National Biodiversity Authority- परिचय, स्थापना, संरचना और शक्तियां
संदर्भ:
हाल ही में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority – NBA) ने पहुंच और लाभ साझाकरण (Access and Benefit Sharing – ABS) तंत्र के तहत 33 राज्य जैव विविधता बोर्डों (SBBs) और राष्ट्रीय संस्थानों को ₹3.79 करोड़ वितरित किए।
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority – NBA) के बारे में:
- परिचय: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority) भारत सरकार का एक स्वायत्त और वैधानिक निकाय (Statutory Autonomous Body) है।
- यह देश में जैविक संसाधनों के सतत उपयोग और उनके वाणिज्यिक दोहन से होने वाले लाभों के न्यायसंगत वितरण को विनियमित करने वाली शीर्ष संस्था है।
- स्थापना: इस प्राधिकरण का गठन 1 अक्टूबर 2003 को किया गया था।
- इसकी स्थापना संसद द्वारा पारित जैविक विविधता अधिनियम, 2002 (Biological Diversity Act, 2002) की धारा 8 के तहत की गई थी।
- भारत ने 1992 में संयुक्त राष्ट्र के ‘जैव विविधता अभिसमय’ (Convention on Biological Diversity – CBD) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे घरेलू स्तर पर लागू करने के लिए यह अधिनियम बनाया गया।
- मंत्रालय: यह पूर्णतः पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (Ministry of Environment, Forest and Climate Change) के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है।
- मुख्यालय: इसका स्थायी मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
- संस्थागत संरचना: भारत में जैव विविधता शासन (Biodiversity Governance) को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने के लिए अधिनियम के तहत एक त्रि-स्तरीय विकेंद्रीकृत ढांचा स्थापित किया गया है:
- राष्ट्रीय स्तर: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) – नियामक एवं नीति निर्माण।
- राज्य स्तर: राज्य जैव विविधता बोर्ड (State Biodiversity Boards – SBBs) – क्षेत्रीय स्तर पर वाणिज्यिक उपयोग की निगरानी।
- स्थानीय स्तर: जैव विविधता प्रबंधन समितियां (Biodiversity Management Committees – BMCs) – पंचायतों और नगर पालिकाओं में स्थानीय जैव संसाधनों का दस्तावेजीकरण।
- सदस्य: एनबीए (NBA) में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त सदस्य शामिल होते हैं:
- अध्यक्ष (Chairperson): पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता प्रबंधन क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ।
- पदेन सदस्य (Ex-officio Members): कृषि, जनजातीय मामले, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान (CSIR) तथा वन विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले 8 अधिकारी।
- गैर-सरकारी सदस्य: संबंधित विषयों के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और पारंपरिक ज्ञान के धारकों में से नियुक्त 5 विशेषज्ञ।
- कार्यकाल: अध्यक्ष और गैर-सरकारी सदस्यों का कार्यकाल सामान्यतः 3 वर्ष का होता है।
- कार्य एवं शक्तियां:
- नियामक भूमिका (Regulatory Role): कोई भी विदेशी नागरिक या कॉर्पोरेट निकाय एनबीए की पूर्व अनुमति के बिना भारत के जैविक संसाधनों (Biological Resources India) या उनसे जुड़े पारंपरिक ज्ञान का अनुसंधान या वाणिज्यिक उपयोग नहीं कर सकता।
- बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर नियंत्रण: भारतीय जैव संसाधनों पर आधारित किसी भी आविष्कार के लिए पेटेंट या बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के आवेदन से पहले एनबीए की मंजूरी अनिवार्य है।
- बायोपायरेसी पर रोक: विदेशी मंचों पर भारतीय जैविक संसाधनों के अवैध दोहन (Biopiracy) और पेटेंट दावों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध करना।
- परामर्शदात्री भूमिका (Advisory Role): केंद्र सरकार को जैव विविधता संरक्षण नीतियों पर तथा राज्य सरकारों को जैव विविधता विरासत स्थल (Biodiversity Heritage Sites India) घोषित करने के मामलों में तकनीकी सलाह देना।
- हालिया योजनाएं:
- पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर (PBR): एनबीए के मार्गदर्शन में स्थानीय स्तर पर देश भर में लाखों पीबीआर (People’s Biodiversity Registers) तैयार किए गए हैं, जो स्थानीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- जैव विविधता विरासत स्थल: भारत में अब तक ओडिशा के गुप्तेश्वर वन सहित 45 से अधिक क्षेत्रों को विशिष्ट पारिस्थितिकी संरक्षण के लिए जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) अधिसूचित किया जा चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार का एक स्वायत्त वैधानिक निकाय है, जो जैविक संसाधनों के संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों के समान वितरण को विनियमित करता है।
प्रश्न 2: National Biodiversity Authority की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: एनबीए की स्थापना 1 अक्टूबर 2003 को चेन्नई (तमिलनाडु) में मुख्यालय के साथ की गई थी।
प्रश्न 3: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध जैविक विविधता का संरक्षण (Biodiversity Protection) करना और विदेशी संस्थाओं द्वारा इसके अनधिकृत दोहन को रोकना है।
प्रश्न 4: NBA भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए क्या काम करता है?
उत्तर: यह जैविक संसाधनों तक पहुंच को नियंत्रित करता है, सरकारों को नीतिगत सलाह देता है और जैव विविधता विरासत स्थलों (BHS) की पहचान करता है।
प्रश्न 5: Biological Diversity Act क्या है?
उत्तर: यह वर्ष 2002 में भारतीय संसद द्वारा पारित एक केंद्रीय पर्यावरण कानून है, जो जैविक विविधता अभिसमय (CBD) के सिद्धांतों को भारत में कानूनी रूप देता है।
प्रश्न 6: Access and Benefit Sharing क्या होता है?
उत्तर: यह एक कानूनी ढांचा (ABS Framework) है, जो यह सुनिश्चित करता है कि जैव संसाधनों के वाणिज्यिक उपयोग से होने वाला लाभ स्थानीय समुदायों और पारंपरिक ज्ञान धारकों को मिले।
