5वीं BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक: सदस्य देशों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने का संकल्प पुनः दोहराया
संदर्भ:
हाल ही में 16 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 5वीं बीमस्टैक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक (BIMSTEC NSA Meeting) का सफल आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय सम्मेलन ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के संकल्प को पुनः दोहराया है।
BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक के मुख्य बिंदु:
- स्थान (Venue): यह महत्वपूर्ण सुरक्षा शिखर सम्मेलन 16 जुलाई 2026 को भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
- आयोजन (Hosting): इस बैठक की मेजबानी और अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) श्री अजीत डोभाल द्वारा की गई।
- भागीदार देश (Participating Countries): बैठक में बीमस्टैक देश (BIMSTEC Countries) शामिल हुए, जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने भाग लिया। बीमस्टैक के वर्तमान महासचिव (इंद्र मणि पांडेय) भी इस दौरान उपस्थित थे।
- मुख्य मुद्दे जिन पर चर्चा हुई (Key Discussion Issues):
- आतंकवाद-रोधी प्रयास (Counter Terrorism): सीमा पार आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए व्यावहारिक और परिणाम-उन्मुख समाधानों पर गंभीर चर्चा हुई।
- संगठित अपराध और साइबर सुरक्षा (Organized Crime and Cyber Security): अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी (नार्को-ट्रैफिकिंग) और डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
- समुद्री और ऊर्जा सुरक्षा (Maritime and Energy Security): हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री डकैती रोधी उपायों को मजबूत करने पर बल दिया गया।
- आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान (Supply Chain Disruptions): एनएसए डोभाल ने वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण बाधित हुई वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को पुनर्जीवित करने और सदस्य देशों के बीच आर्थिक लचीलापन (Economic Resilience) बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- निष्कर्ष (Conclusion):
- मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) दिशानिर्देश: बैठक में समुद्री घटक के लिए विशिष्ट HADR दिशानिर्देशों को अपनाया गया। यह सदस्य देशों को प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित राहत अभियान चलाने में सक्षम बनाएगा।
- समुद्री कानून प्रवर्तन मार्गदर्शक सिद्धांत: समुद्र में आपसी संपर्क और गश्त के दौरान सुरक्षा और पूर्वानुमान बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों (Guiding Principles) के एक सेट को मंजूरी दी गई।
बीमस्टैक (BIMSTEC) के बारे में:
- परिचय: बीमस्टैक (BIMSTEC) का पूर्ण रूप ‘बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन’ (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) है। यह बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती और समीपवर्ती देशों का एक अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय संगठन है।
- बैंकॉक घोषणा (Bangkok Declaration): इसकी स्थापना 6 जून 1997 को बैंकॉक घोषणापत्र के माध्यम से हुई थी।
- इतिहास: शुरुआत में इसमें केवल चार देश (बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका, थाईलैंड) शामिल थे और इसे ‘BIST-EC’ कहा जाता था।
- दिसंबर 1997 में म्यांमार के शामिल होने के बाद यह ‘BIMST-EC’ बना।
- वर्ष 2004 में नेपाल और भूटान के प्रवेश के बाद इसका वर्तमान नाम अपनाया गया।
- मुख्यालय (Headquarters): इसका स्थायी सचिवालय ढाका, बांग्लादेश में स्थित है।
- संस्थागत संरचना:
- बीमस्टैक चार्टर (BIMSTEC Charter): मार्च 2022 में आयोजित बीमस्टैक शिखर सम्मेलन (BIMSTEC Summit) के दौरान इसके चार्टर को अपनाया गया, जिसने इसे एक औपचारिक अंतरराष्ट्रीय कानूनी पहचान और ध्वज प्रदान किया।
- सहयोग के स्तंभ (Pillars of Cooperation): संगठन ने अपने कार्यक्षेत्र को सुव्यवस्थित करने के लिए सहयोग के क्षेत्रों को सात मुख्य स्तंभों में विभाजित किया है।
- प्रत्येक स्तंभ का नेतृत्व एक विशिष्ट सदस्य देश करता है। भारत इसके ‘सुरक्षा स्तंभ’ (Security Pillar) का नेतृत्व करता है, जिसके अंतर्गत उप-क्षेत्र जैसे आतंकवाद-विरोध, आपदा प्रबंधन और ऊर्जा सुरक्षा आते हैं।
- महत्व: बीमस्टैक दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्वी एशिया के बीच एक अनूठे भू-राजनीतिक सेतु के रूप में कार्य करता है।
- वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा बंगाल की खाड़ी से होकर गुजरता है, जिससे इस क्षेत्र की स्थिरता अनिवार्य हो जाती है। यह रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों प्रकार के सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए एक साझा सुरक्षा मंच प्रदान करती है।
भारत के लिए महत्व (Significance for India):
- नेबरहुड फर्स्ट और एक्ट ईस्ट नीतियां: यह संगठन भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (Neighbourhood First) और ‘एक्ट ईस्ट’ (Act East) विदेश नीतियों के मिलन बिंदु पर स्थित है।
- सार्क का विकल्प (Alternative to SAARC): भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के निष्क्रिय होने के बाद, भारत ने क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारत बीमस्टैक (India BIMSTEC) संबंधों को अत्यधिक प्राथमिकता दी है।
- सुरक्षा सहयोग (Security Cooperation): बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव और मोतियों की माला (String of Pearls) रणनीति को संतुलित करने के लिए भारत के लिए यह मंच रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
FAQs:
Q.1. BIMSTEC क्या है?
Ans: यह बंगाल की खाड़ी के आसपास स्थित दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्वी एशिया के सात देशों का एक तकनीकी और आर्थिक सहयोग संगठन है।
Q.2. 5वीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक कहाँ आयोजित हुई?
Ans: 5वीं बीमस्टैक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक 16 जुलाई 2026 को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित हुई।
Q.3. बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
Ans: बैठक में आतंकवाद-विरोध, साइबर सुरक्षा, समुद्री कानून प्रवर्तन, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और आपदा प्रबंधन (HADR) जैसे मुद्दों पर व्यावहारिक चर्चा हुई।
Q.4. भारत के लिए BIMSTEC का क्या महत्व है?
Ans: यह भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीतियों को गति देने तथा बंगाल की खाड़ी में सुरक्षात्मक नेतृत्व बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
Q.5. BIMSTEC के सदस्य देश कौन-कौन हैं?
Ans: इसके सात सदस्य देश हैं: भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड।सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एक प्रमुख केंद्र है।
