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प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर योजना 2026 (PM Research Chair Scheme 2026)

प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर योजना 2026 (PM Research Chair Scheme 2026)

 

PM Research Chair Scheme 2026

संदर्भ:

शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में PM Research Chair Scheme 2026 की शुरुआत की। जिसके माध्यम से वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय मूल की प्रतिभाओं को देश के वैज्ञानिक और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ा जाएगा।

PM Research Chair Scheme 2026 क्या हैं?

PM Research Chair Yojana 2026 भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय प्रतिभा-प्रत्यावर्तन पहल है, जिसे वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय मूल के शीर्ष वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को देश के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने के लिए शुरू किया गया है।

  • यह योजना पूर्ण रूप से शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) द्वारा संचालित की जा रही है।
  • इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अन्य महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी और संस्थागत सहयोग शामिल हैं: 

 

PMRC Research Grant 2026 के मुख्य उद्देश्य:

  • Reverse Brain Drain: विदेशों में रह रहे प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिकों को देश वापस लाना।
  • वैश्विक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र: भारत के त्वरित विस्तार वाले R&D (Research and Development) नेटवर्क को वैश्विक विशेषज्ञता से जोड़ना।
  • अकादमिक परामर्श (Mentorship): देश के युवा पीएचडी (PhD) स्कॉलर्स और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मार्गदर्शन प्रदान करना।
  • रणनीतिक आत्मनिर्भरता: देश की सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर अत्याधुनिक शोध (Frontier Research) को बढ़ावा देना।

Research Chair Scheme India 2026 के प्रमुख विशेषताएं:

  • त्रि-स्तंभीय संरचना: यह योजना मुख्यतः तीन स्तंभों पर आधारित है: 
    • अग्रणी संस्थान (Lead Institutions): कार्यान्वयन के समन्वय के लिए 7 शीर्ष संस्थान चयनित हैं—IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIT मद्रास, IIT कानपुर, IIT हैदराबाद, IIT (ISM) धनबाद और IISc बेंगलुरु।
    • मेजबान संस्थान (Host Institutions): शोधकर्ता राष्ट्रीय महत्व के सरकारी संस्थानों में काम करेंगे। इनमें NIRF रैंकिंग (Overall या Engineering) में शीर्ष 100 या NIRF (Research) में शीर्ष 50 संस्थान तथा DST/CSIR/ICMR/DBT की राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं शामिल हैं।
    • PMRC फेलो (PMRC Fellows): विदेश में कार्यरत भारतीय नागरिक, प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) और भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) इसके पात्र हैं।
  • सशक्त समिति (Empowered Committee): चयन और नीति निर्धारण प्रक्रिया भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (Principal Scientific Adviser – PSA) की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा संभाली जाती है, जिसमें नीति आयोग और उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
  • फेलो की तीन श्रेणियां: अनुभव और करियर के स्तर के आधार पर कुल 120 पदों को विभाजित किया गया है: 
  • यंग रिसर्च फेलो (YRF): पीएचडी के बाद 5 वर्ष से कम का अनुभव (fresh emerging talent)।
  • सीनियर फेलो (SF): पीएचडी के बाद 5 से 10 वर्ष का अनुभव।
  • रिसर्च चेयर (RC): पीएचडी के बाद 10 वर्ष से अधिक का अनुभव रखने वाले वैश्विक अनुसंधान नेता (Research Leaders)।
  • वित्तीय लाभ और संसाधन: चयनित फेलो को बड़ी वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाती है। रिसर्च चेयर को ₹14 करोड़, सीनियर फेलो को लगभग ₹6.5 करोड़ और यंग रिसर्च फेलो को ₹4 करोड़ तक का अनुसंधान अनुदान (Research Grant) और पुनर्वास सहायता (Relocation Assistance) दी जाती है।
  • विषयगत क्षेत्र: इस योजना के तहत केवल देश की सामरिक एवं वैज्ञानिक प्राथमिकताओं से जुड़े 13 कोर क्षेत्रों में ही शोध किया जा सकता है:
  • एडवांस कंप्यूटिंग (AI, Quantum Technology & Supercomputing)
  • सेमीकंडक्टर्स (Semiconductors)
  • साइबर सुरक्षा (Cybersecurity)
  • अंतरिक्ष और रक्षा (Space & Defence)
  • स्वास्थ्य सेवा और मेडटेक (Healthcare & MedTech)
  • जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology)
  • उन्नत सामग्री और महत्वपूर्ण खनिज (Advanced Materials & Critical Minerals)
  • अगली पीढ़ी का संचार (Next-Gen Communications)
  • परमाणु ऊर्जा (Atomic Energy)
  • हरित ऊर्जा, स्थिरता और जलवायु परिवर्तन (Energy & Climate Change)
  • विनिर्माण और उद्योग 4.0 (Manufacturing & Industry 4.0)
  • कृषि और खाद्य प्रौद्योगिकी (Agri-Food Tech) 
  • ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) 

Government Research Funding Scheme 2026 का महत्व:

  • बजटीय प्रतिबद्धता: केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना के लिए ₹200 करोड़ का प्रारंभिक आवंटन सरकार की गंभीर नीतिगत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
  • HEIs की रैंकिंग में सुधार: वैश्विक रूप से प्रशंसित वैज्ञानिकों के आने से भारतीय संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग (जैसे QS, Times Higher Ed) और शोध प्रभाव (H-Index) में भारी सुधार होगा।
  • विकसित भारत @2047: यह योजना भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था (Knowledge Economy) बनाने तथा भविष्य की तकनीकों (क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर) में आत्मनिर्भर बनाने में उत्प्रेरक का काम करेगी। 

 

FAQs:

1: Who is eligible for the PMRC Scheme 2026?

विदेशों में कार्यरत पीएचडी धारक भारतीय नागरिक, ओसीआई (OCI) और पीआईओ (PIO) इस शोध योजना के लिए पूरी तरह पात्र हैं।

2: Which institutions can participate in the PM Research Chair Program 2026?

शीर्ष 7 आईआईटी, आईआईएससी बेंगलुरु, एनआईआरएफ (NIRF) के शीर्ष 100 संस्थान और प्रमुख राष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं इसमें भाग ले सकती हैं।

3: What funding and benefits are provided under the PMRC Scheme 2026?

चयनित फेलो को श्रेणी के अनुसार 4 से 14 करोड़ रुपये का अनुसंधान अनुदान, प्रशासनिक स्वायत्तता और रिलोकेशन सहायता मिलती है।

4: How to apply for PM Research Chair Scheme 2026?

योग्य उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल pmrc.education.gov.in पर जाकर 13 राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों हेतु अपना शोध प्रस्ताव ऑनलाइन जमा करें।

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