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Clouded Leopard Conservation Action Plan- जानिए पूर्वोत्तर भारत में शुरू की गई इस योजना के बारे में

Clouded Leopard Conservation Action Plan- जानिए पूर्वोत्तर भारत में शुरू की गई इस योजना के बारे में 

Clouded Leopard Conservation Action Plan

संदर्भ:

हाल ही में भारत सरकार ने 4 अगस्त 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय क्लाउडेड लेपर्ड दिवस’ (International Clouded Leopard Day) के अवसर पर पूर्वोत्तर भारत में अत्यंत दुर्लभ क्लाउडेड लेपर्ड के संरक्षण हेतु एक क्लाउडेड लेपर्ड संरक्षण कार्य योजना (Clouded Leopard Conservation Action Plan – CAP) की शुरुआत की।

क्लाउडेड लेपर्ड संरक्षण कार्य योजना (Clouded Leopard Conservation Action Plan – CAP) के बारे में:

  • परिचय: यह पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) में पाए जाने वाले सबसे रहस्यमयी जंगली बिल्ली (Wild Cat) प्रजाति “क्लाउडेड लेपर्ड” के संरक्षण के लिए तैयार की गई भारत की पहली विज्ञान-आधारित समर्पित राष्ट्रीय कार्य योजना है। 
  • शुरुआत: इसकी घोषणा 4 अगस्त 2026 को की गई। इसके तकनीकी मसौदे को जुलाई 2026 में कोयंबटूर में आयोजित ‘राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड’ (National Board for Wild Life – NBWL) की स्थायी समिति की 91वीं बैठक में मंजूरी दी गई थी। 
  • संबंधित मंत्रालय: यह भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (Ministry of Environment, Forest and Climate Change) के तत्वावधान में संचालित है। 
  • तकनीकी विकासकर्ता: इस तकनीकी रिपोर्ट (Technical Report) को भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India – WII), देहरादून द्वारा तैयार किया गया है।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: यह योजना भारत सरकार, वैश्विक पर्यावरण सुविधा (Global Environmental Facility – GEF) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (United Nations Development Programme – UNDP) की ‘संयुक्त बिल्ली संरक्षण पहल’ (GOI-GEF-UNDP Project) के अंतर्गत विकसित की गई है।

योजना के मुख्य उद्देश्य:

  • पर्यावास सुरक्षा (Habitat Security): विखंडित हो रहे वनों को संरक्षित करना और उनके मूल पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना।
  • वैज्ञानिक निगरानी (Scientific Monitoring): आधुनिक तकनीकों के माध्यम से इस जीव की सटीक आबादी और वितरण का डेटा एकत्र करना।
  • स्थानीय सामुदायिक भागीदारी: वनों पर निर्भर समुदायों को संरक्षण के मुख्य स्तंभ के रूप में सशक्त बनाना।

विशेषताएं एवं घटक:

  • लैंडस्केप स्तर पर संरक्षण (Landscape Level Conservation): इस कार्य योजना के तहत पूरे पूर्वोत्तर भारत में 14 प्राथमिकता वाले संरक्षण परिदृश्यों (14 Priority Conservation Landscapes) की पहचान की गई है।
  • कॉरिडोर संरक्षण (Corridor Conservation): विभिन्न वनों के बीच खंडित हो चुके गलियारों (Forest Corridors) को पुनर्जीवित किया जाएगा ताकि यह जीव बिना किसी मानवीय बाधा के स्वतंत्र रूप से आ जा सके।
  • तकनीक-संचालित निगरानी: वन्यजीवों की ट्रैकिंग के लिए कैमरा ट्रैप (Camera Traps), ऑक्युपेन्सी सर्वे, आनुवंशिक विश्लेषण (Genetic Analysis) और पर्यावरणीय डीएनए (environmental DNA – eDNA) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
  • स्मार्ट FIELD पेट्रोलिंग: वन रक्षकों (Frontline Staff) की क्षमता निर्माण के लिए एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES) स्मार्ट मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग अनिवार्य किया गया है ताकि अवैध शिकार विरोधी अभियानों को सुदृढ़ किया जा सके।
  • संस्थानिक ढांचा और रिकवरी: केंद्र सरकार ने इस बिल्ली को वन्यजीव आवासों के एकीकृत विकास (IDWH) योजना के तहत संचालित प्रजाति पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम (Species Recovery Programme) में शामिल कर इसके बजटीय आवंटन को सुरक्षित किया है।
  • जलवायु लचीलापन (Climate Resilience): वनों पर जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के दीर्घकालिक प्रभावों का मुकाबला करने के लिए अनुकूलन प्रबंधन (Adaptive Management) को नीति में शामिल किया गया है।

महत्व:

  • पारिस्थितिकी तंत्र का स्वास्थ्य: क्लाउडेड लेपर्ड अपने पर्यावास में एक शीर्ष शिकारी (Apex Predator) की भूमिका निभाता है। इसका संरक्षण पूर्वोत्तर के वर्षावनों की समग्र जैव विविधता (Biodiversity) और जल सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने के लिए अनिवार्य है।
  • पार-सीमा सहयोग (Transboundary Cooperation): यह योजना भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ वन्यजीव गलियारों के समन्वय के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

