गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2026 | Goldman Environmental Prize 2026

संदर्भ:
हाल ही में Goldman Environmental Prize 2026 की घोषणा हुई। 37 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है कि सभी विजेता महिलाएँ हैं।
गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2026 विजेताओं की सूची:
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विजेता का नाम |
क्षेत्र / देश |
प्रमुख योगदान |
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Iroro Tanshi |
अफ्रीका (नाइजीरिया) |
“शॉर्ट-टेल्ड राउंडलीफ बैट” (चमगादड़) के संरक्षण हेतु सामुदायिक अग्नि निवारण नेटवर्क बनाया। |
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Borim Kim |
एशिया (दक्षिण कोरिया) |
एशिया में युवाओं के नेतृत्व वाली पहली सफल ‘जलवायु मुकदमेबाजी’ जीती, जिससे सरकार के लिए उत्सर्जन लक्ष्य अनिवार्य हुए। |
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Sarah Finch |
यूरोप (यूके) |
“Finch ruling” के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में जीत हासिल की, जिससे अब सभी जीवाश्म ईंधन परियोजनाओं के लिए पूर्ण जलवायु प्रभाव का आकलन अनिवार्य है। |
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Theonila Roka Matbob |
द्वीप राष्ट्र (PNG) |
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खनन कंपनी ‘रियो टिंटो’ को पंगुना खदान से हुए विनाश की जिम्मेदारी लेने के लिए मजबूर किया। |
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Alannah Acaq Hurley |
उत्तरी अमेरिका (यूएसए) |
अलास्का में पेबल माइन (दुनिया की सबसे बड़ी प्रस्तावित खदान) को रुकवाया, जिससे 2.5 करोड़ एकड़ वन्यजीव क्षेत्र सुरक्षित हुआ। |
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Yuvelis Morales Blanco |
दक्षिण अमेरिका (कोलंबिया) |
मगदालेना नदी की रक्षा हेतु फ्रैकिंग (fracking) विरोधी आंदोलन का नेतृत्व किया, जिससे देश में नए फ्रैकिंग प्रोजेक्ट्स पर रोक लगी। |
गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार के बारे में:
- परिचय: Goldman Environmental Prize (गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार) दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित पुरस्कार है जो जमीनी स्तर के पर्यावरण कार्यकर्ताओं को सम्मानित करता है। इसे व्यापक रूप से “Green Nobel Prize” के रूप में जाना जाता है।
- स्थापना: इसकी शुरुआत 1989 में सैन फ्रांसिस्को के परोपकारी रिचर्ड और रोडा गोल्डमैन द्वारा की गई थी।
- उद्देश्य: उन “साधारण लोगों” को पहचान दिलाना जो अपने समुदायों में पर्यावरण की रक्षा के लिए “असाधारण जोखिम” उठाते हैं।
- प्रथम समारोह: पहला आधिकारिक पुरस्कार समारोह 16 अप्रैल 1990 को पृथ्वी दिवस (Earth Day) के अवसर पर आयोजित किया गया था।
- भौगोलिक क्षेत्र: यह पुरस्कार प्रतिवर्ष दुनिया के 6 प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों से एक-एक विजेता को दिया जाता है: एशिया (Asia), अफ्रीका (Africa), यूरोप (Europe), उत्तरी अमेरिका (North America), दक्षिण और मध्य अमेरिका (South & Central America) और द्वीप और द्वीप राष्ट्र (Islands & Island Nations)।
- नामांकन: नामांकन पूरी तरह से गोपनीय होते हैं और इन्हें पर्यावरण संगठनों और विशेषज्ञों के एक वैश्विक नेटवर्क द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। व्यक्ति स्वयं को नामांकित नहीं कर सकते।
- चयन: एक अंतर्राष्ट्रीय ज्यूरी अंतिम विजेताओं का चयन करती है।
- वित्तीय सहायता: प्रत्येक विजेता को $200,000 (USD) की नकद राशि दी जाती है, जिसका उपयोग वे बिना किसी शर्त के अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।
- प्रतीक चिन्ह: विजेताओं को ‘Ouroboros’ नामक एक कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाती है, जो प्रकृति के चक्र और मानवीय संबंध का प्रतीक है।
- सुरक्षा और नेटवर्क: विजेताओं को वैश्विक मीडिया कवरेज, सुरक्षा जोखिम मूल्यांकन और पर्यावरण नेताओं के नेटवर्क तक पहुंच मिलती है।
- भारतीय विजेता: भारत के कई दिग्गज पर्यावरणविदों को यह सम्मान मिल चुका है, जिनमें मेधा पाटकर (1992), एम.सी. मेहता (1996), और हाल ही में आलोक शुक्ला (2024) शामिल हैं, जिन्होंने हसदेव अरण्य को कोयला खनन से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।