कृषि उपज डिजिटल नीलामी के लिए NAFEX.in का शुभारंभ
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कृषि उपज की पारदर्शी डिजिटल नीलामी के लिए ऐतिहासिक NAFEX.in पोर्टल (NAFEX Digital Auction Platform) का शुभारंभ किया।
NAFEX.in पोर्टल के बारे में:
- परिचय: NAFEX.in नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) का एक अत्याधुनिक और सुरक्षित कृषि ई-नीलामी मंच (Agri e-Auction Platform) है।
- मुख्य उद्देश्य: इसका उद्देश्य कृषि उपजों के व्यापार (Farm Produce Trading) को पूर्णतः पारदर्शी, तीव्र और सुरक्षित बनाना है, जिससे कृषि बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिले और किसानों की आय में भारी वृद्धि (Farmer Income Growth) सुनिश्चित की जा सके।
- स्वामित्व: इस उन्नत ऑनलाइन कमोडिटी नीलामी प्रणाली (Online Commodity Auction) का निर्माण और पूर्ण स्वामित्व भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) के पास है।
- सहयोग (Collaboration): इसे केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) के तत्वावधान और दिशा-निर्देशों के तहत पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है।
प्रमुख विशेषताएं:
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): इस प्लेटफॉर्म के जरिए फसल की सफल नीलामी होने के बाद किसानों को अधिकतम 48 घंटों के भीतर उनकी राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में कर दिया जाएगा।
- बहु-जिंस व्यापार (Multi-Commodity Support): पोर्टल पर नैफेड द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत खरीदी जाने वाली सभी प्रमुख दालें (जैसे तुअर, चना, मूंग, मसूर) और तिलहन (जैसे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन) की पारदर्शी नीलामी की जाएगी।
- एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम: इस ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म (E Auction Platform) के साथ तीन अन्य डिजिटल पहलों की शुरुआत की गई है:
- दृष्टि (DRISHTI): दालों और तिलहनों के वास्तविक समय के भंडारण (Inventory Management) की निगरानी के लिए विशेष पोर्टल।
- ईआरपी (ERP Portal): नैफेड के आंतरिक प्रशासनिक कार्यों को पूरी तरह डिजिटल और त्रुटिहीन बनाने के लिए एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग सिस्टम।
- नैफेड कल्याण (NAFED Kalyan): इसके तहत नैफेड अपने मुनाफे का 1% हिस्सा देश के किसानों के बच्चों की उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति के लिए आवंटित करेगा।
- प्रारंभिक छूट: व्यापारियों और मिलर्स (Traders & Millers) की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शुरुआत में तीन महीने के लिए पोर्टल शुल्क को पूरी तरह माफ किया गया है।
रणनीतिक महत्व:
- बिचौलियों का अंत: यह किसानों और थोक खरीदारों (मिलर्स, प्रोसेसर्स और निर्यातकों) के बीच एक सीधा डिजिटल सेतु (Farmer Marketplace) स्थापित करता है, जिससे अनुचित कमीशनखोरी समाप्त होगी।
- वैश्विक और पारदर्शी मूल्य खोज: देश के किसी भी कोने से पंजीकृत व्यापारी रीयल-टाइम ऑनलाइन बोली (Real-time Bidding) लगा सकते हैं, जिससे फसलों की वास्तविक और प्रतिस्पर्धी कीमत सामने आती है।
- दलों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता: पारदर्शी विपणन व्यवस्था और सुनिश्चित त्वरित भुगतानों के कारण किसानों का रुझान दलहन की खेती की ओर बढ़ेगा, जो भारत को दालों के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।
FAQs:
Q 1. NAFEX.in क्या है?
उत्तर: यह नैफेड (NAFED) द्वारा विकसित भारत का एक उन्नत डिजिटल कृषि ई-नीलामी मंच (Agri e-Auction Platform) है।
Q 2. डिजिटल नीलामी मंच कैसे काम करेगा?
उत्तर: इस पर व्यापारी और मिलर्स देश के किसी भी स्थान से कृषि जिंसों के लिए रीयल-टाइम ऑनलाइन बोली लगा सकते हैं।
Q 3. किसानों को इससे क्या लाभ होगा?
उत्तर: बिचौलियों के खत्म होने से फसलों के बेहतर दाम मिलेंगे और बिक्री के 48 घंटे में सीधे बैंक खाते में भुगतान होगा।
Q 4. NAFEX प्लेटफॉर्म किसने शुरू किया?
उत्तर: इस ई-ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा जून 2026 में किया गया।
Q 5. कृषि विपणन में इसका क्या महत्व है?
उत्तर: यह कृषि व्यापार (Agritech India) में पूर्ण पारदर्शिता लाकर देश के सहकारी ढांचे को डिजिटल और मजबूत बनाता है।
