डिजिटल शिक्षण मंच TribeX
संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार द्वारा जनजातीय समुदायों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए डिजिटल शिक्षण मंच TribeX लॉन्च किया गया।
डिजिटल शिक्षण मंच TribeX के बारे में:
- परिचय: डिजिटल शिक्षण मंच ट्राइबएक्स (TribeX) भारत सरकार द्वारा जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की एक क्रांतिकारी पहल है।
- इसे तकनीकी रूप से एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म (Digital Learning Platform) के रूप में विकसित किया गया है।
- उद्देश्य: भारत की लुप्तप्राय जनजातीय भाषाओं, मौखिक परंपराओं, संगीत और उत्सवों को डिजिटल रूप में हमेशा के लिए सुरक्षित करना।
- आदिवासी युवाओं और कारीगरों को उनकी पारंपरिक कलाओं (जैसे पेंटिंग, हस्तशिल्प और हथकरघा) में उन्नत प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर पैदा करना।
- सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय छात्रों को शिक्षा प्रौद्योगिकी (Education Technology) के माध्यम से मुख्यधारा की अकादमिक शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जोड़ना।
- लॉन्च: इस महत्वाकांक्षी प्लेटफॉर्म का आधिकारिक शुभारंभ 7 जुलाई 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान किया गया।
- इस मंच का शुभारंभ केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री श्री जुएल ओराम द्वारा किया गया।
- मंत्रालय: इस पूरे प्रोजेक्ट का संचालन और प्रबंधन जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) द्वारा किया जा रहा है।
- TribeX की अकादमिक विश्वसनीयता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
प्रमुख विशेषताएं:
- द्वि-आयामी पाठ्यक्रम संरचना: वर्तमान में यह मंच 20 मुफ्त प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम (जैसे आदिवासी चित्रकला, संगीत वाद्ययंत्र और हस्तशिल्प) प्रदान कर रहा है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 100 से अधिक करने की योजना है।
- इसके साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से मान्यता प्राप्त 5 एक-वर्षीय हाइब्रिड पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। इन डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में ‘संताली (ओल चिकी) भाषा’, ‘संग्रहालय विज्ञान और आदिवासी संग्रहालय प्रबंधन’, तथा ‘आदिवासी वस्त्र’ आदि शामिल हैं।
- लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS): छात्रों की प्रगति को ट्रैक करने, असाइनमेंट जमा करने और सुरक्षित लॉगिन के लिए एक उन्नत एलएमएस (LMS) सॉफ्टवेयर एकीकृत किया गया है।
- हेरिटेज आर्काइव: इस डिजिटल शिक्षण मंच TribeX पर वर्तमान में 5,000 से अधिक मल्टीमीडिया संसाधन (ऑडियो, वीडियो और प्रामाणिक साहित्य) उपलब्ध हैं।
- सरकार का लक्ष्य इस डेटाबेस को जल्द ही 10,000 से अधिक संसाधनों तक विस्तारित करना है।
- सर्वांगीण पहुंच (Mobile-Friendly): ऑनलाइन लर्निंग (Online Learning) को सहज बनाने के लिए इसे मोबाइल और वेब दोनों स्वरूपों में ढाला गया है ताकि कम इंटरनेट स्पीड वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी छात्र इसका लाभ उठा सकें।
महत्व:
यह मंच भारत में जनजातीय विकास (Tribal Development) की दिशा में एक युगांतकारी कदम है। इसके माध्यम से आदिवासी समुदायों की ‘पीढ़ियों पुरानी बुद्धिमत्ता’ को आर्थिक रूप से मूल्यवान कौशल में बदला जा रहा है, जिससे आत्मनिर्भर भारत के तहत ‘लोकल फॉर वोकल’ को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य संबंधित डिजिटल पहलें:
भारत सरकार जनजातीय शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। ट्राइबएक्स के समानांतर चल रही अन्य प्रमुख पहलों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) का देशव्यापी नेटवर्क शामिल है, जो जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहा है। इसके अलावा, ‘वन धन विकास केंद्र’ और ट्राइफेड (TRIFED) के तहत चलने वाले डिजिटल पोर्टल भी आदिवासियों के व्यापारिक और उद्यमशीलता कौशल को बाजार से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
FAQs:
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TribeX डिजिटल शिक्षण मंच क्या है?
यह जनजातीय कला, भाषाओं, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण और प्रशिक्षण के लिए भारत का पहला समर्पित ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म है।
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TribeX किसके लिए शुरू किया गया है?
यह मुख्य रूप से जनजातीय युवाओं, वैश्विक शोधकर्ताओं, छात्रों और भारत की समृद्ध आदिवासी कला-संस्कृति को सीखने के इच्छुक लोगों के लिए है।
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इस मंच का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य आदिवासी विरासत को सहेजना, स्वदेशी कौशल विकास को बढ़ावा देना और एडटेक के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।
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छात्रों को इससे क्या लाभ मिलेगा?
छात्रों को जनजातीय विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर, मुफ्त प्रमाणपत्र और यूजीसी से मान्यता प्राप्त हाइब्रिड पीजी डिप्लोमा की डिग्री मिलेगी।
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क्या TribeX मुफ्त प्लेटफॉर्म है?
हाँ, इसके तहत दी जाने वाली सभी 20 मूलभूत कला और हस्तशिल्प प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शिक्षार्थियों के लिए पूरी तरह से मुफ्त हैं।
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TribeX पर कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध होंगे?
इस पर आदिवासी भाषाएँ (जैसे संताली), चित्रकला, हस्तशिल्प, वस्त्र, पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र और संग्रहालय प्रबंधन जैसे विशिष्ट कोर्स उपलब्ध हैं।
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क्या यह मोबाइल पर उपलब्ध होगा?
हाँ, यह डिजिटल मंच पूरी तरह से मोबाइल और वेब दोनों के अनुकूल बनाया गया है ताकि सुदूर क्षेत्रों में आसानी से चले।
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किस मंत्रालय ने TribeX शुरू किया है?
इस दूरदर्शी डिजिटल शिक्षण मंच की शुरुआत भारत सरकार के केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) द्वारा की गई है।
