नौकायन प्रशिक्षण पोत INS सुदर्शनी
संदर्भ:
भारतीय नौसेना (Indian Navy) का प्रसिद्ध नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी (INS Sudarshini) अपनी ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के तहत अमेरिका के न्यूयॉर्क बंदरगाह पर पहुंचा।
आईएनएस सुदर्शनी (INS Sudarshini) के बारे में:
- परिचय: INS Sudarshini भारतीय नौसेना का एक अग्रणी स्वदेशी नौकायन प्रशिक्षण पोत (Sail Training Ship – STS) है। यह तीन-मस्तूल वाला बारक (Three-masted Barque) श्रेणी का पालदार पोत है।
- यह (जुलाई 2026) में अपनी ऐतिहासिक 10 महीने लंबी ‘लोकायन 26’ (Lokayan 26) ट्रांसओशिनिक यात्रा के तहत अमेरिकी महाद्वीप में भारत की कूटनीतिक साख बढ़ा रहा है।
- वर्तमान में यह पोत संयुक्त राज्य अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (250वीं वर्षगांठ) के उपलक्ष्य में आयोजित वैश्विक ‘सेल 250’ (Sail 250) फ्लॉटिला कार्यक्रम में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क बंदरगाह पर मौजूद है।
- उद्देश्य: यह भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के युवा कैडेटों तथा प्रशिक्षुओं को आधुनिक प्रणालियों से दूर, समुद्र की वास्तविक और कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने, पारंपरिक सीमैनशिप (Seamanship) और खगोलीय नेविगेशन (Celestial Navigation) सिखाने के लिए उपयोग किया जाता है।
- निर्माणकर्ता: इस ऐतिहासिक पोत का निर्माण रक्षा मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (Goa Shipyard Limited – GSL) द्वारा पूरी तरह स्वदेशी रूप से किया गया है।
- डिजाइन: इसका विशिष्ट विन्यास और ढांचा प्रसिद्ध ब्रिटिश नौसैनिक वास्तुकार कोलिन मुडी (Colin Mudie) द्वारा डिजाइन किया गया था।
- कमिशन: इसे 27 जनवरी 2012 को कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान (Southern Naval Command) के द्वारा भारतीय नौसेना में कमीशन (शामिल) किया गया था।
- यह आईएनएस तरंगिनी (1997 में कमीशन) की अनुवर्ती श्रेणी (Follow-on Class) का पोत है।
- इसका होम पोर्ट कोच्चि (केरल) है।
प्रमुख तकनीकी एवं अन्य विशेषताएं:
- आयाम और विस्थापन: जहाज की कुल लंबाई 54 मीटर, चौड़ाई (बीम) 8.5 मीटर और इसका पूर्ण भार विस्थापन लगभग 513 टन है। इसका हल (Hull) पूरी तरह स्टील से निर्मित है ताकि यह उष्णकटिबंधीय और अत्यधिक कठिन समुद्री मौसम को सहन कर सके।
- पाल और रस्सियों का ढांचा: सुदर्शनी में 20 पाल (Sails) लगे हैं, जिनका कुल कैनवास क्षेत्रफल 1,035 वर्ग मीटर से अधिक है। इस संरचना को नियंत्रित करने के लिए 7.5 किलोमीटर लंबी पारंपरिक रस्सियों और 1.5 किलोमीटर की स्टील वायर रस्सियों का जटिल जाल उपयोग किया जाता है।
- प्रणोदक शक्ति (Propulsion): यह पोत दोहरे मोड पर काम कर सकता है। यह पूरी तरह हवा की गति (Under Sail) पर चल सकता है या जरूरत पड़ने पर ट्विन 320 HP डीजल इंजनों की सहायता से 8 नॉट की गति से आगे बढ़ सकता है.
- क्षमता और सहनशक्ति (Endurance): यह पोत निरंतर 20 दिनों तक बिना किसी बाहरी सहायता के समुद्र में तैनात रह सकता है। इस पर 5 नौसैनिक अधिकारी, 31 नाविक और 30 कैडेट एक साथ प्रशिक्षण ले सकते हैं।
‘लोकायन 26’ अभियान:
- लोकायन 26 (Lokayan 26): यह 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से शुरू हुआ 10 महीने लंबा और 22,000 समुद्री मील (Nautical Miles) का एक विशाल महासागरीय अभियान है, जो 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों की यात्रा कर रहा है।
- अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी: अपनी यात्रा के दौरान इसने ओमान (सलालाह), मिस्र (सफागा), माल्टा (वैलेटटा), मोरक्को (कासाब्लांका) और फ्रांस (एस्केल आ सेते) में सफल कूटनीतिक पड़ाव पूरे किए हैं। वर्तमान में यह अमेरिका के न्यूयॉर्क में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
महत्व:
- ‘महासागर’ विज़न और विज़न सागर (Vision SAGAR): यह अभियान भारत सरकार की MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across the Region) नीति और विज़न ‘सागर’ के अनुरूप है, जो हिंद महासागर और उसके पार मित्र देशों के साथ सुरक्षा और सामूहिक विकास को बढ़ावा देता है।
- वसुधैव कुटुंबकम और सॉफ्ट पावर: विभिन्न देशों के बंदरगाहों पर ‘ओपन शिप’ (Open Ship) कार्यक्रमों के जरिए स्कूली बच्चों और भारतीय प्रवासियों से जुड़कर यह पोत भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के तैरते हुए दूत (Floating Ambassador) के रूप में कार्य करता है।
- अंतर्राष्ट्रीय नौसैनिक सहयोग: विदेशी नौसेनाओं (जैसे रॉयल ओमान नेवी, मोरक्कन नेवी) के कैडेटों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण और ‘पैसेज एक्सरसाइज’ (PASSEX) के माध्यम से यह पोत अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को मजबूत करता है।
FAQs:
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INS सुदर्शनी क्या है?
यह भारतीय नौसेना (Indian Navy) का एक स्वदेशी, तीन मस्तूलों वाला पारंपरिक नौकायन प्रशिक्षण पोत (Sailing Training Ship) है।
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इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाता है?
इसका मुख्य उपयोग भावी नौसैनिक कैडेटों को पारंपरिक सीमैनशिप, नेविगेशन और समुद्र से लड़ने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।
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भारतीय नौसेना में इसकी क्या भूमिका है?
यह कैडेटों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की ‘सॉफ्ट पावर कूटनीति’ को मजबूत करता है।
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नौकायन प्रशिक्षण पोत क्या होता है?
यह हवा के सहारे चलने वाली पालों (Sails) से लैस ऐसा जहाज है, जिसका उपयोग बुनियादी नौसैनिक कौशल सिखाने के लिए किया जाता है।
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INS सुदर्शनी की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
यह गोवा शिपयार्ड द्वारा निर्मित 20 पालों वाला पोत है, जो बिना आधुनिक मशीनों के खगोलीय नेविगेशन सिखाने की क्षमता रखता है।
