तमिल कवि R Vairamuthu 60वें ज्ञानपीठ पुरस्कार 2025 से सम्मानित
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संदर्भ:
हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में प्रख्यात तमिल कवि और गीतकार आर. वैरामुथु R Vairamuthu) को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित 60वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन्हें यह सर्वोच्च सम्मान इनके 73वें जन्मदिन पर प्रदान किया गया।
R Vairamuthu के बारे में:
- जन्म: इनका जन्म 13 जुलाई 1953 को तमिलनाडु के थेनी जिले के एक कृषक परिवार में हुआ था।
- तमिल गौरव: वह 24 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यह सम्मान पाने वाले तीसरे तमिल साहित्यकार हैं।
- इनसे पहले केवल अखिलन (1975) और डी. जयकांतन (2002) को ही यह गौरव प्राप्त हुआ था।
- प्रथम तमिल कवि (Tamil Poet): ज्ञानपीठ के इतिहास में यह विशिष्ट गौरव प्राप्त करने वाले वे तमिलनाडु के पहले कवि हैं, क्योंकि पूर्व के दोनों विजेताओं को मुख्य रूप से उपन्यासों के लिए चुना गया था।
- विशाल साहित्यिक योगदान: चार दशकों से अधिक लंबे कूटनीतिक सफर में उन्होंने 37 से अधिक कालजयी पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें कविता संग्रह, निबंध और प्रसिद्ध उपन्यास शामिल हैं।
- प्रमुख कालजयी कृतियाँ: उनके सबसे प्रसिद्ध उपन्यासों में ‘कल्लिकट्टू इतिहासम’ (Kallikattu Ithikasam), ‘करुवाची कावियम’ (Karuvachi Kaaviyam) और ‘थन्नी देसम’ (Thanni Desam) शामिल हैं, जो ग्रामीण जीवन के संघर्ष को दर्शाते हैं।
- प्रभाव: उन्होंने तमिल सिनेमा जगत में 8,000 से अधिक गीतों की रचना की है, जिसने भारतीय समाज और लोकप्रिय लोक-संस्कृति को गहराई से प्रभावित किया है।
- पूर्व राष्ट्रीय पुरस्कार: उन्हें वर्ष 2003 में उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘कल्लिकट्टू इतिहासम’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रिकॉर्ड सात बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता है।
- नागरिक सम्मान: साहित्य और कला के क्षेत्र में उनकी असाधारण राष्ट्रीय सेवाओं के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2003 में पद्म श्री और वर्ष 2014 में पद्म भूषण से नवाजा था।
ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award) क्या हैं?
- परिचय: ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award) भारत का सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान (Highest Literary Honour) है।
- शुरुआत: इसकी स्थापना वर्ष 1961 में की गई थी, और पहला पुरस्कार वर्ष 1965 में प्रदान किया गया था।
- प्रदाता संस्था (Instituted By): यह पुरस्कार भारतीय संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देने वाले एक प्रमुख सांस्कृतिक और शोध संगठन ‘भारतीय ज्ञानपीठ’ द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।
- इसकी स्थापना प्रसिद्ध उद्योगपति साहू शांति प्रसाद जैन के परिवार द्वारा वर्ष 1944 में की गई थी।
- पात्रता: यह पुरस्कार केवल भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) को ही दिया जाता है।
- यह भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं तथा अंग्रेजी में उत्कृष्ट लेखन करने वाले लेखकों को प्रदान किया जाता है।
- चयन प्रक्रिया: यह सम्मान लेखक को भारतीय साहित्य (Indian Literature) में उनके आजीवन असाधारण योगदान (Lifetime Contribution) के लिए दिया जाता है।
- विजेताओं का चयन एक उच्च स्तरीय चयन बोर्ड (Selection Board) द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता वर्तमान में प्रख्यात लेखिका प्रतिभा राय कर रही हैं।
- पुरस्कार का स्वरूप: विजेता लेखक को पुरस्कार के रूप में निम्नलिखित सामग्री दी जाती है:
- ₹11 लाख की नकद धनराशि का एक चेक।
- एक कूटनीतिक आधिकारिक प्रशस्ति पत्र (Citation)।
- ज्ञान और कला की देवी वाग्देवी (सरस्वती) की एक सुंदर कांस्य प्रतिमा।
- यह प्रतिमा धार (मध्य प्रदेश) के प्राचीन मंदिर में स्थित मूल वाग्देवी मूर्ति की अनुकृति है।
अन्य प्रमुख ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्तकर्ता:
- प्रथम विजेता: वर्ष 1965 में मलयालम के प्रसिद्ध लेखक जी. शंकर कुरुप को उनके कविता संग्रह ‘ओदक्कुषल’ के लिए पहला ज्ञानपीठ दिया गया था।
- प्रथम महिला विजेता: वर्ष 1976 में बंगाली लेखिका आशापूर्णा देवी को उनके उपन्यास ‘प्रशम प्रतिश्रुति’ के लिए यह सम्मान मिला था।
- हालिया विजेता (58वां व 59वां): वर्ष 2023 के लिए प्रसिद्ध उर्दू कवि गुलज़ार और संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया था।
- अंग्रेजी भाषी: वर्ष 2018 में पहली बार अंग्रेजी भाषा के लिए अमिताव घोष को यह पुरस्कार दिया गया था।
FAQs:
Q1. आर. वैरामुथु कौन हैं?
Ans: वह पद्म भूषण से सम्मानित समकालीन तमिल साहित्य (Tamil Literature) के एक प्रख्यात भारतीय कवि, उपन्यासकार और प्रसिद्ध फिल्म गीतकार हैं।
Q2. उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार क्यों दिया गया?
Ans: उन्हें तमिल कविता, उपन्यासों और व्यापक भाषाई कला के माध्यम से भारतीय साहित्य (Indian Literature) में आजीवन असाधारण योगदान हेतु चुना गया।
Q3. ज्ञानपीठ पुरस्कार क्या है?
Ans: यह भारतीय ज्ञानपीठ संस्था द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान है।
Q4. 60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार किसे मिला?
Ans: वर्ष 2025 का ऐतिहासिक 60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award 2026) प्रख्यात तमिल साहित्यकार डॉ. आर. वैरामुथु को प्रदान किया गया है।
Q5. वैरामुथु का साहित्य में क्या योगदान है?
Ans: उन्होंने 37 से अधिक कालजयी पुस्तकें और 8,000 से अधिक गीतों की रचना कर आधुनिक तमिल साहित्य (Tamil Literature) को समृद्ध किया है।
