Sujal Village ID initiative

संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 (JJM 2.0) के अंतर्गत ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के डिजिटल शासन को मजबूत करने के लिए ‘सुजल गाँव ID’ (Sujal Gaon ID) पहल का शुभारंभ किया गया।
सुजल गाँव ID क्या हैं?
सुजल गाँव ID एक योजना-आधारित विशिष्ट डिजिटल पहचान (Unique Digital Identifier) है। इसे ग्रामीण पाइप जलापूर्ति संपत्तियों की पूर्ण डिजिटल मैपिंग सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- उद्देश्य: ग्रामीण जल अवसंरचना की रीयल-टाइम निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
- आधार-समान पहचान: इसे ग्रामीण जल प्रणालियों के लिए ‘आधार’ के रूप में देखा जा रहा है, जो प्रत्येक स्रोत से नल (Source-to-Tap) तक की मैपिंग करता है।
- वर्तमान स्थिति: अब तक 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.64 लाख सुजल गाँव ID बनाई जा चुकी हैं, जिन्हें लगभग 67,000 सुजलाम भारत ID से जोड़ा गया है।
मुख्य विशेषताएं:
- तकनीकी आधार: इसे भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स (BISAG-N) के सहयोग से विकसित किया गया है।
- GIS एकीकरण: यह पीएम गति शक्ति (PM Gati Shakti) GIS प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत है, जो जल नेटवर्क की सटीक भू-स्थानिक मैपिंग (Geospatial Mapping) सक्षम बनाता है।
- सुजलाम भारत डिजिटल फ्रेमवर्क (Sujalam Bharat Framework): सुजल गाँव ID ‘सुजलाम भारत’ राष्ट्रीय डिजिटल वास्तुकला (National Digital Architecture) का एक हिस्सा है। इसमें दो प्रमुख ID एकीकृत है:
- इन्फ्रास्ट्रक्चर ID (Infrastructure ID): जल आपूर्ति के भौतिक ढांचे (पाइप, पंप आदि) की पहचान।
- सर्विस एरिया ID (Service Area ID): उस क्षेत्र की पहचान जहाँ जल आपूर्ति की जा रही है।
इसका महत्व:
- परिवर्तनकारी बदलाव: यह शासन के मॉडल को ‘बुनियादी ढांचा निर्माण’ से हटाकर ‘सेवा वितरण’ (Service Delivery) की ओर ले जाता है।
- जवाबदेही: प्रत्येक नल कनेक्शन एक सत्यापन योग्य डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा होगा, जिससे गलत रिपोर्टिंग की गुंजाइश कम होगी।
- समुदाय सशक्तिकरण: ग्राम पंचायतों और ‘पानी समितियों’ को रीयल-टाइम डेटा तक पहुंच मिलेगी, जिससे वे अपने जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगी।
जल जीवन मिशन (1.0): 2019-2024
जल जीवन मिशन 2.0: 2024-2028
|