Rajasthan Semiconductor Policy 2026
संदर्भ:
हाल ही में राजस्थान सरकार ने राज्य को सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजाइन का एक वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति का अनावरण किया है। यह नीति केंद्र सरकार के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के साथ एकीकृत है और इसका मुख्य लक्ष्य राज्य में एक पूर्ण ‘चिप इकोसिस्टम’ विकसित करना है।
राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति की प्रमुख विशेषताएं:
- बिजली और पानी की सुविधा: इकाइयों को 7 वर्षों तक 100% बिजली शुल्क छूट दी जाएगी। इसके साथ ही पर्याप्त जल आपूर्ति और बुनियादी ढांचे का आश्वासन दिया गया है।
- पूंजीगत सहायता (Capital Subsidy): भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को केंद्र की सब्सिडी के अतिरिक्त राज्य सरकार से भी पूंजीगत अनुदान मिलेगा।
- अन्य वित्तीय लाभ:
- स्टाम्प ड्यूटी और भूमि रूपांतरण शुल्क में 75% तक की छूट।
- सावधि ऋण (Term Loans) पर 5% ब्याज अनुदान।
- सेमीकंडक्टर कॉरिडोर: जोधपुर-पाली-मारवाड़ और कंकाणी जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता वाले सेमीकंडक्टर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
- सिंगल विंडो क्लीयरेंस: निवेशकों के लिए राजनिवेश पोर्टल (Rajnivesh Portal) के माध्यम से आवेदन और तीव्र मंजूरी की व्यवस्था की गई है।
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नीति का दायरा (Scope of the Policy): यह नीति सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के सभी महत्वपूर्ण चरणों को कवर करती है:
- OSAT और ATMP: आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) तथा असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) इकाइयों पर विशेष ध्यान।
- फैबलेस डिजाइन: राज्य में चिप डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना।
- सेंसर निर्माण: आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए सेंसर निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन।
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कार्यान्वयन तंत्र (Implementation Mechanism): नीति के प्रभावी निष्पादन के लिए दो उच्च-स्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा: स्टेट लेवल सेंक्शनिंग कमेटी (SLFC) और स्टेट एम्पॉवर्ड कमेटी (State Empowered Committee) [14]
- नोडल विभाग: उद्योग एवं वाणिज्य विभाग (Department of Industries and Commerce) समन्वय और निष्पादन के लिए जिम्मेदार होगा।
इसका महत्व:
- आत्मनिर्भर भारत: यह नीति भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में चीन और ताइवान पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी।
- आर्थिक विकास: उच्च-तकनीकी रोजगार का सृजन होगा और राजस्थान की जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान बढ़ेगा।
- ग्रीन ग्रोथ: नीति में पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के लिए 50% तक लागत प्रतिपूर्ति और नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग पर प्रोत्साहन शामिल हैं, जो ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ के लक्ष्यों के अनुरूप है।
