वेब-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म LokOS
संदर्भ:
LokOS Digital Platform ग्रामीण आजीविका का डिजिटल आधार (Digital Governance) बन चुका है। यह वेब आधारित प्लेटफॉर्म (Web Based Platform) ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHG) के वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है।
लोकओएस डिजिटल प्लेटफॉर्म (LokOS Digital Platform) ग्रामीण भारत के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए एक संपूर्ण एंड-टू-एंड प्रोफाइल प्रबंधन और वित्तीय परिचालन प्रणाली है। [1, 2]
डिजिटल प्लेटफॉर्म LokOS के बारे में:
- परिचय: यह ग्रामीण आजीविका को सशक्त करने के लिए विकसित एक वेब आधारित प्लेटफॉर्म (Web Based Platform) और मोबाइल एप्लीकेशन है। यह मैन्युअल बही-खातों को हटाकर डिजिटल वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करता है।
- मंत्रालय (Ministry): यह गवर्नमेंट डिजिटल प्लेटफॉर्म (Government Digital Platform) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) के तत्वावधान में संचालित है।
- सहयोग (Collaboration): इसे दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) के तकनीकी सहयोग से प्रबंधित किया जा रहा है।
प्रमुख तकनीकी एवं अन्य विशेषताएं:
- दोहरा इंटरफेस (Dual Interface): इसमें प्रशासनिक सुधारों और डेटा मंजूरी के लिए वेब पोर्टल तथा फील्ड स्तर पर रीयल-टाइम बैठकों और वित्तीय लेनदेन रिकॉर्ड करने के लिए अनुकूल मोबाइल ऐप है।
- यूनिक डिजिटल आईडी (Unique Digital ID): यह ऐप सभी सदस्यों के लिए आधार और बैंक-लिंक्ड डिजिटल पहचान उत्पन्न करता है, जिससे पारदर्शिता (Transparency) बढ़ती है।
- भूमिका-आधारित प्रशासन (Role-Based Governance): ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक ई-गवर्नेंस (e-Governance) को सुदृढ़ करने के लिए इसमें मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग हेतु विशिष्ट डैशबोर्ड हैं।
- उद्यमिता मॉड्यूल: इसके अंतर्गत हाल ही में ‘शी-लीप्स’ (SHE-LEAPS) मॉड्यूल जोड़ा गया है जो ग्रामीण महिला उद्यमों की ट्रैकिंग और व्यावसायिक प्रबंधन (Business Management) आसान बनाता है।
अब तक की उपलब्धियां:
- व्यापक कवरेज: यह प्लेटफॉर्म भारत के 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, 762 जिलों और लगभग 5.92 लाख गांवों तक अपनी पहुंच बना चुका है।
- समुदाय का डिजिटलीकरण: इसके तहत 94.16 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह (SHGs), 5.62 लाख ग्राम संगठन (VOs) और 34,314 क्लस्टर स्तर के महासंघ (CLFs) एकीकृत किए गए हैं।
- डेटा क्षमता: यह प्लेटफॉर्म 10.03 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिला सदस्यों का डेटा प्रबंधित कर रहा है।
- लखपति दीदी पहल: इस नेटवर्क के माध्यम से 3.87 करोड़ संभावित ‘लखपति दीदियों’ की डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है और 18.50 करोड़ डिजिटल आजीविका रजिस्टर (DAR) बनाए रखे गए हैं।
- फंड ट्रैकिंग: इसके द्वारा ₹9,718 करोड़ के रिवॉल्विंग फंड (RF) और ₹64,607 करोड़ के कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) की पारदर्शी डिजिटल निगरानी की जा रही है।
महत्व:
यह सरकारी प्रौद्योगिकी (Government Technology) प्लेटफ़ॉर्म लोक प्रशासन (Public Administration) में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। यह कागजी काम के बोझ को कम करता है और बैंकों के लिए क्रेडिट लिंकेज (ऋण प्रक्रिया) को आसान बनाकर वास्तविक वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को गति देता है। वास्तविक समय का डेटा (Real-time data) नीति निर्माताओं को साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है, जिससे ग्रामीण गरीबी उन्मूलन में तेज़ी आ रही है।
FAQs:
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LokOS डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या है?
यह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए एक वेब और मोबाइल आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
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LokOS का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों के वित्तीय रिकॉर्ड को डिजिटल कर पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय समावेशन को मजबूत करना है।
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यह प्लेटफॉर्म किन सेवाओं के लिए उपयोग किया जाएगा?
इसका उपयोग बचत, ऋण प्रबंधन, प्रोफाइल ट्रैकिंग, उद्यम विकास और सरकारी योजनाओं के साथ अभिसरण (Convergence) के लिए किया जाएगा।
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LokOS से प्रशासन को क्या लाभ होगा?
इससे कागजी बही-खातों से मुक्ति मिलेगी, प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी और वास्तविक समय के डेटा से बेहतर नीतियां बनाना संभव होगा।
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डिजिटल शासन में LokOS की क्या भूमिका है?
यह ग्रामीण क्षेत्रों में पेपरलेस, पारदर्शी और वित्तीय रूप से सक्षम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
