IT Rules 2021 – OTT प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डिजिटल मीडिया आचार संहिता
संदर्भ:
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 (IT Rules 2021) के सख्त अनुपालन (Social Media Compliance) को अनिवार्य किया.
आईटी नियम 2021 (IT Rules 2021) के मुख्य प्रावधान:
- मंत्रालय: सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and IT) तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से प्रशासित किया जाता है.
- सोशल मीडिया मध्यस्थों का वर्गीकरण:
- दो श्रेणियाँ: इन नियमों के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को दो भागों में बांटा गया है—सामान्य सोशल मीडिया मध्यस्थ (Social Media Intermediary) और महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ (Significant Social Media Intermediary – SSMI).
- उपयोगकर्ता सीमा: भारत में 50 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं वाले प्लेटफॉर्म को ‘महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ’ (SSMI) माना जाता है, जिन पर अधिक कड़े नियम लागू होते हैं.
- अनिवार्य स्थानीय अधिकारियों की नियुक्ति: सभी महत्वपूर्ण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (SSMIs) के लिए भारत में तीन प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति अनिवार्य है, जो भारत के निवासी होने चाहिए:
- मुख्य अनुपालन अधिकारी (Chief Compliance Officer): यह सुनिश्चित करना कि प्लेटफॉर्म आईटी अधिनियम और नियमों का पूरी तरह पालन कर रहा है.
- नोडल संपर्क व्यक्ति (Nodal Contact Person): कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) के साथ 24×7 समन्वय स्थापित करने के लिए.
- स्थानीय शिकायत अधिकारी (Resident Grievance Officer): उपयोगकर्ताओं की शिकायतों को दर्ज करने और उनका समयबद्ध निवारण करने के लिए.
- प्रथम प्रवर्तक की पहचान: मैसेजिंग ऐप्स (जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम) को भारत की संप्रभुता, सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या बलात्कार/बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े अपराधों की स्थिति में किसी विशिष्ट संदेश के ‘प्रथम प्रवर्तक’ (First Originator) की पहचान साझा करनी होगी.
- त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र: डिजिटल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्मों (Online Platforms) के लिए एक त्रि-स्तरीय विनियामक ढांचा तैयार किया गया है:
- प्रथम स्तर: प्रकाशक द्वारा स्वयं का शिकायत निवारण (24 घंटे में शिकायत दर्ज करना और 15 दिनों में समाधान).
- द्वितीय स्तर: प्रकाशकों के स्व-नियामक निकायों (Self-Regulatory Bodies) द्वारा निगरानी, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करते हैं.
- तृतीय स्तर: सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत सरकारी अंतर-विभागीय समिति (Inter-Departmental Committee) द्वारा निरीक्षण.
- सुरक्षित आश्रय (Safe Harbor) की समाप्ति: यदि कोई सोशल मीडिया कंपनी इन मध्यस्थ दिशानिर्देशों (Intermediary Guidelines) का पालन करने में विफल रहती है, तो वह सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act) की धारा 79 के तहत प्राप्त ‘सुरक्षित आश्रय’ (Safe Harbor) का कानूनी संरक्षण खो देगी.
- इसका अर्थ है कि उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट की गई किसी भी अवैध सामग्री के लिए कंपनी पर भी आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकेगा.
- आयु-आधारित वर्गीकरण: ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स की सामग्री को पांच आयु श्रेणियों (U, U/A 7+, U/A 13+, U/A 16+, और A) में बांटना होगा.
- त्रि-स्तरीय शिकायत ढांचा: डिजिटल समाचार और ओटीटी सामग्री के लिए स्वनियमन (self-regulation) के साथ त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली बनाई गई है.
डिजिटल गवर्नेंस संबंधी अन्य महत्वपूर्ण नियम (Other Rules Related to Digital Governance):
- आईटी नियम 2022 और 2023 के संशोधन (IT Amendments 2022 & 2023):
- शिकायत अपीलीय समितियां (Grievance Appellate Committees – GAC): यदि उपयोगकर्ता सोशल मीडिया कंपनियों के शिकायत अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट हैं, तो वे सरकार द्वारा गठित इन डिजिटल अपीलीय समितियों में 30 दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं. इनके निर्णय कंपनियों पर बाध्यकारी होते हैं.
- तथ्य जाँच इकाई (Fact Check Unit – FCU): इसके तहत सरकार से संबंधित फर्जी, भ्रामक या गलत सूचनाओं की पहचान करने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी को अधिकृत करने का प्रावधान किया गया है, ताकि सोशल मीडिया से ऐसी सामग्री को हटाया जा सके.
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP Act, 2023): यह अधिनियम नागरिकों के व्यक्तिगत डिजिटल डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा को विनियमित करता है.
- सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं का डेटा एकत्र करने से पहले स्पष्ट सहमति (Consent) लेनी होगी और वे इसका उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए कर सकते हैं जिसके लिए सहमति ली गई है. उल्लंघन पर ₹250 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है.
- दूरसंचार अधिनियम, 2023 (Telecommunications Act, 2023): यह कानून पुराने टेलीग्राफ अधिनियम को प्रतिस्थापित करता है और इंटरनेट आधारित कॉलिंग एवं मैसेजिंग ऐप्स (OTT Communication Apps) को विनियामक दायरे में लाने का मार्ग प्रशस्त करता है.
- राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति (National Cyber Security Strategy): देश के बैंकिंग, पावर ग्रिड और सरकारी डेटाबेस जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचे को साइबर हमलों से बचाने के लिए CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम) को नोडल एजेंसी के रूप में मजबूत किया गया है, जो किसी भी साइबर हमले की रिपोर्ट 6 घंटे के भीतर करना अनिवार्य बनाती है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 क्या हैं?
उत्तर: यह डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया (Social Media Regulations) और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को जवाबदेह बनाने तथा उपयोगकर्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए व्यापक विनियामक नियम हैं.
प्रश्न 2: IT Rules 2021 का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए एक मजबूत मंच देना और ऑनलाइन अवैध व भ्रामक सामग्री पर रोक लगाना है.
प्रश्न 3: सोशल मीडिया कंपनियों पर इन नियमों का क्या प्रभाव है?
उत्तर: कंपनियों को अनिवार्य रूप से भारत में स्थानीय अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी और नियमों का उल्लंघन करने पर वे कानूनी सुरक्षा (Safe Harbor) खो देंगी.
प्रश्न 4: इंटरमीडियरी गाइडलाइंस क्या हैं?
उत्तर: यह सोशल मीडिया मध्यस्थों के लिए दिशानिर्देश हैं, जिसके तहत उन्हें अदालती आदेश या सरकारी एजेंसी के निर्देश मिलने पर 36 घंटे के भीतर अवैध सामग्री हटानी होगी.
प्रश्न 5: डिजिटल मीडिया के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं?
उत्तर: डिजिटल समाचार और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए सामग्री का आयु-आधारित वर्गीकरण (जैसे U, A, UA 13+) और त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र लागू किया गया है.
प्रश्न 6: शिकायत निवारण अधिकारी की क्या भूमिका है?
उत्तर: भारत में नियुक्त इस स्थानीय अधिकारी का कार्य उपयोगकर्ताओं से प्राप्त शिकायतों को 24 घंटे में दर्ज करना और 15 दिनों के भीतर उनका विधिक समाधान करना है.
