Apni Pathshala

गैलापागोस नेशनल पार्क का हाइब्रिड जायंट कछुआ पुनरुद्धार अभियान (Galapagos National Park Hybrid Giant Tortoise Recovery Campaign) | UPSC

Galapagos National Park Hybrid Giant Tortoise Recovery Campaign

Galapagos National Park Hybrid Giant Tortoise Recovery Campaign

संदर्भ:

हाल ही में, इक्वाडोर के गैलापागोस नेशनल पार्क (Galapagos National Park) प्रशासन और गैलापागोस कंजर्वेंसी ने ‘जायंट टोर्टोज रिस्टोरेशन इनिशिएटिव’ के तहत संता फे द्वीप (Santa Fe Island) पर 158 हाइब्रिड जायंट कछुओं को सफलतापूर्वक उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा है।

हाइब्रिड जायंट कछुओं (Hybrid Giant Tortoises) के बारे में:

  • परिचय: हाइब्रिड कछुए वे जीव हैं जिनमें दो अलग-अलग प्रजातियों के आनुवंशिक गुण (Genes) पाए जाते हैं। गैलापागोस में, कई कछुए ऐसे मिले हैं जिनके पूर्वज फेरनान्डिना या पिंटा जैसी उन प्रजातियों से थे, जिन्हें पहले ‘विलुप्त’ घोषित किया जा चुका था। Galapagos Conservancy के शोध के अनुसार, इन हाइब्रिड कछुओं में विलुप्त प्रजातियों का 50% से 90% तक DNA मौजूद हो सकता है।
  • आहार: ये मुख्य रूप से ओपंटिया कैक्टस (Opuntia Cactus) खाते हैं।
  • आयु: ये कछुए 100 से 150 वर्षों तक जीवित रह सकते हैं।
  • आनुवंशिक विविधता: हाइब्रिड कछुओं में विविधता अधिक होती है, जिससे वे बदलती जलवायु और बीमारियों के प्रति अधिक सहनशील होते हैं।
  • बीज प्रसार: ये कछुए स्थानीय कैक्टस और पौधों के फल खाते हैं, जिससे उनके बीज पूरे द्वीप पर फैलते हैं।
  • वनस्पति नियंत्रण: घास चरने से वे आक्रामक पौधों की वृद्धि को रोकते हैं।
  • लैंडस्केप शेपिंग: उनके भारी वजन और चलने के तरीके से भूमि की बनावट बदलती है, जो छोटे सरीसृपों के लिए आवास बनाती है।
  • संरक्षण स्थिति: संपूर्ण चेलोनोइडिस वंश को IUCN द्वारा आम तौर पर लुप्तप्राय या गंभीर रूप से लुप्तप्राय के रूप में वर्गीकृत किया गया है ।
  • विलुप्त जीन्स का संरक्षण: इन हाइब्रिड कछुओं के माध्यम से वैज्ञानिक उन जीन्स को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं जो ‘लोनसम जॉर्ज’ (पिंटा द्वीप का अंतिम कछुआ) की मृत्यु के साथ खो गए माने जाते थे।

गैलापागोस नेशनल पार्क:

  • परिचय: यह इक्वाडोर का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसकी स्थापना 1959 में हुई थी। यह प्रशांत महासागर में स्थित एक ज्वालामुखी द्वीप समूह है।
  • विश्व धरोहर: 1978 में यूनेस्को (UNESCO) ने इसे अपनी पहली विश्व विरासत सूची में शामिल किया था। 
  • भौगोलिक उत्पत्ति: यह तीन विवर्तनिक प्लेटों ( नाज़का, कोकोस और प्रशांत )के संगम पर ज्वालामुखीय गतिविधि द्वारा निर्मित है।
  • पारिस्थितिक महत्व: इसे ‘जीवित संग्रहालय’ और ‘विकास का प्रयोगशाला’ कहा जाता है। चार्ल्स डार्विन का ‘प्राकृतिक चयन का सिद्धांत’ (Theory of Natural Selection) यहीं के शोध पर आधारित था।
  • प्रमुख जीव: यहाँ विशालकाय कछुए (Giant Tortoises), समुद्री इगुआना, ब्लू-फुटेड बूबी और डार्विन फिंचेस पाए जाते हैं।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top