World Tuberculosis Day 2026
संदर्भ:
विश्व क्षय (तपेदिक) रोग दिवस हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है ताकि दुनिया की सबसे घातक संक्रामक बीमारियों में से एक, तपेदिक (टीबी) के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
- डॉ. रॉबर्ट कोच द्वारा 1882 में टीबी के जीवाणु की खोज की याद में, 24 मार्च 2026 को पूरे विश्व में विश्व तपेदिक (टीबी) दिवस मनाया गया।
- आधिकारिक थीम: “हाँ! हम टीबी को खत्म कर सकते हैं: देशों के नेतृत्व में, लोगों की शक्ति से” (Yes! We Can End TB: Led by countries, powered by people)।
- प्रमुख कार्यक्रम: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने “टीबी मुक्त भारत ऐप” और “टीबी मुक्त शहरी वार्ड पहल” का शुभारंभ किया गया।
भारत में टीबी की स्थिति:
WHO की ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत ने इस बीमारी के खिलाफ अभूतपूर्व प्रगति की है:
- मामलों में गिरावट: 2015 से 2024 के बीच भारत में टीबी के नए मामलों (Incidence) में 21% की कमी आई है, जो वैश्विक औसत (12%) से लगभग दोगुनी है।
- मृत्यु दर में कमी: इसी अवधि के दौरान टीबी से होने वाली मौतों में 28% की गिरावट दर्ज की गई।
- उपचार कवरेज: भारत में उपचार कवरेज 2015 के 53% से बढ़कर 2024 में 92% हो गया है।
- दवा प्रतिरोधी टीबी (DR-TB): भारत अभी भी दुनिया के लगभग एक-तिहाई मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (MDR) टीबी मामलों का बोझ उठा रहा है।
महत्वपूर्ण सरकारी पहलें (NTEP):
भारत सरकार राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के माध्यम से ‘Detect-Treat-Prevent-Build’ (DTPB) रणनीति पर काम कर रही है:
- निक्षय पोर्टल (Ni-kshay): टीबी रोगियों की निगरानी और उपचार प्रबंधन के लिए वास्तविक समय (Real-time) का डिजिटल प्लेटफॉर्म。
- निक्षय पोषण योजना: रोगियों को पोषण सहायता के लिए प्रति माह ₹1000 (2026 में संशोधित दर) की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सहायता।
- प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान: इसके तहत ‘निक्षय मित्र’ (व्यक्ति या संस्थाएं) टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषण और सामाजिक सहायता प्रदान करते हैं。
- 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान: दिसंबर 2024 में शुरू किए गए इस सघन अभियान के तहत 20 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई।
- BPaLM व्यवस्था: दवा प्रतिरोधी टीबी (MDR-TB) के इलाज की अवधि को 18-24 महीने से घटाकर केवल 6 महीने कर दिया गया है।
- AI-आधारित जांच: पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके उन ‘साइलेंट’ या बिना लक्षण वाले मरीजों की पहचान की जा रही है जो संक्रमण फैला सकते हैं।
- स्वदेशी किट: CB-NAAT और Truenat जैसी आणविक परीक्षण (Molecular testing) सुविधाओं का देशव्यापी विस्तार किया जा रहा है।
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तपेदिक/क्षय (Tuberculosis – TB):
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