कैटशार्क प्रजाति एप्रीस्टुरस ड्रोना की खोज
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संदर्भ:
हाल ही में वैज्ञानिकों ने अरब सागर (Arabian Sea) में पाई जाने वाली कैटशार्क की एक नई प्रजाति की खोज की है, जिसे आधिकारिक तौर पर एप्रीस्टुरस ड्रोना (Apristurus Drona) नाम दिया गया है।
- अंतरराष्ट्रीय टैक्सोनॉमी जर्नल Zootaxa में प्रकाशित शोध के अनुसार, इस गहरे समुद्र के जीव की पहचान डीएनए बारकोडिंग (DNA Barcoding) और विस्तृत शारीरिक विश्लेषण (Morphological Analysis) के माध्यम से की गई है।
एप्रीस्टुरस ड्रोना (Apristurus Drona) की खोज से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:
- खोजकर्ता टीम: इस नई प्रजाति का विवरण और नामकरण भारतीय शोधकर्ताओं श्वेता बेउरा, बिनीश के.के. और धृति बनर्जी द्वारा किया गया है।
- खोज का स्थान: यह प्रजाति दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में केरल के कोल्लम तट पर स्थित शक्ति कुलंगरा मत्स्य बंदरगाह (Sakthikulangara Harbour) के पास खोजी गई है।
- समुद्र की गहराई: वैज्ञानिकों को इसके चार नमूने (दो नर और दो मादा) समुद्र की 400 से 650 मीटर की गहराई में कोल्लम ढलान (Kollam Slope) से मिले हैं। ये नमूने गहरे समुद्र में झींगा पकड़ने वाले ट्रॉलरों के उप-उत्पाद (Bycatch) के रूप में प्राप्त हुए थे। [)
- शारीरिक बनावट और आकार: इस प्रजाति के पाए गए नमूनों की लंबाई 439 मिमी से 473 मिमी के बीच दर्ज की गई है। इसका शरीर बेहद पतला (Slender Body) और पीछे की तरफ संकरा होता है। इसकी आंखें बिल्ली जैसी लंबी और चमकदार होती हैं।
- वर्गीकरण (Taxonomy): इसे जीनस Apristurus के अंतर्गत ‘एप्रीस्टुरस ब्रूनियस’ (Apristurus Brunneus) उपसमूह में रखा गया है।
- इस जीनस की शार्क को दुनिया भर में ‘घोस्ट कैटशार्क’ (Ghost Catsharks) या ‘डेमन कैटशार्क’ भी कहा जाता है।
- आनुवंशिक भिन्नता (Genetic Divergence): डीएनए विश्लेषण से पता चला है कि यह प्रजाति अपने सबसे करीबी ज्ञात रिश्तेदार से 5.5% से 5.7% तक आनुवंशिक रूप से भिन्न है, जो इसे एक पूरी तरह स्वतंत्र नई प्रजाति साबित करता है।
- सहोदर प्रजातियां: आनुवंशिक स्तर पर इसके सबसे करीबी जीव प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) और न्यूजीलैंड के गहरे समुद्री क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
कैटशार्क प्रजाति की सामान्य विशेषताएं:
- हानिरहित स्वभाव: कैटशार्क आकार में छोटी (आमतौर पर 90 सेमी से कम) होती हैं। ये इंसानों के प्रति बिल्कुल भी आक्रामक या हिंसक नहीं होती हैं।
- भोजन चक्र: यह गहरे समुद्र के नीचे (Bottom-dwelling) रहकर छोटे जीवों, केकड़ों, क्रस्टेशियंस और छोटी मछलियों का शिकार करती हैं।
- व्यावसायिक मूल्य का अभाव: एप्रीस्टुरस ड्रोना का कोई व्यावसायिक या आर्थिक मूल्य नहीं है। यह केवल वैज्ञानिक अनुसंधान और महासागर संरक्षण (Ocean Conservation) के दृष्टिकोण से मूल्यवान है।
- दुर्लभ उपस्थिति: यह प्रजाति अत्यंत दुर्लभ मानी जा रही है, जो मुख्य रूप से कोल्लम महाद्वीपीय ढलान और वेज बैंक (Wadge Bank) के आसपास के पानी तक ही सीमित है।
FAQs:
Q 1. Apristurus Drona क्या है?
उत्तर: यह भारत के अरब सागर में खोजी गई गहरे समुद्र की कैटशार्क (Deep-sea Catshark) की एक नई अनूठी प्रजाति है।
Q 2. यह नई कैटशार्क प्रजाति कहां खोजी गई?
उत्तर: यह प्रजाति केरल के कोल्लम तट के पास अरब सागर में 400-650 मीटर की गहराई में पाई गई है।
Q 3. इस खोज का वैज्ञानिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह खोज डीएनए बारकोडिंग के माध्यम से भारत की समुद्री प्रजातियों के विकासवादी इतिहास को समझने में मदद करती है।
Q 4. कैटशार्क की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर: इनका शरीर पतला, आंखें बिल्ली जैसी लंबी होती हैं और ये इंसानों के लिए पूरी तरह हानिरहित होती हैं।
Q 5. समुद्री जैव विविधता के लिए यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह गहरे महासागरों के अज्ञात पारिस्थितिकी तंत्र और वहां रहने वाले दुर्लभ जीवों के संरक्षण को मजबूत बनाती है।
