Borophene Based Green Lubricant – IASST वैज्ञानिकों का सफल परीक्षण, मशीनों की दक्षता बढ़ाने में मिलेगी मदद
संदर्भ:
हाल ही में गुवाहाटी स्थित उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी अध्ययन संस्थान (IASST) के वैज्ञानिकों ने पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए अरंडी के तेल (Castor Oil) में बोरोफीन-आधारित ग्रीन लुब्रिकेंट (Borophene Based Green Lubricant) को उच्च-प्रदर्शन स्नेहक योजक (High-Performance Lubricant Additive) के रूप में सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया।
बोरोफीन-आधारित ग्रीन लुब्रिकेंट (Borophene Based Green Lubricant) तकनीक
- परिचय: यह एक उन्नत जैव-स्नेहक (Bio-Lubricant) सूत्रीकरण है, जिसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले नवीकरणीय और जैव-अपघटनीय अरंडी के तेल को आधार (Base Oil) के रूप में उपयोग किया जाता है।
- इसके प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए इसमें नैनोमटेरियल्स (Nanomaterials) परिवार के उन्नत घटक ‘बोरोफीन’ को योजक (Additive) के रूप में मिलाया जाता है।
- बोरोफीन: यह बोरॉन तत्वों का एक परमाणु-मोटा, द्वि-आयामी (2D Allotrope) क्रिस्टलीय अपररूप है।
- इसे ग्राफिन (Graphene) का बोरॉन समकक्ष माना जाता है। इसमें असाधारण यांत्रिक शक्ति, उच्च तन्यता शक्ति (Tensile Strength) और ऊष्मीय स्थिरता (Thermal Stability) पाई जाती है।
- बोरॉन परमाणुओं की इलेक्ट्रॉन-न्यून (Electron-deficient) प्रकृति के कारण यह अत्यधिक क्रियाशील होता है।
- कार्यप्रणाली:
- समान फैलाव: अपनी उच्च रासायनिक सक्रियता के कारण बोरोफीन बिना किसी रासायनिक संशोधन (Chemical Modification) के अरंडी के तेल में समान रूप से फैल जाता है।
- ट्राइबोफिल्म का निर्माण: मशीनी पुर्जों के संचालन के दौरान, घर्षण वाली सतहों पर उच्च दबाव के तहत यह नैनो-सामग्री एक अत्यंत पतली और टिकाऊ सुरक्षात्मक परत बनाती है, जिसे ट्राइबोफिल्म (Tribofilm) कहा जाता है।
- परत के घटक: इस सुरक्षात्मक ट्राइबोफिल्म में मुख्य रूप से लौह ऑक्साइड (Iron Oxides), कार्बनयुक्त पदार्थ और बोरॉन-आधारित यौगिक शामिल होते हैं।
- अपरूपण तनाव में कमी: यह फिल्म धातु-से-धातु के सीधे संपर्क को रोकती है, जिससे अपरूपण तनाव (Shear Stress) कम होता है और भार वहन क्षमता (Load-bearing Capacity) अत्यधिक बढ़ जाती है।
- भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियां:
- प्रोफेसर देवाशीष चौधरी के मार्गदर्शन में और इंस्पायर सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) उज्जिबित बरूआ के सहयोग से यह शोध पहली बार सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
- वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया कि अरंडी के तेल में भार के अनुसार केवल 0.1% बोरोफीन (0.1 wt. %) मिलाने से ही शुद्ध अरंडी के तेल की तुलना में घर्षण में लगभग 42% तक की भारी कमी आती है।
- परीक्षणों में पाया गया कि यह मिश्रण मशीनी पुर्जों के घिसाव (Mechanical Wear) को न्यूनतम करने और उपकरण विफलता को रोकने में पूर्णतः सक्षम है।
