एआई-संचालित लड़ाकू विमान काल भैरव

संदर्भ:
हाल ही में बेंगलुरु स्थित रक्षा स्टार्टअप फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस (FWDA) ने यूरोपीय फर्म स्केचपिक्सेल (SKETCHPIXEL LDA) के साथ मिलकर पुर्तगाल में अपना पहला विदेशी विनिर्माण नोड स्थापित करने की घोषणा की। जिसके तहत भारत के पहले एआई-संचालित ऑटोनॉमस कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ‘काल भैरव’ का निर्माण पुर्तगाल में किया जाएगा।
एआई-संचालित लड़ाकू विमान काल भैरव के बारे में:
- परिचय: काल भैरव भारत का पहला एआई-संचालित ऑटोनॉमस कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जो पूरी तरह से इंटरनेट और वेब सर्च डेटा पर आधारित है।
- इसे बेंगलुरु के डीप-टेक स्टार्टअप फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस (FWDA) द्वारा विकसित किया गया है।
- श्रेणी: यह भारत का पहला पूरी तरह से स्वदेशी MALE (Medium Altitude Long Endurance) ऑटोनॉमस कॉम्बैट अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) है।
- अनावरण: इस प्लेटफॉर्म को पहली बार अगस्त 2025 में बेंगलुरु में ‘काल भैरव E2A2’ (Economic and Efficient Autonomous Aircraft) कार्यक्रम के तहत आधिकारिक तौर पर पेश किया गया था।
- नामकरण: इसका नाम समय और सुरक्षा के रक्षक देवता ‘काल भैरव’ के नाम पर रखा गया है, जिसका अर्थ “राष्ट्र का रक्षक” है।
महत्वपूर्ण तकनीकी विशेषताएं:
- रेंज और एंडुरेंस: इसकी परिचालन रेंज 3,000 किलोमीटर है और यह लगातार 30 घंटे से अधिक उड़ान भरने में सक्षम है।
- डिजाइन: विमान में एक उन्नत ट्विन-बूम टेल पुशर कॉन्फ़िगरेशन (Twin-Boom Tail Pusher Configuration) और 6.5 मीटर का विंगस्पैन है।
- रफ्तार और ऊंचाई: यह अधिकतम 20,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इसकी क्रूज गति लगभग 42-52 मीटर/सेकंड और अधिकतम गति 80-100 मीटर/सेकंड है।
- पेलोड और हथियार: यह इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO/IR) पेलोड, गाइडेड मिसाइलें, लेजर-गाइडेड रॉकेट्स, लाइट बम और डम्ब बम ले जाने में सक्षम है। इसकी सटीकता दर (Accuracy) 2 मीटर तक है।
- स्वायत्त निर्णय (Autonomous Decisions): यह एआई-सक्षम स्वायत्त तकनीक पर चलता है, जो रियल-टाइम कॉम्बैट निर्णय लेने, फ्लाइट पाथ मैनेजमेंट और अडैप्टिव टारगेटिंग में सक्षम है।
- एंटी-जामिंग नेविगेशन: जैमिंग से बचने के लिए इसमें जियो-लोकेशन नेविगेशन, इनर्शियल नेविगेशन और इन-हाउस एआई प्रोसेसर (भारतीय कंपनी टॉम्बो के कैमरों के साथ) लगे हैं।
- स्वार्म वारफेयर (Swarm Warfare): इसके सॉफ्टवेयर में ‘झुंड समन्वय’ तकनीक है। इसके तहत दुश्मन के वायु रक्षा तंत्र (Air Defence) को भ्रमित करने के लिए एक साथ कई विमान मिलकर सटीक हमला कर सकते हैं।
महत्व:
- शून्य विदेशी घटक: इसे Zero Foreign Components के साथ डिजाइन किया गया है, जिससे विदेशी कूटनीति के कारण लगने वाले ‘किल-स्विच’ (रिमोट शटडाउन) और डेटा लीक होने का खतरा समाप्त हो जाता है।
- लागत प्रभावशीलता: यह अमेरिकी MQ-9 रीपर (Reaper) ड्रोन की तुलना में लगभग एक-तिहाई से लेकर दसवें हिस्से (1/10th) की लागत पर उपलब्ध है।
- रणनीतिक रूप से, एक महंगे अमेरिकी ड्रोन की कीमत में भारत 10 काल भैरव विमान तैनात कर सकता है, जिससे लड़ाकू मिशनों में किसी एक विमान के खोने से अभियान प्रभावित नहीं होता।
- निर्यात क्षमता: पुर्तगाल एक नाटो (NATO) सदस्य देश है, जिससे यूरोपीय बाजारों और नाटो खरीद नेटवर्क में भारत की सीधी पहुंच होगी।
इसके लॉन्च के समय ही एक दक्षिण एशियाई देश से इसके लिए 30 मिलियन डॉलर का रणनीतिक निर्यात सौदा (25 मिलियन डॉलर का अग्रिम ऑर्डर) प्राप्त हो चुका था।