डिजिटल प्लेटफॉर्म “E-Samudra” लॉन्च, करेगा समुद्री प्रशासन आधुनिकीकरण
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा व्यापक एकीकृत समुद्री डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ई-समुद्र’ (E-Samudra) का भव्य शुभारंभ किया गया.
‘ई-समुद्र’ डिजिटल प्लेटफॉर्म (E-Samudra Platform):
- परिचय: ‘ई-समुद्र’ भारत के समुद्री क्षेत्र (Indian Shipping Sector) के लिए विकसित एक व्यापक, ‘डिजिटल-फर्स्ट और फेसलेस’ (Digital-First and Faceless) एकीकृत एकल-खिड़की पोर्टल (Single-Window Portal) है.
- उद्देश्य:
- एकीकृत सेवा वितरण: नाविकों, शिपिंग कंपनियों, बंदरगाहों और प्रशिक्षण संस्थानों के लिए सभी सेवाओं को एक ही मंच पर लाना.
- कारोबार में सुगमता (Ease of Doing Business): प्रशासनिक अनुपालन के बोझ और देरी को कम करके व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना.
- जीवन की सुगमता (Ease of Living): सक्रिय नाविकों (Seafarers) को समुद्र में रहते हुए भी बिना किसी कार्यालय जाए सरकारी सेवाओं तक सुलभ पहुँच प्रदान करना.
- नोडल मंत्रालय: यह भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (Ministry of Ports, Shipping and Waterways – MoPSW) की एक प्रमुख पहल है.
- कार्यान्वयनकर्ता संस्था: इसका विकास और संचालन समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (Directorate General of Maritime Administration – DGMA) द्वारा किया जा रहा है.
- तकनीकी सहयोगी: इस अत्याधुनिक प्रणाली के निर्माण में CMS कंप्यूटर्स इंडिया लिमिटेड (CMS Computers India Ltd) ने प्रौद्योगिकी भागीदार के रूप में कार्य किया है.
- विशेषताएं:
- व्यापक सेवा एकीकरण: यह मंच समुद्री हितधारकों के लिए 72 से अधिक डिजिटल सेवाओं को एकीकृत करता है.
- कागज-रहित प्रसंस्करण (Paperless Processing): आवेदनों को डिजिटल रूप से अपलोड करने से लेकर ऑनलाइन शुल्क भुगतान और डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र (Digitally Signed Certificates) जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया एंड-टू-एंड डिजिटल है.
- सुरक्षित अवसंरचना: यह डेटा सुरक्षा के लिए भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीतियों (Cyber Security Policies) का कड़ाई से अनुपालन करता है.
- मोबाइल उत्तरदायी (Mobile Responsive): इसे किसी भी समय, कहीं भी मोबाइल उपकरणों के माध्यम से एक्सेस करने योग्य बनाया गया है.
- डिजिटल नाविक रोजगार समझौता (d-SEA): इसके माध्यम से क्रू सदस्यों के लिए सत्यापन योग्य डिजिटल रोजगार अनुबंध जारी किए जाते हैं, जो उनके वेतन और श्रम मानकों की रक्षा करते हैं.
- रीअल-टाइम नाविक ट्रैकिंग डैशबोर्ड (Seafarer Tracking Dashboard): वैश्विक स्तर पर भारतीय नाविक चाहे किसी भी देश के जहाज पर तैनात हों, उनकी सुरक्षा और अवस्थिति पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकती है.
- 24×7 ई-नाविक (e-NAVIK) प्रणाली: यह एक शिकायत निवारण प्रणाली है जो समुद्र में फंसे नाविकों को आपातकालीन प्रतिक्रिया और चिकित्सा सहायता के लिए सीधे जोड़ती है.
- जहाज पंजीकरण मॉड्यूल (Ship Registration Module): स्वामित्व की घोषणा, कॉल साइन, और एमएमएसआई (MMSI) नंबर आवंटन की प्रक्रिया को कुछ क्लिक में ऑनलाइन पूरा करता है.
राष्ट्रीय और रणनीतिक महत्व:
- वैश्विक नेतृत्व सुदृढ़ करना: भारत वर्तमान में 3.23 लाख से अधिक सक्रिय कार्यबल के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नाविक आपूर्तिकर्ता देश बन चुका है. यह डिजिटल अवसंरचना इस बड़े कार्यबल को प्रबंधित करने में भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करती है.
- न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन: यह मंच ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ (Minimum Government, Maximum Governance) के सिद्धांत को चरितार्थ करता है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होता है और भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त होती है.
- सुरक्षा और भू-राजनीतिक लचीलापन: हालिया वैश्विक और लाल सागर जैसे क्षेत्रों में भू-राजनीतिक व्यवधानों के दौरान, डीजीएमए ने इसके माध्यम से 4,000 से अधिक फंसे हुए नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारतीय नौसेना और विदेश मंत्रालय के साथ बेहतरीन समन्वय स्थापित किया है.
- समावेशी कल्याणकारी नीतियां: इसके साथ ‘सागर में सम्मान’ (महिला नाविकों को वित्तीय और व्यावसायिक अवसर देना) तथा ‘सागर में योग’ (मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधार) जैसी दूरदर्शी कल्याणकारी योजनाओं को जोड़ा गया है.
- विज़न 2047 का आधार: यह पहल भारत के ‘मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030’ और ‘मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047’ के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने का एक डिजिटल इंजन है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: E-Samudra डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या है?
उत्तर: यह भारत के समुद्री क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यों, नाविक सेवाओं और जहाज पंजीकरण प्रक्रियाओं को एकीकृत करने वाला एक आधिकारिक ‘डिजिटल-फर्स्ट’ एकल-खिड़की पोर्टल है.
प्रश्न 2: E-Samudra प्लेटफॉर्म किसने लॉन्च किया?
उत्तर: इस ऐतिहासिक डिजिटल प्लेटफॉर्म को केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा 8 अगस्त 2026 को मुंबई में लॉन्च किया गया.
प्रश्न 3: E-Samudra का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य समुद्री प्रशासन का आधुनिकीकरण करना, कागजी प्रक्रियाओं को खत्म करना तथा नाविकों का कल्याण और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) सुनिश्चित करना है.
प्रश्न 4: E-Samudra प्लेटफॉर्म किन लोगों और संस्थाओं के लिए बनाया गया है?
उत्तर: यह भारत के नाविकों (Seafarers), शिपिंग कंपनियों, बंदरगाहों (Ports), भर्ती एजेंसियों और समुद्री प्रशिक्षण संस्थानों के लिए संयुक्त रूप से बनाया गया है.
प्रश्न 5: E-Samudra पर कौन-कौन सी सेवाएं उपलब्ध होंगी?
उत्तर: इस पर ऑनलाइन पोत पंजीकरण (Ship Registration), नाविक ट्रैकिंग, डिजिटल रोजगार समझौता (d-SEA), ऑनलाइन भुगतान और 72 से अधिक विनियामक सेवाएं उपलब्ध हैं.
प्रश्न 6: E-Samudra से नाविकों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: नाविकों को समुद्र में तैनात रहते हुए भी डिजिटल सेवाएं मिलेंगी, उनके अनुबंध सुरक्षित रहेंगे तथा ई-नाविक (e-NAVIK) के माध्यम से 24×7 शिकायत निवारण और चिकित्सा सहायता मिलेगी.
