकित होता है जो अभय और सुरक्षा का प्रतीक है। इसके शीर्ष पर अर्धवृत्ताकार रूप में ‘सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक’ उत्कीर्ण रहता है।
- मेडल के पिछले हिस्से पर भारत का राष्ट्रीय प्रतीक ‘अशोक स्तंभ’ (Emblem of India) और उसके नीचे देवनागरी लिपि में राष्ट्रीय आदर्श वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ अंकित होता है।
- यह पदक एक विशिष्ट रंगीन सिल्क रिबन (लाल रंग जिसके किनारे नीले और बीच में तीन पतली हरी धारियां होती हैं) के साथ जोड़ा जाता है।
- नकद पुरस्कार राशि (Monetary Allowance): इसके अंतर्गत प्रत्येक विजेता को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की एकमुश्त वित्तीय सहायता ऑनलाइन माध्यम से दी जाती है।
- प्रतिष्ठित प्राप्तकर्ता: वकील हसन, मुन्ना, अंकुर कुमार, मोनू कुमार, देवेंद्र, मोहम्मद राशिद, फिरोज कुरैशी, जतिन कश्यप, शोराभ कश्यप, मोहम्मद इरशाद, नसुरुद्दीन और नसीम।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक जीवनरक्षक पुरस्कार (Life Saving Medal India) है, जो जानलेवा खतरे में दूसरों की जान बचाने पर मिलता है।
प्रश्न 2: सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक किसे प्रदान किया जाता है?
उत्तर: यह उन आम नागरिकों या सुरक्षा बलों को दिया जाता है जिन्होंने अत्यंत जोखिम भरी परिस्थितियों में असाधारण बहादुरी से मानव जीवन बचाया हो।
प्रश्न 3: यह पदक देने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन संकटों जैसे खदान दुर्घटनाओं, आग, बाढ़ आदि के समय नागरिकों द्वारा प्रदर्शित निस्वार्थ वीरता और मानवीय सेवा को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना है।
प्रश्न 4: सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक के लिए कौन पात्र होता है?
उत्तर: लिंग, वर्ग अथवा राष्ट्रीयता के भेद के बिना समाज के सभी क्षेत्रों के नागरिक इसके पात्र हैं। इसमें सैन्य कर्मी भी शर्तों के साथ शामिल हो सकते हैं।
प्रश्न 5: इस पदक के लिए नामांकन कैसे किया जाता है?
उत्तर: इसका नामांकन प्रतिवर्ष राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा अनुशंसित कर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की आधिकारिक पुरस्कार वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाता है।
