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जनगणना 2027 के पहले चरण की समयसीमा जारी (Deadline for the first phase of Census 2027 has been released) | UPSC

Deadline for the first phase of Census 2027 has been released

Deadline for the first phase of Census 2027 has been released

संदर्भ:

भारत सरकार ने आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण के लिए आधिकारिक रूप से रूपरेखा स्पष्ट कर दी है। 

  • प्रथम चरण: मकान सूचीकरण और आवास गणना 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसमें प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 6 महीने के भीतर अपनी सुविधानुसार 30 दिनों का समय निर्धारित करेंगे। चरण में घरों की स्थिति, स्वामित्व, उपलब्ध सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय) और संपत्तियों का विवरण एकत्र किया जाएगा।
  • द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना फरवरी 2027 के लिए निर्धारित है। अधिकांश भारत के लिए 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) निर्धारित है। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 होगी। 

जनगणना 2027 की विशेषताएं:

  • जनगणना 2027 भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। जिसके लिए ₹11,718.24 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है।
  • केंद्र सरकार ने इसे आधुनिक भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया है।
  • पहली बार डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में डेटा अपलोड और निगरानी संभव होगी।
  • प्रत्येक घर को मैप पर एक “डिजी डॉट” (Digi Dot) के रूप में चिह्नित किया जाएगा, जिससे शहरी नियोजन और आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी।
  • स्वयं-गणना (Self-Enumeration) के लिए एक वेब पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी जानकारी स्वयं भरने का विकल्प चुन सकेंगे।
  • जनगणना अधिकारियों के लिए एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है जो आंकड़ों की गुणवत्ता और प्रबंधन सुनिश्चित करेगा।
  • 1931 के बाद यह पहली बार होगा जब दशकीय जनगणना में जातियों का विवरण एकत्र किया जाएगा। इसमें SC और ST के अलावा अन्य समुदायों के लिए भी जातिगत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।

जनगणना की ऐतिहासिक और संवैधानिक पृष्ठभूमि:

  • भारत में जनगणना का इतिहास काफी पुराना है। प्राचीन भारत में ‘कौटिल्य के अर्थशास्त्र’ और मध्यकाल में ‘आईन-ए-अकबरी’ में जनगणना के साक्ष्य मिलते हैं।
  • जनगणना जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के तहत आयोजित की जाती है। 
  • भारत के गृह मंत्रालय के अधीन रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय द्वारा इसका आयोजन किया जाता है।
  • महापंजीयक और जनगणना आयुक्त (Registrar General and Census Commissioner of India) इसका सर्वोच्च अधिकारी होता है।
  • भारत की पहली गैर-तुल्यकालिक (Non-synchronous) जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में हुई थी। हालांकि, पहली पूर्ण और व्यवस्थित जनगणना 1881 में लॉर्ड रिपन के समय प्रारंभ हुई।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 246 के तहत जनगणना ‘संघ सूची’ (Union List) का विषय है। यह सातवीं अनुसूची के क्रम संख्या 69 पर सूचीबद्ध है।

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