- अनुप्रयोग:
- औद्योगिक मशीनरी (Industrial Lubricants): भारी कारखानों और विनिर्माण इकाइयों की मशीनों में घर्षण को कम करने के लिए।
- नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियाँ: पवन टर्बाइनों (Wind Turbines) और हाइड्रो-इलेक्ट्रिक जेनरेटरों के गतिशील गियरबॉक्स में।
- समुद्री अनुप्रयोग (Marine Applications): जहाजों के इंजनों और समुद्री उपकरणों में, जहाँ पेट्रोलियम-आधारित स्नेहक लीक होने पर जल प्रदूषण फैलाते हैं।
- परिवहन क्षेत्र: ऑटोमोबाइल इंजनों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के यांत्रिक पुर्जों की कार्यक्षमता बढ़ाने में।
इसका महत्व:
- ऊर्जा की बचत: वैश्विक स्तर पर उद्योगों में होने वाली कुल ऊर्जा हानि का एक बड़ा हिस्सा घर्षण के कारण होता है। घर्षण को 42% तक कम करके यह तकनीक विशाल स्तर पर बिजली और ईंधन की बचत करेगी।
- पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता में कमी: वर्तमान में अधिकांश औद्योगिक स्नेहक (Industrial Lubricants) खनिज या पेट्रोलियम तेलों पर आधारित होते हैं। अरंडी के तेल जैसे टिकाऊ स्नेहक (Sustainable Lubricants) को बढ़ावा देकर भारत अपने तेल आयात बिल को कम कर सकता है।
- पर्यावरण संरक्षण: रासायनिक और पेट्रोलियम-आधारित स्नेहक गैर-बायोडिग्रेडेबल और विषाक्त होते हैं। यह पर्यावरण-अनुकूल स्नेहक (Eco Friendly Lubricant) मृदा और जल पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदूषित नहीं करता।
- रखरखाव लागत में कमी: मशीनों के जीवनकाल में वृद्धि होने से औद्योगिक क्षेत्रों में उपकरणों के बार-बार खराब होने और रखरखाव (Maintenance Costs) पर होने वाला खर्च काफी घट जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: बोरोफीन-आधारित ग्रीन लुब्रिकेंट क्या है?
उत्तर: यह अरंडी के तेल (Castor Oil) में द्वि-आयामी नैनो-सामग्री ‘बोरोफीन’ को मिलाकर तैयार किया गया एक उच्च-प्रदर्शन और पर्यावरण-अनुकूल जैव-स्नेहक (Bio-Lubricant) है।
प्रश्न 2: बोरोफीन क्या होता है?
उत्तर: बोरोफीन (Borophene) बोरॉन परमाणुओं की एकल परत से बना एक कृत्रिम द्वि-आयामी (2D) नैनो पदार्थ (Nanomaterial) है, जिसमें असाधारण यांत्रिक शक्ति और थर्मल स्थिरता होती है।
प्रश्न 3: यह ग्रीन लुब्रिकेंट पारंपरिक लुब्रिकेंट से कैसे अलग है?
उत्तर: पारंपरिक स्नेहक पेट्रोलियम-आधारित और विषाक्त होते हैं, जबकि यह ग्रीन लुब्रिकेंट (Green Lubricant) पूर्णतः नवीकरणीय, जैव-अपघटनीय (Biodegradable) और पर्यावरण के लिए सुरक्षित है।
प्रश्न 4: बोरोफीन-आधारित लुब्रिकेंट के क्या फायदे हैं?
उत्तर: यह मशीनों में घर्षण को 42% तक कम करता है, टूट-फूट रोकता है, भार वहन क्षमता बढ़ाता है और औद्योगिक प्रणालियों की ऊर्जा दक्षता में सुधार करता है।
प्रश्न 5: इस तकनीक का उपयोग किन उद्योगों में किया जा सकता है?
उत्तर: इसका उपयोग टिकाऊ विनिर्माण (Sustainable Manufacturing), पवन ऊर्जा प्रणालियों, ऑटोमोबाइल इंजनों, समुद्री परिवहन और भारी विनिर्माण उद्योगों की मशीनरी में किया जा सकता है।
