पीएम-आशा योजना | PM-Asha Scheme

संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और किसानों की आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पीएम-आशा (PM-AASHA) योजना के तहत खरीद संबंधी कार्यों का विस्तार किया है। कैबिनेट द्वारा 15वें वित्त आयोग के दौरान इस अम्ब्रेला योजना को जारी रखने की मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 35,000 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया।
पीएम-आशा (PM-AASHA) योजना क्या हैं?
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) भारत सरकार की एक व्यापक (Umbrella) योजना है, जिसे 2018 में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए लॉन्च किया गया था।
- यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture and Farmers Welfare) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
मुख्य उद्देश्य:
- MSP का प्रभावी क्रियान्वयन: यह सुनिश्चित करना कि घोषित MSP केवल कागजों पर न रहे, बल्कि किसान को वास्तव में प्राप्त हो।
- आय संरक्षण: बाजार में कीमतों की अस्थिरता से किसानों की आय को सुरक्षित करना।
- आत्मनिर्भरता: दालों और तिलहनों के उत्पादन को बढ़ावा देकर खाद्य तेलों और प्रोटीन के आयात पर निर्भरता कम करना।
- फसल विविधीकरण: किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान चक्र से हटाकर दलहन और तिलहन की ओर प्रोत्साहित करना।
योजना के प्रमुख घटक:
- मूल्य समर्थन योजना (PSS): इसके तहत केंद्रीय एजेंसियां (जैसे NAFED) सीधे दालों, तिलहन और खोपरा की भौतिक खरीद करती हैं। इसमें होने वाला नुकसान केंद्र सरकार वहन करती है।
- मूल्य न्यूनता भुगतान योजना (PDPS): यह मुख्य रूप से तिलहन के लिए है। इसमें सरकार फसल नहीं खरीदती, बल्कि MSP और मंडी भाव के बीच के अंतर का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते (DBT) में करती है।
- निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट योजना (PPSS): चयनित जिलों में पायलट आधार पर निजी क्षेत्र को MSP पर खरीद के लिए शामिल किया जाता है।
प्रमुख विशेषताएं:
- बढ़ी हुई कवरेज: सरकार ने अब दालों (तूर, उड़द और मसूर) के लिए खरीद की सीमा को हटा दिया है। अब इन फसलों की 100% पैदावार MSP पर खरीदी जा सकती है।
- वित्तीय सुदृढ़ीकरण: खरीद के लिए सरकारी गारंटी को बढ़ाकर 45,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है ताकि धन की कमी न हो।
- ई-समृद्धि पोर्टल: पारदर्शिता के लिए किसानों का पंजीकरण ‘ई-समृद्धि’ पोर्टल पर किया जा रहा है, जिससे भुगतान सीधा खाते में पहुँचता है।
- PSF का एकीकरण: मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) को भी अब इसमें शामिल किया गया है ताकि उपभोक्ताओं के लिए भी कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके।
महत्व:
- खाद्य सुरक्षा: यह योजना देश की पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- किसानों का कल्याण: छोटे और सीमांत किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाती है।
- मृदा स्वास्थ्य: दालों की खेती को बढ़ावा मिलने से मिट्टी की नाइट्रोजन फिक्सिंग क्षमता बढ़ती है, जो पर्यावरण के लिए अनुकूल है।