ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत को मिली 125वीं रैंक
संदर्भ:
हाल ही में जारी हुई ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 (Global Passport Index 2026) में भारतीय पासपोर्ट एक पायदान फिसलकर 125वें स्थान पर आ गया है।
- वैश्विक गतिशीलता सलाहकार संस्था ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस (Global Citizen Solutions) द्वारा जारी छठी वार्षिक रिपोर्ट में भारत 197 देशों की सूची में पिछले साल (124वीं रैंक) के मुकाबले नीचे खिसक गया है।
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 क्या है?
- परिचय: पारंपरिक इंडेक्स (जैसे हेनरी पासपोर्ट इंडेक्स) के विपरीत, जो केवल वीज़ा-मुक्त यात्रा (Visa Free Travel) को मापते हैं, ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स एक व्यापक मूल्यांकन टूल है।
- यह किसी देश के नागरिकों को मिलने वाली वैश्विक गतिशीलता (Global Mobility), आर्थिक स्वतंत्रता और जीवन स्तर का समग्र विश्लेषण करता है।
- इस वर्ष के सूचकांक में यूरोप महाद्वीप का पूरी तरह दबदबा रहा है, जहां शीर्ष 10 में से 9 स्थान यूरोपीय देशों ने हासिल किए हैं।
- प्रक्रिया: किसी भी पासपोर्ट की ताकत (Passport Strength) और रैंकिंग (Passport Ranking) को विश्व बैंक और विश्व आर्थिक मंच जैसे प्रामाणिक डेटा स्रोतों से प्राप्त 14-15 संकेतकों के आधार पर मुख्य रूप से तीन प्रमुख स्तंभों में विभाजित कर मापा जाता है:
- संवर्धित गतिशीलता सूचकांक (Enhanced Mobility Index – 50% भारांश): यह पासपोर्ट की वास्तविक यात्रा स्वतंत्रता (Travel Freedom) और गंतव्य देशों के आकर्षण को मापता है।
- निवेश सूचकांक (Investment Index – 25% भारांश): यह देश की आर्थिक प्रगति, व्यावसायिक अवसरों और कर प्रणाली (Taxation) का मूल्यांकन करता है।
- जीवन स्तर सूचकांक (Quality of Living Index – 25% भारांश): यह व्यक्तिगत सुरक्षा, स्वतंत्रता, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा प्रणाली का आकलन करता है।
भारत की स्थिति और वीज़ा-मुक्त यात्रा (Indian Passport Position):
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) की वैश्विक पहुंच:
- स्कोर: भारत का समग्र संयुक्त स्कोर सुधरकर पांच वर्षों के उच्चतम स्तर 45.1 पर पहुंच गया है, लेकिन अन्य देशों की तीव्र प्रगति के कारण रैंकिंग में यह गिरावट दर्ज की गई।
- भारत संवर्धित गतिशीलता सूचकांक में 136वें स्थान पर रहा।
- मजबूत आर्थिक नीतियों के कारण भारत निवेश सूचकांक में तीन पायदान सुधरकर 94वें स्थान पर पहुंच गया है।
- भारत ने जीवन स्तर सूचकांक में 11 अंकों का शानदार सुधार करते हुए 118वां स्थान प्राप्त किया है।
- वीज़ा-मुक्त पहुंच: इस इंडेक्स के विशिष्ट मानकों के अनुसार भारतीय पासपोर्ट धारक केवल 26 गंतव्यों में पूरी तरह वीज़ा-मुक्त या वीज़ा-ऑन-अराइवल (Visa on Arrival) के माध्यम से प्रवेश कर सकते हैं।
- इनमें भूटान, नेपाल, जमैका, मकाऊ, ट्यूनीशिया, अंगोला और बारबाडोस जैसे देश प्रमुखता से शामिल हैं।
- प्रतिबंधित क्षेत्र: दुनिया की प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक शक्तियों जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), यूनाइटेड किंगडम (UK), जर्मनी, फ्रांस, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित लगभग 88 देशों की यात्रा के लिए भारतीयों को आज भी अग्रिम कूटनीतिक वीज़ा (Prior Visa) की आवश्यकता होती है।
- तुलनात्मक विश्लेषण: पड़ोसी देशों में भारत की स्थिति पाकिस्तान (188वीं रैंक), नेपाल (164वीं रैंक) और बांग्लादेश (166वीं रैंक) से काफी बेहतर है, लेकिन यह नामीबिया (124वीं रैंक), फिलीपींस और उज्बेकिस्तान जैसे देशों से पीछे रह गया है।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली और कमजोर पासपोर्ट (Global Leaders & Laggards):
- शीर्ष देश: इस इंडेक्स में लगातार तीसरी बार स्वीडन (Sweden) दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट के रूप में प्रथम स्थान पर काबिज है।
- इसके बाद क्रमशः स्विट्जरलैंड (दूसरा), फिनलैंड (तीसरा), जर्मनी (चौथा) और डेनमार्क (पांचवां) स्थान पर हैं। एशियाई देशों में सिंगापुर शीर्ष 10 में जगह बनाने में कामयाब रहा है।
- सबसे कमजोर पासपोर्ट: युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा अफगानिस्तान (Afghanistan) इस सूची में 197वें (अंतिम) स्थान पर है। इसके ठीक ऊपर सीरिया, यमन और सोमालिया जैसे देश मौजूद हैं।
FAQs:
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ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 क्या है?
यह ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस द्वारा जारी एक अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल इंडेक्स है, जो केवल वीज़ा-मुक्त देशों के बजाय गतिशीलता, निवेश और जीवन स्तर के आधार पर पासपोर्ट की ताकत आंकता है।
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भारत को 125वीं रैंक क्यों मिली?
भारत का समग्र स्कोर (45.1) सुधरा है, लेकिन अन्य देशों द्वारा वीज़ा नियमों में तेजी से ढील देने और भारत की वीज़ा-मुक्त मोबिलिटी (136वीं रैंक) धीमी रहने के कारण भारत एक स्थान नीचे खिसक गया।
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पासपोर्ट रैंकिंग कैसे तय की जाती है?
रैंकिंग तीन मुख्य स्तंभों—संवर्धित गतिशीलता (50%), व्यावसायिक निवेश क्षमता (25%) और नागरिकों के जीवन स्तर व सुरक्षा (25%) के व्यापक डेटा विश्लेषण से तय होती है।
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दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट किस देश का है?
वर्ष 2026 के सूचकांक में स्वीडन का पासपोर्ट दुनिया में सबसे शक्तिशाली घोषित किया गया है, जिसके बाद स्विट्जरलैंड और फिनलैंड का स्थान आता है।
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भारतीय पासपोर्ट धारक कितने देशों में वीज़ा-फ्री यात्रा कर सकते हैं?
इस विशिष्ट सूचकांक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नागरिक भूटान, नेपाल और बारबाडोस सहित कुल 26 देशों/स्थानों पर बिना किसी पूर्व वीज़ा के यात्रा कर सकते हैं।
