World Student Day: परिचय, शुरुआत, थीम एवं महत्वपूर्ण तथ्य
संदर्भ:
15 अक्टूबर 2026 को भारत के 11वें राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक और महान शिक्षक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती के अवसर पर देश भर में विश्व विद्यार्थी दिवस (World Student Day) मनाया जा रहा है।
विश्व विद्यार्थी दिवस के बारे में:
- परिचय: World Student Day, युवाओं को सशक्त बनाने, उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temperament) जागृत करने और समाज में गुणात्मक बदलाव लाने के लिए विद्यार्थियों की भूमिका को सम्मानित करने वाला एक महत्वपूर्ण वार्षिक उत्सव है।
- यह दिन मुख्य रूप से युवा सशक्तिकरण (Youth Empowerment) और शिक्षा के महत्व को प्रसारित करने का माध्यम है।
- शुरुआत: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विद्यार्थियों और युवाओं के प्रति गहरे लगाव व उनके विचारों से प्रेरित होकर वर्ष 2010 में भारत सरकार और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर पर ‘विद्यार्थी प्रेरणा दिवस’ और ‘विश्व विद्यार्थी दिवस’ (World Students Day) के रूप में मनाने की शुरुआत की गई।
- आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा 15 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस’ (International Day of Rural Women) के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसके बावजूद, डॉ. कलाम की वैश्विक लोकप्रियता के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों द्वारा मनाया जाता है।
- उद्देश्य:
- वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाना: छात्रों के भीतर तर्क, अनुसंधान और वैज्ञानिक सोच (Scientific Thinking) को बढ़ावा देना।
- समावेशी शिक्षा: प्रत्येक आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुगमता सुनिश्चित करना।
- नैतिक मूल्यपरक शिक्षा: केवल किताबी ज्ञान के बजाय छात्रों में अखंडता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना का विकास करना।
- इस वर्ष की थीम (World Student Day Theme 2026): सरकार या किसी वैश्विक निकाय द्वारा World Student Day 2026 के लिए कोई औपचारिक आधिकारिक थीम घोषित नहीं की गई है।
- कार्यक्रम और तैयारियाँ: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा इस दिन व्यापक स्तर पर शैक्षणिक जागरूकता दिवस (Education Awareness Day) के रूप में निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किए गए।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन और योगदान
- जन्म: 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक साधारण नाविक परिवार में।
- शिक्षा: मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री।
- प्रशासनिक पद: भारत के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार (1992-1999) और वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति। उन्हें जन-सामान्य से सीधे जुड़ाव के कारण ‘जनता का राष्ट्रपति’ (People’s President) भी कहा जाता है।
- योगदान:
- मिसाइल मैन (Missile Man of India): उन्होंने इसरो (ISRO) और डीआरडीओ (DRDO) में रहते हुए भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III) और अग्नि व पृथ्वी जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास का सफल नेतृत्व किया।
- उन्होंने भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान SLV-3 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में कार्य किया, जिससे 1980 में रोहिणी उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया गया।
- पोखरण-II परमाणु परीक्षण: वर्ष 1998 में किए गए ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन शक्ति’ परमाणु परीक्षणों के पीछे वे मुख्य रणनीतिकार और वैज्ञानिक थे।
- मिसाइल मैन (Missile Man of India): उन्होंने इसरो (ISRO) और डीआरडीओ (DRDO) में रहते हुए भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III) और अग्नि व पृथ्वी जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास का सफल नेतृत्व किया।
- दृष्टिकोण:
- शिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता: राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद उन्होंने तुरंत अध्यापन कार्य चुना। उनका मानना था कि शिक्षक का पद समाज में सबसे गरिमामय होता है जो युवा मस्तिष्कों को आकार देता है।
- पुरा (PURA) मॉडल: उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए ‘प्रोविजन ऑफ अर्बन एमेनिटीज इन रूरल एरियाज’ (PURA) की परिकल्पना की, ताकि ग्रामीण छात्रों को भी समान अवसर मिल सकें।
- उनका अमर संदेश: उनका सबसे प्रसिद्ध कथन आज भी करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शक है: “सपने वे नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वे हैं जो हमें सोने नहीं देते।“
- प्रमुख पुस्तकें: विंग्स ऑफ फायर (Wings of Fire), इग्नाइटेड माइंड्स (Ignited Minds), और इंडिया 2020 (India 2020)।
- प्रमुख पुरस्कार: पद्म भूषण (1981), पद्म विभूषण (1990) और भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न (1997)।
- निधन: 27 जुलाई 2015 को शिलांग (मेघालय) में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के छात्रों को संबोधित करते हुए मंच पर ही उनका देहावसान हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: विश्व विद्यार्थी दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: विश्व विद्यार्थी दिवस प्रतिवर्ष 15 अक्टूबर को मनाया जाता है।
प्रश्न 2: World Student Day 2026 की तारीख क्या है?
उत्तर: वर्ष 2026 में विश्व विद्यार्थी दिवस गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मनाया जा रहा है।
प्रश्न 3: विश्व विद्यार्थी दिवस क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: यह दिवस समाज के निर्माण में विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम, नवाचार, और शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका (Student Empowerment) को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।
प्रश्न 4: World Student Day किसकी जयंती से जुड़ा है?
उत्तर: यह दिवस भारत के महान वैज्ञानिक, शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती (APJ Abdul Kalam Birth Anniversary) से जुड़ा है।
प्रश्न 5: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का विद्यार्थियों से क्या संबंध था?
उत्तर: डॉ. कलाम विद्यार्थियों को देश का भविष्य मानते थे। वे अपना अधिकांश समय युवाओं के बीच बिताते थे और उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा देते थे।
