काजीरंगा में पहली बार पीले गले वाले मार्टन की उपस्थिति (Yellow Throated Marten in Kaziranga)

संदर्भ:
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार पीले गले वाले मार्टन (Yellow throated Marten) की उपस्थिति दर्ज की गई है। इस दुर्लभ शिकारी जीव को काजीरंगा टाइगर सेल द्वारा नियमित कैमरा ट्रैपिंग के दौरान सेमी-एवरग्रीन वन क्षेत्रों में कैमरे में कैद किया गया।
Yellow Throated Marten in Kaziranga: परिचय
- वैज्ञानिक नाम (Scientific Name): मार्टेस फ्लेविगुला (Martes flavigula)
- वर्गीकरण (Taxonomy): यह नेवला परिवार (Mustelidae Family) से संबंधित एक मांसाहारी स्तनधारी जीव (Carnivorous Mammal) है।
- शारीरिक विशेषता: इसका गला चमकीले सुनहरे-पीले रंग का होता है, जबकि सिर और पीठ का हिस्सा काला और भूरा होता है। यह पुरानी दुनिया (Old World) के सबसे बड़े मार्टन प्रजातियों में से एक है। इसका वजन लगभग 2 किलोग्राम तक होता है।
- व्यवहार (Behavior): यह एक दिवाचर (Diurnal) यानी दिन में सक्रिय रहने वाला जीव है, जो मुख्य रूप से पेड़ों पर चढ़ने में कुशल होता है।
- अपने छोटे आकार के बावजूद, यह स्वभाव से अत्यधिक आक्रामक और निडर होता है, जिसकी तुलना ‘हनी बैजर’ (Honey Badger) से की जाती है।
- मेसोप्रेडेटर की भूमिका (Mesopredator Role): यह खाद्य श्रृंखला में बाघ और तेंदुए जैसे शीर्ष शिकारियों (Apex Predators) से ठीक नीचे मेसोप्रेडेटर (Mesopredator) के रूप में कार्य करता है, जो छोटे जीवों और कृंतकों (Rodents) की आबादी को नियंत्रित रखता है।
- बीज प्रकीर्णन (Seed Dispersal): यह सर्वाहारी जीव फल, बेरी और अमृत भी खाता है। इस प्रक्रिया में यह बीजों के प्रकीर्णन में सहायता करता है, जो वनों के प्राकृतिक पुनरुद्धार (Forest Regeneration) और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- IUCN रेड लिस्ट (IUCN Red List): न्यूनतम चिंतनीय (Least Concern – LC)। व्यापक भौगोलिक वितरण के कारण वैश्विक आबादी स्थिर मानी जाती है।
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972): भारत में इसे अनुसूची II (Schedule II) के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
- भौगोलिक वितरण: भारत में यह मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्र (Himalayan Landscape) और उत्तर-पूर्वी राज्यों के घने जंगलों में पाया जाता है।
- वैश्विक स्तर पर यह अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, दक्षिण-पूर्वी एशिया, चीन और रूस के सुदूर पूर्व तक फैला हुआ है।
असम स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (Kaziranga National Park):
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FAQs:
Q: What is the ecological importance of the First Recorded Presence of Yellow Throated Marten in Kaziranga National Park?
A: काजीरंगा में इसकी पहली मौजूदगी पार्क की समृद्ध जैव विविधता, मजबूत खाद्य श्रृंखला और विविध आवासों (diverse habitats) के पारिस्थितिक संतुलन को दर्शाती है।
Q: How was the Rare Yellow-Throated Marten Discovered in Kaziranga?
A: काजीरंगा के अर्ध-सदाबहार वन क्षेत्रों में नियमित कैमरा ट्रैपिंग के दौरान इस दुर्लभ पीले गले वाले मार्टन की खोज की गई।
Q: How did Wildlife Researchers Confirm Yellow-Throated Marten in Kaziranga?
A: वन्यजीव शोधकर्ताओं ने कैमरा ट्रैप से प्राप्त डिजिटल तस्वीरों का वैज्ञानिक विश्लेषण करके काजीरंगा में इसकी पुष्टि की है।