क्लाउडेड लेपर्ड (Clouded Leopard) के बारे में:

  • वैज्ञानिक नाम: इसका वैज्ञानिक नाम नियोफेलिस नेबुलोसा (Neofelis nebulosa) है।
  • शारीरिक बनावट: इसके शरीर पर बड़े, बादलाकार (Cloud-shaped) धब्बे होते हैं, जिसके कारण इसे ‘क्लाउडेड लेपर्ड’ कहा जाता है। इसकी पूंछ इसके शरीर के बराबर लंबी होती है जो पेड़ों पर संतुलन बनाने में मदद करती है।
  • विशिष्ट गुण: सभी जीवित बिल्ली प्रजातियों में, अपने शरीर के अनुपात में इसके कैनिन दांत (Canine Teeth) सबसे लंबे होते हैं, जिसके कारण इसे आधुनिक युग का ‘साबरे-Tooth’ (Sabre-tooth) भी कहा जाता है।
    • यह पेड़ों पर उल्टा लटकने और नीचे की ओर सीधे उतरने में सक्षम दुनिया की दुर्लभतम बिल्लियों में से एक है।
  • IUCN रेड लिस्ट: यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की लाल सूची में लुप्तप्राय प्रजाति (Vulnerable Species) के रूप में वर्गीकृत है। वैश्विक स्तर पर इसकी वयस्क आबादी 10,000 से भी कम बची है।
  • WPA 1972: भारत में इसे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I (Wildlife Protection Act 1972 – Schedule I) के तहत पूर्ण विधिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके तहत इसके शिकार या व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है।
  • CITES: यह अंतरराष्ट्रीय लुप्तप्राय प्रजाति व्यापार कनवेंशन के परिशिष्ट-I (Appendix I) में सूचीबद्ध है, जो इसके किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक व्यापार को प्रतिबंधित करता है।
  • राजकीय प्रतीक: यह भारत के मेघालय राज्य का आधिकारिक राज्य पशु (State Animal of Meghalaya) है। 
  • वितरण: यह मुख्य रूप से दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के घने वनों में पाया जाता है।
    • भारत में यह मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा (पूर्वोत्तर के आठों राज्य) के साथ-साथ उत्तरी पश्चिम बंगाल (दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी) तथा बिहार के कुछ उत्तरी सीमांत जंगलों में बिखरी हुई छोटी आबादी में पाया जाता है।
  • उच्च तुंगता पर्यावास (High-Altitude Refugia): हालांकि यह उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावनों (Tropical Evergreen Rainforests) का विशेषज्ञ माना जाता है, लेकिन हाल के अध्ययनों से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यह हिमालय के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों (जैसे सिक्किम और मिजोरम) में भी देखा गया है।
  • प्रमुख खतरे:
    • वनों की कटाई और विखंडन (Deforestation and Fragmentation): झूम कृषि (Jhum Cultivation), बुनियादी ढांचा विकास और पाम ऑयल के बागानों के कारण इसके रहने योग्य घने जंगल तेजी से नष्ट हो रहे हैं।
    • अवैध शिकार (Poaching): इसकी खूबसूरत बादलाकार त्वचा (Skin), हड्डियों और दांतों के लिए चीनी पारंपरिक दवाओं के अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में इसकी भारी मांग है।
    • शिकार की कमी: जंगलों के घटने से इसके मुख्य भोजन जैसे छोटे हिरण, बंदर और पक्षियों की आबादी कम हो रही है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: Clouded Leopard Conservation Action Plan क्या है?

उत्तर: यह पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) में क्लाउडेड लेपर्ड और उसके विखंडित हो रहे आवासों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई पहली समर्पित राष्ट्रीय नीति है।

प्रश्न 2: अंतरराष्ट्रीय क्लाउडेड लेपर्ड दिवस (International Clouded Leopard Day) कब मनाया जाता है?

उत्तर: यह विशेष दिवस प्रतिवर्ष 4 अगस्त को मनाया जाता है ताकि इस दुर्लभ और शर्मीली बिल्ली प्रजाति के वैश्विक संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

प्रश्न 3: क्लाउडेड लेपर्ड की वर्तमान आईयूसीएन (IUCN) स्थिति क्या है?

उत्तर: क्लाउडेड लेपर्ड को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की लाल सूची (IUCN Red List) में लुप्तप्राय प्रजाति (Vulnerable Species) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

प्रश्न 4: भारत के किस राज्य का राजकीय पशु क्लाउडेड लेपर्ड है?

उत्तर: यह भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय का आधिकारिक राज्य पशु (State Animal of Meghalaya) है, जहाँ इसकी आबादी घने जंगलों में पाई जाती है।

प्रश्न 5: भारतीय कानूनों में इसे क्या विधिक सुरक्षा प्राप्त है?

उत्तर: इसे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I (Wildlife Protection Act 1972 – Schedule I) के तहत शामिल कर देश में सर्वोच्च विधिक सुरक्षा प्रदान की गई है।त्यापन कार्य सरल हो जाएगा.

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