114वां अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (International Labour Conference)
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संदर्भ:
हाल ही में 114वां अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (114th International Labour Conference – ILC) स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 1 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित किया गया।
114वां अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (114th International Labour Conference – ILC) मुख्य बिंदु:
- मुख्य एजेंडे: इस वर्ष सम्मेलन में ‘वैश्विक कार्य जगत’ (World of Work) से जुड़े कई समकालीन और गंभीर मुद्दों पर विस्तृत त्रिपक्षीय (Tripartite) चर्चा हुई:
- प्लेटफॉर्म इकोनॉमी में सम्मानजनक कार्य (Decent Work in the Platform Economy): डिजिटल प्लेटफॉर्म और गिग वर्कर्स (Gig Workers) के अधिकारों की सुरक्षा और मानक तय करने पर विशेष ऐतिहासिक विमर्श हुआ।
- कार्यस्थल पर एआई का उपयोग (Decent use of Artificial Intelligence): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रसार के बीच श्रमिकों की नौकरी की सुरक्षा और एआई के नैतिक उपयोग पर नीतियां बनाने पर जोर दिया गया.
- लैंगिक समानता के लिए परिवर्तनकारी एजेंडा (Transformative Agenda for Gender Equality): कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, समान वेतन सुनिश्चित करने और भेदभाव मिटाने पर सर्वसम्मति बनाने का प्रयास हुआ.
- सामाजिक संवाद और त्रिपक्षीयता (Social Dialogue and Tripartism): सरकारों, नियोक्ताओं (Employers) और श्रमिकों के संगठनों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई.
- भारत: भारत ने वैश्विक मंच पर समावेशी विकास, लैंगिक समानता और श्रमिक कल्याण के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित किया.
- केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने इस सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया.
- सम्मेलन के दौरान भारत ने अपने श्रम सुधारों और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Public Infrastructure – DPI) की वैश्विक सफलता को प्रस्तुत किया:
- ई-श्रम पोर्टल (e-Shram Portal): भारत ने अनौपचारिक क्षेत्र (Informative Sector) के श्रमिकों के पंजीकरण और उन्हें सामाजिक सुरक्षा लाभों से जोड़ने के लिए तैयार किए गए ई-श्रम पोर्टल की सफलता को साझा किया, जिसे वैश्विक स्तर पर काफी सराहा गया.
- समानता और कौशल विकास: भारत ने अपने राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल और ‘स्किल इंडिया’ (Skill India) पहलों के एकीकरण (Linkage) को प्रदर्शित किया, जो युवाओं के लिए वन-स्टॉप समाधान (One-stop Solution) के रूप में कार्य कर रहे हैं.
- द्विपक्षीय बैठकें (Bilateral Meetings): भारतीय मंत्री ने नेपाल, बांग्लादेश, ब्राजील, स्विट्जरलैंड, अंगोला और मॉरीशस के श्रम मंत्रियों तथा आईएलओ (ILO) के महानिदेशक गिलबर्ट एफ. होंगबो के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की.
- नेपाल के साथ ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (Neighbourhood First) नीति के तहत श्रम गतिशीलता (Labour Mobility) और डिजिटल तकनीक साझा करने पर विशेष चर्चा हुई.
- फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों के साथ भारतीय कुशल कार्यबल के कानूनी प्रवास (Legal Migration Routes) पर संवाद किया गया.
अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (ILC) क्या है?
- परिचय: अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सर्वोच्च नीति-निर्धारक निकाय को अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (International Labour Conference – ILC) कहते हैं.
- इसे ‘विश्व कार्य संसद’ (Parliament of Labour) भी कहा जाता है, जिसकी बैठक प्रतिवर्ष जिनेवा, स्विट्जरलैंड में होती है.
- त्रिपक्षीय प्रकृति (Tripartite Structure): इसमें प्रत्येक सदस्य देश से 4 प्रतिनिधि शामिल होते हैं—2 सरकारी, 1 नियोक्ता (Employer) और 1 श्रमिक प्रतिनिधि.
- मुख्य कार्य (Core Functions): यह सम्मेलन नए अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानकों (International Labour Standards) को तैयार और स्वीकृत करता है, जो कन्वेंशन और सिफारिशों के रूप में होते हैं.
- बजट और नीति: यह ILO के काम के सामान्य कार्यक्रमों, नीतियों और द्विवार्षिक बजटीय ढांचे को मंजूरी देता है.
- वैश्विक मंच: यह दुनिया भर के श्रम, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है.
- निगरानी (Monitoring): यह सदस्य देशों द्वारा ILO कन्वेंशनों को लागू करने की प्रगति की समीक्षा करता है.
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के बारे में:
- परिचय: अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organization) संयुक्त राष्ट्र (UN) की एकमात्र त्रिपक्षीय विशिष्ट एजेंसी है, जो सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिकों को एक साथ एक मंच पर लाती है.
- स्थापना (Establishment): प्रथम विश्व युद्ध के बाद, 1919 में वर्साय की संधि (Treaty of Versailles) द्वारा इसकी स्थापना हुई. वर्ष 1946 में यह UN की पहली विशिष्ट एजेंसी बनी.
- मुख्यालय (Headquarters): जिनेवा, स्विट्जरलैंड.
- उद्देश्य (Objective): सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना, मानवाधिकारों की रक्षा करना और वैश्विक स्तर पर ‘सम्मानजनक कार्य’ (Decent Work) को स्थापित करना.
- नोबेल पुरस्कार: इसके उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 1969 में इसे नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
- शासी निकाय (Governing Body): यह इसकी कार्यकारी परिषद है जो नीतियों और बजट को क्रियान्वित करती है.
- प्रमुख रिपोर्ट: यह ‘वर्ल्ड एम्प्लॉयमेंट एंड सोशल आउटलुक’ (WESO) जैसी महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी करता है।
FAQs:
1. 114वां अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन क्या है?
यह दुनिया भर के श्रम मुद्दों, श्रमिक अधिकारों और सामाजिक न्याय पर चर्चा करने वाली एक वैश्विक सर्वोच्च संस्थागत बैठक है।
2. इसका आयोजन कौन करता है?
इसका आयोजन संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन’ (International Labour Organization – ILO) द्वारा किया जाता है।
3. सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
इसमें एआई के कारण बदलती नौकरियां, कार्यस्थल पर सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी और गिग इकोनॉमी के श्रमिकों के अधिकारों पर चर्चा हुई
4. ILO की भूमिका क्या है?
ILO वैश्विक श्रम मानक तय करता है, श्रमिकों के शोषण को रोकता है और सभी के लिए सम्मानजनक काम सुनिश्चित करता है।
5. इस सम्मेलन का वैश्विक महत्व क्या है?
यह विभिन्न देशों की सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिकों को एक साथ लाकर वैश्विक कार्य नीतियों में सुधार का मार्ग प्रशस्त करता है।
