रस्टी-स्पॉटेड कैट

संदर्भ:
हाल ही में उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में रस्टी-स्पॉटेड कैट (Rusty-spotted Cat) की पहली आधिकारिक उपस्थिति दर्ज की गई। ‘
- वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (WII) के शोधकर्ताओं द्वारा मई 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में इस बिल्ली की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
रस्टी-स्पॉटेड कैट के बारे में:
- वैज्ञानिक नाम: इसे वैज्ञानिक भाषा में प्रियोनेलुरस रुबिगनोस (Prionailurus rubiginosus) कहा जाता है।
- आकार और वजन: यह विश्व की सबसे छोटी जंगली बिल्ली है, जिसका वजन मात्र 1 से 1.6 किलोग्राम होता है, जो इसे घरेलू बिल्ली से भी छोटा बनाता है।
- शारीरिक बनावट: इसके शरीर का रंग हल्का धूसर-भूरा होता है, जिस पर जंग जैसे रंग के विशिष्ट धब्बे (Rust-coloured spots) और धारियां होती हैं।
- व्यवहार और आहार: यह मुख्यतः एक निशाचर (Nocturnal) और वृक्षवासी जीव है। यह अपनी अत्यधिक फुर्ती के लिए जानी जाती है और मुख्य रूप से कृंतक (Rodents), कीड़े-मकोड़े, मेंढक और छोटे पक्षियों का शिकार करती है।
- वैश्विक स्थिति: इसकी कुल वैश्विक आबादी का लगभग 80% हिस्सा भारत में पाया जाता है। शेष आबादी श्रीलंका और नेपाल के कुछ तराई क्षेत्रों में सीमित है।
- भारत में भौगोलिक विस्तार: पूर्व में इसे मुख्य रूप से दक्षिणी और मध्य भारत (जैसे तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा) का निवासी माना जाता था।
- हालांकि, हालिया वर्षों में इसके भौगोलिक दायरे का विस्तार जम्मू-कश्मीर, हरियाणा (अरावली पहाड़ियों) और अब उत्तर प्रदेश के बीहड़ों तक देखा गया है।
- संरक्षण स्थिति: IUCN रेड लिस्ट में इसे समीप-संकटग्रस्त (Near Threatened – NT) श्रेणी में रखा गया है।
- भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: इसे अनुसूची-I (Schedule I) में शामिल किया गया है, यानी इसे बाघ और तेंदुए के समान ही भारत में सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
- CITES: अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करने के लिए इसकी भारतीय आबादी को परिशिष्ट-I (Appendix I) में सूचीबद्ध किया गया है।
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राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य::
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