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सुदर्शन सेतु

सुदर्शन सेतु, जिसे पहले ओखा – बेट द्वारका सिग्नेचर ब्रिज के नाम से जाना जाता था, भारत का सबसे लंबा केबल-स्टे ब्रिज है। यह भव्य पुल गुजरात राज्य के द्वारका जिले में स्थित है, और ओखा मुख्य भूमि को बेट द्वारका द्वीप से जोड़ता है। 2.45 किलोमीटर लंबा यह पुल 980 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। 25 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया गया।

इस पुल के निर्माण को साल 2016 में केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी और 7 अक्टूबर 2017 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने  इसकी आधारशिला रखी।

सुदर्शन सेतु की विशेषताएं:

  • भारत का सबसे लंबा केबल-स्टे ब्रिज:पुल का डेक कंपोजिट स्टील-रिइनफोर्स्ड कंक्रीट से बना है जिसमें 900 मीटर का सेंट्रल डबल स्पैन केबल-स्टैंड वाला हिस्सा और 45 किमी लंबी एप्रोच रोड शामिल है।
  • सौर ऊर्जा से संचालित:पुल के फुटपाथ पर सौर पैनल लगाए गए हैं जो 1 मेगावाट बिजली पैदा करते हैं, जिससे पुल स्वयं ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर बन जाता है।
  • भगवद गीता से प्रेरित:पुल के फुटपाथ पर श्रीमद् भगवद्गीता के श्लोकों और भगवान कृष्ण की छवियों को उकेरा गया है।
  • पर्यटन को बढ़ावा:इस सेतु से वाहनों की आवाजाही और सुगम होगी और द्वारका एवं बेयत-द्वारका मार्ग के बीच यात्रा करने वाले भक्तों के समय में काफी कमी करेगा।  यह प्रतिष्ठित सेतु देवभूमि द्वारका के प्रमुख पर्यटक आकर्षण के रूप में भी कार्य करेगा

सुदर्शन सेतु के लाभ:

  • कनेक्टिविटी में सुधार:इस पुल के निर्माण से द्वारका और बेट द्वारका के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है। पहले, लोगों को द्वीप तक पहुंचने के लिए नाव का उपयोग करना पड़ता था, जो समय लेने वाला और जोखिम पूर्ण भी था।
  • आर्थिक विकास:इस पुल के निर्माण से द्वारका और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
  • पर्यटन को बढ़ावा:इस पुल के निर्माण से द्वारका में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सुदर्शन सेतु से जुड़ी खास बातें

  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 7 अक्टूबर 2017 को इसकी नींव रखी थी।
  • यह ब्रिज (सुदर्शन सेतु) गुजरात के ओखा मुख्य भूमि और बेट द्वारका द्वीप को जोड़ेगा।
  • चार लेन वाले 20 मीटर चौड़े पुल की प्रत्येक साइड पर 2.50 मीटर चौड़े फुटपाथ हैं।
  • सुदर्शन सेतु पर भगवद गीता के श्लोकों और दोनों तरफ भगवान श्री कृष्ण की छवियों से सजा हुआ फुटपाथ है।
  • इसमें पैदलपथ के ऊपरी हिस्से पर सौर पैनल भी लगाए गए गए हैं।
  • सुदर्शन पुल का निर्माण एसपी सिंघला कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने किया है।
  • यह सेतु देश का सबसे लंबा केबल-आधारित सेतु है।
  • इस पुल को ‘सिग्नेचर ब्रिज’ के नाम से जाना जाता था, उसका नाम बदलकर ‘सुदर्शन सेतु’ या सुदर्शन ब्रिज कर दिया गया है।

निष्कर्ष:

सुदर्शन सेतु भारत का एक महत्वपूर्ण infrastructural project है। यह पुल न केवल द्वारका और बेट द्वारका के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, बल्कि द्वारका और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

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