PM AJAY Scheme – योजना के तहत 16,759 गांवों बने ‘आदर्श ग्राम’, सामाजिक उत्थान में मिली मदद
संदर्भ:
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) के अनुसार, पीएम-अजय योजना (PM AJAY Scheme) के अंतर्गत देश भर के 16,759 गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ (Model Village) घोषित किया गया।
पीएम-अजय योजना (PM AJAY Scheme) क्या हैं?
- परिचय: प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (Pradhan Mantri Anusuchit Jaati Abhyuday Yojana – PM-AJAY) सामाजिक उत्थान के लिए चलाई गई एक व्यापक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है.
- शुरुआत: इस एकीकृत योजना की शुरुआत वित्त वर्ष 2021-22 में की गई थी.
- विलय: इस योजना को पूर्ववर्ती तीन कल्याणकारी योजनाओं का विलय (Merger) करके बनाया गया है:
- प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY)
- अनुसूचित जातियों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता (SCA to SCSP)
- बाबू जगजीवन राम छात्रवास योजना (BJRCY)
- मंत्रालय: यह योजना पूर्ण रूप से भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है.
- उद्देश्य:
- गरीबी उन्मूलन: कौशल विकास और आय सृजन योजनाओं (Income Generating Schemes) के माध्यम से अतिरिक्त रोजगार पैदा कर अनुसूचित जाति परिवारों की गरीबी कम करना.
- शैक्षणिक सशक्तिकरण: गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं और छात्रावास (Hostels) प्रदान कर साक्षरता दर और उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन (Enrolment) को बढ़ाना.
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
- आदर्श ग्राम घटक (Adarsh Gram Component): इसके तहत 40% से अधिक अनुसूचित जाति आबादी वाले गांवों का एकीकृत विकास किया जाता है.
- प्रति गांव बुनियादी ढांचे के लिए ₹20 लाख और प्रशासनिक कार्यों के लिए ₹1 लाख का गैप-फिलिंग अनुदान दिया जाता है.
- अनुदान सहायता (Grants-in-Aid): जिला और राज्य स्तरीय परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता, जो आजीविका संपत्तियों के निर्माण और कौशल विकास (Skill Development) पर केंद्रित होती है.
- छात्रावास निर्माण (Hostel Construction): उच्च शिक्षण संस्थानों और विद्यालयों में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए सुरक्षित आवासीय भवनों का निर्माण एवं मरम्मत की जाती है।
- डेटा-संचालित दृष्टिकोण: यह योजना पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) सहित 10 क्षेत्रों के 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों पर प्रगति की निगरानी करती है.
- डिजिटल गवर्नेंस (Digital Governance): योजना के पारदर्शी कार्यान्वयन के लिए पीएम-अजय पोर्टल और AJAY मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया गया है. इसके माध्यम से ग्राम विकास योजना (VDP) तैयार की जाती है और जिओ-टैगिंग (Geo-tagging) आधारित भौतिक सत्यापन होता है.
योजना की प्रमुख उपलब्धियां:
- आदर्श ग्राम: कुल 47,316 लक्षित गांवों में से 16,759 गांवों को सफलतापूर्वक ‘आदर्श ग्राम’ (Adarsh Gram) घोषित किया जा चुका है.
- लाभार्थी: इस योजना के आदर्श ग्राम घटक से देश भर के 47.59 लाख से अधिक नागरिक सीधे तौर पर लाभांवित हुए हैं.
- विकास कार्य: गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 46,782 से अधिक विकास कार्य पूरे किए गए हैं.
- वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहल: छात्रों की शैक्षणिक सुगमता के लिए मंत्रालय ने तीन नई छात्रावास परियोजनाओं के निर्माण हेतु ₹22.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता आवंटित की है.
योजना का महत्व:
- अंतिम मील तक समावेशन (Last Mile Inclusion): यह योजना समाज के सबसे वंचित और हाशिए पर मौजूद अनुसूचित जाति समुदायों तक सीधे सरकारी लाभ पहुँचाकर सामाजिक न्याय (Social Justice) सुनिश्चित करती है.
- क्षेत्रीय असमानता में कमी (Reducing Regional Disparities): आकांक्षी जिलों और अनुसूचित जाति बहुल ब्लॉकों में बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, बिजली और स्वच्छ ईंधन का विकास कर यह क्षेत्रीय असंतुलन को कम करती है.
- मानव पूंजी का विकास (Human Capital Formation): कौशल प्रशिक्षण और सुरक्षित छात्रावास अवसंरचना प्रदान करके यह युवाओं की रोजगार क्षमता और उच्च शिक्षा तक पहुंच को सुदृढ़ करती है, जो जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) के लिए आवश्यक है.
- केंद्रीकृत योजनाओं का अभिसरण (Convergence of Schemes): यह विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय विकास योजनाओं को एक मंच पर लाकर संसाधनों के दोहराव को रोकती है और जमीनी स्तर पर अधिकतम परिणाम सुनिश्चित करती है.
- जमीनी स्तर पर सुशासन (Grassroots Governance): ग्रामीणों की भागीदारी से बनने वाली ‘ग्राम विकास योजना’ (Village Development Plan) विकेंद्रीकृत योजना और सहभागी लोकतंत्र (Participatory Democracy) को बढ़ावा देती है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: पीएम-अजय योजना क्या है?
उत्तर: यह अनुसूचित जातियों (SC) के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए पूर्ववर्ती तीन योजनाओं को मिलाकर शुरू की गई एक व्यापक एकीकृत कल्याणकारी योजना (Government Scheme) है.
प्रश्न 2: इस योजना के तहत कितने गांव आदर्श ग्राम बने हैं?
उत्तर: सामाजिक न्याय मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, देश भर के 16,759 गांवों को सफलतापूर्वक ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया गया है.
प्रश्न 3: योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य लक्षित आबादी की आय बढ़ाना, अनुसूचित जाति बहुल गांवों में बुनियादी ढांचा सुधारना और उनकी साक्षरता दर में वृद्धि करना है.
प्रश्न 4: इस योजना से किन लोगों को लाभ मिलता है?
उत्तर: इस समावेशी विकास (Inclusive Development) योजना से मुख्य रूप से देश के अनुसूचित जाति (SC) समुदायों और उनके बहुल क्षेत्रों को लाभ मिलता है.
प्रश्न 5: पीएम-अजय योजना किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है?
उत्तर: यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय योजना भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) द्वारा प्रशासित की जाती है.
