विकसित उड़ान योजना का शुभारंभ
संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के जोधपुर से क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना (RCS) के अगले चरण ‘विकसित उड़ान योजना’ (Viksit Udaan Yojana) का शुभारंभ किया।
विकसित उड़ान योजना क्या हैं?
- परिचय: Viksit Udaan Yojana भारत सरकार की एक परिवर्तनकारी सरकारी योजना [Government Scheme] है, जिसे देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय हवाई संपर्क [Regional Connectivity] सुधारने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
- यह पहल पूर्ववर्ती उड़ान योजना [UDAN Scheme] का एक उन्नत और संशोधित रूप है।
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य नागरिक उड्डयन [Civil Aviation India] ढांचे का विस्तार कर सुदूर क्षेत्रों को मुख्य विमानन नेटवर्क से जोड़ना है।
- इसके जरिए आम नागरिकों को वहनीय दरों पर हवाई परिवहन [Air Transport] की सुविधा देना और ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को साकार करना है।
- शुरुआत (Launch): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 4 जुलाई 2026 को जोधपुर, राजस्थान से इसका ऐतिहासिक शुभारंभ किया गया।
- कुल लागत (Outlay): इस विमानन योजना [Aviation Scheme] के लिए अगले 10 वर्षों (2026-2036) हेतु ₹28,840 करोड़ (लगभग ₹29,000 करोड़) का बजटीय आवंटन स्वीकृत किया गया है।
- नोडल मंत्रालय (Ministry): यह योजना नागरिक उड्डयन मंत्रालय [Ministry of Civil Aviation] के अंतर्गत संचालित की जा रही है।
प्रमुख तकनीकी विशेषताएं और घटक:
- विमानन अवसंरचना [Aviation Infrastructure] विस्तार: अप्रयुक्त हवाई पट्टियों को विकसित कर 100 नए हवाई अड्डे (एयरोड्रोम) बनाए जाएंगे।
- हेलीपैड विकास: दूरदराज एवं पहाड़ी क्षेत्रों में एयरपोर्ट कनेक्टिविटी [Airport Connectivity] मजबूत करने हेतु 200 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण होगा।
- वित्तीय मॉडल (VGF): एयरलाइन ऑपरेटरों को वित्तीय स्थिरता देने के लिए ₹10,043 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर निधि (Viability Gap Funding) दी जाएगी।
- सब्सिडी अवधि का विस्तार: आत्मनिर्भरता के लिए तकनीकी रूप से सब्सिडी की समयसीमा को 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया है।
- स्वदेशी मंचों को बढ़ावा: हवाई कनेक्टिविटी [Air Connectivity] के लिए भारत निर्मित HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमानों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
महत्व:
यह योजना भारत में विमानन क्षेत्र [India Aviation] के लोकतंत्रीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। यह पर्यटन, स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ आपातकालीन चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगी।
- आर्थिक विकास: छोटे शहरों में हवाई संपर्क (Air Connectivity) बढ़ने से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आजीविका में वृद्धि होगी।
- दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच: पूर्वोत्तर राज्यों (North-East), द्वीपों और पहाड़ी इलाकों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं (Emergency Medical Services) और आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी तेज होगी।
- सामाजिक समावेशन: “हवाई चप्पल से हवाई जहाज” तक का सफर तय करने वाले आम नागरिक अब उड़ान योजना (UDAN Scheme) के माध्यम से मुख्यधारा के परिवहन से जुड़ रहे हैं।
FAQs:
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विकसित उड़ान योजना क्या है?
यह भारतीय नागरिक उड्डयन [India Aviation] क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को सुधारने वाली 10 वर्षीय उन्नत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना [Regional Connectivity] है।
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इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में किफायती एवं सुलभ हवाई कनेक्टिविटी [Air Connectivity] स्थापित करना है।
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इससे आम नागरिकों को क्या लाभ होगा?
आम नागरिकों को कम किराए में सुरक्षित, आधुनिक और तीव्र हवाई यात्रा [Air Transport] की विश्वसनीय सुविधा प्राप्त होगी।
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क्या यह योजना UDAN योजना से अलग है?
हाँ, यह मूल उड़ान योजना [Secondary Keyword: UDAN Scheme] का अधिक बजट, स्वदेशी विमानों और 10 वर्षीय दीर्घकालिक विज़न वाला संशोधित रूप है।
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किन क्षेत्रों को इस योजना से लाभ मिलेगा?
इससे टियर-2, टियर-3 शहरों सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों, पहाड़ी इलाकों तथा द्वीपीय और आकांक्षी जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।
