ई-जागृति मंच (e-Jagriti Platform)
संदर्भ:
हाल ही में डिजिटल प्लेटफॉर्म ई-जागृति मंच (e-Jagriti Platform) को जून 2026 में घोषित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (NAeG) 2026 में रजत पुरस्कार (Silver Award) प्रदान किया गया।
ई-जागृति मंच (e-Jagriti Platform) क्या हैं?
ई-जागृति मंच उपभोक्ता न्याय प्रणाली को आधुनिक, त्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल शिकायत निवारण मंच है।
- यह पहल उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution) के उपभोक्ता मामले विभाग की है।
- तकनीकी कार्यान्वयन और डिजिटल सुदृढ़ीकरण के लिए विभाग ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ सहयोग किया है।
- यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित और कागज रहित (Paperless) केंद्रीय वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन है।
- यह देश भर के जिला, राज्य और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों (Consumer Commissions) को एक साझा डिजिटल नेटवर्क से जोड़ता है।
- उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामलों को समाप्त करने और न्याय प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा इसे 1 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया था।
उद्देश्य:
- एकल इंटरफ़ेस: देश के उपभोक्ताओं को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और उसकी ट्रैकिंग के लिए एक ही साझा मंच (Single Interface) प्रदान करना।
- उपभोक्ता अधिकारों का सुदृढ़ीकरण: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कानूनी उपचार को सुलभ बनाना।
- प्रक्रिया का सरलीकरण: अदालतों की लंबी कागजी कार्यवाही, मैन्युअल फाइलिंग और बार-बार चक्कर काटने की समस्या को पूर्णतः समाप्त करना।
प्रमुख विशेषताएं:
- विरासत प्रणालियों का एकीकरण (System Integration): इसमें उपभोक्ता अदालतों के चार पुराने पोर्टलों—OCMS, e-Daakhil, NCDRC CMS और CONFONET को एक मंच पर समाहित किया गया है।
- स्मार्ट एआई तकनीक (AI Integration): इसमें एआई-संचालित स्मार्ट सर्च, वॉयस-टू-टेक्स्ट (Voice-to-Text) निर्णय रूपांतरण और शिकायतों का स्वचालित वर्गीकरण शामिल है।
- वर्चुअल कोर्टरूम (Virtual Courts): दूरस्थ सुनवाई के लिए हाइब्रिड और पूरी तरह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) आधारित वर्चुअल सुनवाई का प्रावधान है।
- सुरक्षित गेटवे: अदालती शुल्क के ऑनलाइन भुगतान के लिए ‘भारत कोष’ (Bharat Kosh) और ‘पे-गव’ (PayGov) पेमेंट गेटवे से सुरक्षित जुड़ाव है।
- वैश्विक सुलभता (NRI Friendly): अनिवासी भारतीय (NRIs) केवल एक ओटीपी (OTP) सत्यापन के माध्यम से विदेशों से भी केस फाइल और ट्रैक कर सकते हैं।
प्रमुख उपलब्धियां:
- मामलों का रिकॉर्ड निपटारा: जून 2026 तक, इस मंच पर 2.29 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 2.07 लाख से अधिक मामलों का सफल निपटारा किया जा चुका है।
- उच्च निपटान दर: मंच ने देश भर में 90.75% की समग्र निपटान दर (Disposal Rate) हासिल की है।
- रजत पुरस्कार 2026: अपनी अभूतपूर्व सफलता के कारण इसे प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 (रजत पुरस्कार) से सम्मानित किया गया है।
महत्व:
ई-जागृति मंच भारत में डिजिटल सुशासन (Digital Governance) और नागरिकों के लिए ‘ईज ऑफ जस्टिस’ (Ease of Justice) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पेपरलेस होने के कारण यह पर्यावरण अनुकूल (Sustainable) होने के साथ-साथ उपभोक्ता अदालतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर न्याय प्रणाली पर जनता का विश्वास मजबूत करता है।
FAQs:
Q1. ई-जागृति मंच क्या है? (What is e-Jagriti Platform?)
यह भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा संचालित एक एकीकृत, एआई-सक्षम (AI-enabled) डिजिटल शिकायत निवारण मंच है. यह पुराने प्रणालियों को जोड़कर बनाया गया एक एकल पोर्टल है.
Q2. How does it help consumers?
यह उपभोक्ताओं को बिना अदालतों के चक्कर काटे कागज रहित और पारदर्शी न्याय प्रदान करता है. इससे शिकायतों के निपटारे में समय और यात्रा का खर्च बचता है.
Q3. What services are available on the e-Jagriti portal?
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना: घर बैठे आसानी से केस दर्ज करने की सुविधा.
- केस ट्रैकिंग: जिला, राज्य और राष्ट्रीय आयोगों में मामलों की रियल-टाइम स्थिति देखना.
- वर्चुअल सुनवाई: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आभासी अदालती कार्यवाही में शामिल होना.
- ऑनलाइन शुल्क भुगतान: पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से अदालती शुल्क जमा करना.
- एआई स्मार्ट सर्च: पुराने निर्णयों, केस इतिहास और दस्तावेजों को आसानी से खोजना.
- प्रवासी भारतीयों (NRIs) हेतु सेवा: भारत से बाहर विदेशों से भी शिकायत दर्ज करने की वैश्विक पहुंच.
