Apni Pathshala

भारत की कुल प्रजनन दर में गिरावट

भारत की कुल प्रजनन दर में गिरावट

India total fertility rate is declining

 

संदर्भ:

हाल ही में गृह मंत्रालय के महापंजीयक कार्यालय द्वारा जारी नवीनतम सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) सांख्यिकीय रिपोर्ट 2024 और UNFPA की ‘स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट 2025’ के अनुसार भारत की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate – TFR) गिरकर 1.9 हो गई है, जो कि प्रतिस्थापन स्तर (Replacement Level – 2.1) से काफी नीचे है। 

वर्तमान सांख्यिकीय परिदृश्य:

  • राष्ट्रीय TFR: भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर 1.9 हो गई है, जो प्रतिस्थापन स्तर (2.1) से काफी नीचे है।
  • ग्रामीण बनाम शहरी विभाजन: शहरी क्षेत्रों का TFR 1.5 के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 2.1 पर स्थिर है।
  • क्षेत्रीय असमानता: देश के केवल 6 राज्य प्रतिस्थापन स्तर से ऊपर हैं, जिनमें बिहार (2.9) और उत्तर प्रदेश (2.6) शीर्ष पर हैं. इसके विपरीत, दिल्ली (1.2), तमिलनाडु (1.3), केरल (1.3) और पश्चिम बंगाल (1.3) में यह न्यूनतम स्तर पर है।
  • क्रूड बर्थ रेट (CBR): जन्म दर 2014 के 21.0 से घटकर 2024 में 18.3 रह गई है. [1]
  • स्वास्थ्य संकेतक: शिशु मृत्यु दर (IMR) सुधरकर 24 प्रति हजार हो गई है और संस्थागत प्रसव 95.4% तक पहुंच गया है।
  • शिक्षा का प्रभाव: साक्षर माताओं का TFR 1.8 है, जबकि निरक्षर महिलाओं में यह 3.2 बना हुआ है।

प्रजनन दर में गिरावट के प्रमुख कारण:

  • महिला साक्षरता और सशक्तिकरण: शिक्षा के प्रसार से महिलाओं की विवाह की औसत आयु बढ़कर 22.5 वर्ष हो गई है। साक्षर माताओं का TFR 1.8 है, जबकि निरक्षर महिलाओं में यह 3.2 है। 
  • आर्थिक कारक और बच्चों की परवरिश की लागत: शहरी मध्यम वर्ग में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पालन-पोषण का खर्च अत्यधिक बढ़ गया है।
  • आधुनिक गर्भनिरोधकों तक पहुंच: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, परिवार नियोजन और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में व्यापक सुधार हुआ है।
  • बदलती जीवनशैली और शहरीकरण: करियर को प्राथमिकता देने, देर से विवाह करने और ‘न्यूक्लियर फैमिली’ की बढ़ती प्रवृत्ति ने प्रजनन दर को प्रभावित किया है। 

प्रभाव:

  • जनसंख्या स्थिरीकरण (Population Stabilization): भारत की जनसंख्या विस्फोट की चिंता समाप्त हो गई है। अनुमान है कि भारत की आबादी आगामी 40 वर्षों में लगभग 170 करोड़ पर पहुंचकर स्थिर (Peak) हो जाएगी और फिर घटने लगेगी। 
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार: प्रति महिला बच्चों की संख्या कम होने से मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।
  • जनसांख्यिकीय विभाजन (Demographic Divide): दक्षिण और पश्चिमी भारत के राज्य तेजी से बूढ़े हो रहे हैं (जैसे केरल में बुजुर्ग आबादी 15% पार कर चुकी है), जबकि उत्तर भारत युवा बना हुआ है।
  • कार्यबल में कमी और वृद्ध समाज: भविष्य में कार्यशील जनसंख्या (Working-Age Population) सिकुड़ेगी और आश्रित वृद्धों की संख्या बढ़ेगी, जिससे पेंशन और स्वास्थ्य प्रणालियों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा।
  • राजनीतिक और राजकोषीय असंतुलन: कम प्रजनन दर वाले दक्षिणी राज्य यह चिंता जताते हैं कि जनसंख्या नियंत्रण के सफल प्रयासों के कारण उन्हें वित्त आयोग के कर हस्तांतरण और संसदीय सीटों के परिसीमन में नुकसान हो सकता है।

नीतिगत सुझाव:

  • सक्रिय वृद्धावस्था नीतियां: केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के अनुभवों को देखते हुए अभी से जेरियाट्रिक हेल्थकेयर (वृद्ध स्वास्थ्य देखभाल) और सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना होगा।
  • अंतर-राज्य प्रवासन नीतियां: उत्तर के युवा कार्यबल को दक्षिण के वृद्ध होते राज्यों में सुचारू रूप से समायोजित करने के लिए प्रवासियों के अधिकारों और कल्याण हेतु नीतियां बनानी होंगी।
  • कौशल विकास: कार्यशील आबादी की संख्या घटने से पहले “डेमोग्राफिक डिविडेंड” का पूरा लाभ उठाने के लिए युवाओं के कौशल विकास (Skilling) पर युद्धस्तर पर ध्यान देना होगा।
  • महिला-अनुकूल कार्यस्थल: कामकाजी महिलाओं के लिए क्रेश (शिशुगृह) सुविधाएं, मातृत्व लाभ और लचीले कामकाजी घंटे सुनिश्चित करने होंगे ताकि वे करियर और परिवार में संतुलन बना सकें।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top