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कांगो में इबोला प्रकोप 2025 की समाप्ति (Ebola outbreak in Congo to end by 2025) | UPSC Preparation

Ebola outbreak in Congo to end by 2025

Ebola outbreak in Congo to end by 2025

संदर्भ:

हाल ही में, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4 सितंबर 2025 को शुरू हुए इबोला प्रकोप (देश का 16वां) की समाप्ति की घोषणा की, जो कि दो लगातार ऊष्मायन अवधियों (42 दिन) तक कोई नया मामला न मिलने के बाद हुई।

इबोला प्रकोप 2025 का विस्तार:

  • कुल मामले: 30 नवंबर 2025 तक कुल 64 मामले (53 पुष्ट, 11 संभावित) और 45 मौतें दर्ज की गईं। मृत्यु दर (CFR) 70.3% रही।
  • उच्च जोखिम वाले क्षेत्र: Dikolo – 26 मामले, 15 मौतें, Bulape – 24 मामले, 22 मौतें मुख्य एपिसेंटर थे। दोनों क्षेत्रों में कुल मामलों का 78.1% और कुल मौतों का 82.2% दर्ज किया गया। युवा बच्चों में मृत्यु दर अत्यधिक रही।
  • स्वास्थ्यकर्मियों पर प्रभाव: कुल 5 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हुए (4 नर्स, 1 लैब तकनीशियन), जिनमें से 3 की मृत्यु हो गई। 

इबोला वायरस रोग क्या है?

इबोला वायरस रोग एक गंभीर और घातक बीमारी है, जो इबोला वायरस नामक फिलोवायरस से होती है। यह वायरस मानवों और प्राइमेट्स (बंदर, गोरिल्ला) में संक्रमण फैलाता है। इसकी मृत्यु दर कई बार 25% से 90% तक देखी गई है, इसलिए इसे अत्यधिक खतरनाक संक्रमण माना जाता है।

  • संक्रमण: इबोला वायरस का प्रसार संक्रमित व्यक्ति के खून, शारीरिक द्रव, अंग, या उनसे दूषित सतहों के सीधे संपर्क से होता है। वायरस डायरेक्ट कॉन्टैक्ट से फैलता है। इसके अतिरिक्त, संक्रमित जानवरों जैसे फ्रूट बैट्स, बंदर और गोरिल्ला से भी यह मनुष्यों में प्रवेश कर सकता है। 
  • लक्षण: इबोला के लक्षण सामान्यतः 2 से 21 दिनों में दिखाई देते हैं। शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, थकान, मांसपेशियों में दर्द, गले में दर्द शामिल हैं। बाद के चरण में दस्त, उल्टी, पेट दर्द शुरू हो जाते हैं। कुछ मामलों में आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव, त्वचा पर दाने, लिवर और किडनी फंक्शन का बिगड़ना भी होता है।
  • उपचार: इबोला वायरस रोग का उपचार मुख्य रूप से सपोर्टिव केयर पर आधारित है। इसमें हाइड्रेशन बनाए रखना, ऑक्सीजन स्तर को नियंत्रित करना, इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस, और अंगों के फंक्शन को सपोर्ट करने पर जोर दिया जाता है। कुछ विशेष एंटीवायरल और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी आधारित थेरेपी भी आपात स्थिति में उपयोग की जाती है।
  • रोकथाम: रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका सीधा कॉन्टैक्ट से बचना, संक्रमित मरीजों की देखभाल करते समय PPE पहनना, और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सख्त इन्फेक्शन कंट्रोल प्रोटोकॉल का पालन करना है। एर्वेबो (आरवीएसवी-जेईबीओवी) टीका इस रोग को रोकने में अत्यधिक प्रभावी रहा है।

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