भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था बना

संदर्भ:
इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (ICRIER) और प्रोसस सेंटर द्वारा जारी ‘स्टेट ऑफ इंडियाज डिजिटल इकोनॉमी (SIDE) 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2026 में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसने जर्मनी, फ्रांस और जापान जैसे विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है।
- भारत ने साल 2025 की आठवीं रैंकिंग से लंबी छलांग लगाकर पांचवां स्थान हासिल किया है।
- इस रिपोर्ट में देशों का मूल्यांकन CHIPS फ्रेमवर्क के आधार पर किया गया है।
भारत में डिजिटल प्रगति के मुख्य स्तंभ:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नेतृत्व: भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा AI टैलेंट पूल है। जेनेरेटिव एआई (GenAI) को अपनाने में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
- डिजिटल रूप से वितरित व्यापार: भारत ने डिजिटल सेवाओं (सॉफ्टवेयर, क्लाउड सॉल्यूशंस) के निर्यात के माध्यम से 328 बिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार अधिशेष उत्पन्न किया है।
- हिंद-प्रशांत का प्रभुत्व: शीर्ष 5 डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से तीन देश (चीन, सिंगापुर, भारत) हिंद-प्रशांत क्षेत्र से हैं, जो पारंपरिक ‘नॉर्थ अटलांटिक’ (अमेरिका-यूरोप) के एकाधिकार को तोड़कर “त्रिध्रुवीय डिजिटल व्यवस्था” (Tripolar Digital Order) का निर्माण कर रहे हैं।
- ई-नाम (e-NAM): देश के 1.79 करोड़ किसान और 1,522 मंडियां डिजिटल रूप से एकीकृत हो चुकी हैं।
- वित्तीय समावेशन: ‘डीबीटी’ (Direct Benefit Transfer) और 1.49 लाख ‘बीसी सखियों’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक वित्तीय सेवाएं बिना किसी लीकेज के पहुंच रही हैं।
- जीडीपी में योगदान: भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान वर्ष 2029-30 तक लगभग 20% (एक-तिहाई राष्ट्रीय आय) होने का अनुमान है।
- तीव्र AI अंगीकरण (AI Performance): भारत एआई प्रदर्शन में दुनिया में चौथे स्थान पर है. वैश्विक स्तर पर विकासशील देशों के पास 72% एआई उपयोगकर्ता हैं, जिनमें भारत और चीन की हिस्सेदारी सर्वाधिक है।
- मजबूत टैलेंट पूल: भारत के पास विश्व का दूसरा सबसे बड़ा AI टैलेंट पूल है. यह कुशल इंजीनियर और डिजिटल उद्यमियों की जनसांख्यिकी का लाभ उठा रहा है।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): आधार, UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और डिजिलॉकर के व्यापक उपयोग से कैशलेस वित्तीय लेनदेन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
- इंटरनेट और 5G का विस्तार: देश में 950 मिलियन से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क है, जहां तेजी से 5G का विस्तार हुआ है।
|
ICRIER और प्रोसस द्वारा विकसित CHIPS फ्रेमवर्क डिजिटल अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन करने वाला एक आधुनिक मॉडल है। पारंपरिक इंडेक्स के विपरीत, यह विकासशील देशों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इनपुट के बजाय सीधे परिणामों (Outcomes) को मापता है. CHIPS का पूरा नाम और इसके 5 मुख्य स्तंभ (Pillars) इस प्रकार हैं:
यह फ्रेमवर्क दो स्तरों पर काम करता है: व्यापक स्तर पर अर्थव्यवस्था के आकार को मापने के लिए CHIPS (Economy) और प्रति व्यक्ति स्तर पर डिजिटल सघनता देखने के लिए CHIPS (User)। |